यूपी-उत्तराखंड मानसून में बड़ा अपडेट: बारिश से बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ हेली सेवा अगले आदेश तक स्थगित

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Digital UP News Desk 

लखनऊ/देहरादून। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। गुरुवार सुबह से दोनों राज्यों के कई जिलों में हुई बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। उत्तर प्रदेश में जहां झमाझम बारिश और रुक-रुककर हो रही बूंदाबांदी से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं उत्तराखंड में लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर केदारनाथ हेली सेवा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक दोनों राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इसके मद्देनजर संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों से मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

आज से उत्तर प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार

उत्तर प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने के बाद राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में सुबह से बादलों का डेरा बना रहा। अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश भी हुई।

लगातार हो रही बारिश के कारण पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली। मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ ही अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। सुबह और दोपहर के समय मौसम सुहावना बना रहा, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का क्रम जारी रह सकता है।

बारिश से किसानों में बढ़ी उम्मीद – राहत मिलने के हैं आसार 

मानसून की बारिश ने किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी है। लंबे समय से वर्षा का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई में मदद मिलेगी।

विशेष रूप से धान, मक्का, बाजरा, तिल और दलहन जैसी खरीफ फसलों के लिए यह वर्षा लाभकारी मानी जा रही है। कई क्षेत्रों में खेतों में नमी बढ़ने से कृषि कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

हालांकि कृषि विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसान मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार ही खेती संबंधी निर्णय लें, ताकि अत्यधिक वर्षा या जलभराव की स्थिति में नुकसान से बचा जा सके।

6 जुलाई तक बेहतर मानसून की जताई गई है संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 6 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज वर्षा भी दर्ज की जा सकती है।

इसके साथ ही बादल छाए रहने और तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से बारिश के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

गुरुवार की तड़के सुबह से उत्तराखंड में मौसम ने बढ़ाई चुनौती

दूसरी ओर उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केदारनाथ हेली सेवा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है।

प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। लगातार खराब मौसम और दृश्यता कम होने के कारण हेलीकॉप्टर संचालन फिलहाल सुरक्षित नहीं माना गया।

डीजीसीए की सुरक्षा गाइडलाइन के अनुसार लिया गया यह फैसला

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हेलीकॉप्टर सेवाओं को रोकने का निर्णय डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) की सुरक्षा गाइडलाइन और मौसम की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

सभी हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों को अपने-अपने बेस पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम में सुधार और सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थिति बनने के बाद ही सेवा दोबारा शुरू करने पर विचार किया जाएगा।

श्रद्धालुओं के लिए की गई है वैकल्पिक व्यवस्था

हेली सेवा स्थगित होने के बाद केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को अब पारंपरिक मार्गों का उपयोग करना होगा। प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालु पैदल, खच्चर, टट्टू और पालकी के माध्यम से यात्रा जारी रख सकते हैं।

इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और आवश्यक सुविधाओं को सक्रिय रखने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

मौसम विभाग ने जारी किया है भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों में 4 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार वर्षा को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है।

पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और जलभराव जैसी स्थितियां उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने जारी की यह एडवाइजरी – जरूर पढ़ें 

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों के प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।

विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों से कहा गया है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में भी तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले स्थानों से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मानसून से मौसम में बदलाव, लेकिन सतर्कता भी जरूरी

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की बारिश जहां एक ओर गर्मी से राहत और कृषि के लिए लाभकारी साबित होती है, वहीं दूसरी ओर अत्यधिक वर्षा के दौरान सतर्कता भी आवश्यक होती है।

इसलिए नागरिकों, किसानों और यात्रियों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए और प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर प्रदेश में बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है और किसानों में बेहतर फसल की उम्मीद जगी है। वहीं उत्तराखंड में खराब मौसम के चलते केदारनाथ हेली सेवा एहतियातन अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक दोनों राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें और सुरक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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