कानपुर देहात में संचारी रोग नियंत्रण अभियान हुआ शुरू, आशा-आंगनबाड़ी करेंगी घर-घर जागरूकता अभियान
रिपोर्ट – बलराम चतुर्वेदी
कानपुर देहात: मानसून के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए कानपुर देहात में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 2026 का बुधवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर से आयोजित कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिग्विजय सिंह एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जय गोविन्द्र ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया। अभियान का उद्देश्य जनसामान्य को संचारी रोगों के प्रति जागरूक करना, स्वच्छता को बढ़ावा देना तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से रोगों की रोकथाम सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने नागरिकों से स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, जलभराव रोकने और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की। इसके साथ ही आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं एएनएम को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
पूरे जुलाई माह चलेगा विशेष अभियान
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जय गोविन्द्र ने बताया कि जनपद में 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान संचालित किया जाएगा। वहीं 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक दस्तक अभियान भी चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से स्वास्थ्यकर्मी प्रत्येक घर तक पहुंचकर लोगों को रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी देंगे।
उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नगर निकाय, ग्राम पंचायत, शिक्षा, पंचायती राज, बाल विकास एवं अन्य विभाग भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाएंगे। विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान को प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
मच्छरजनित रोगों से बचाव पर विशेष जोर
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिग्विजय सिंह ने कहा कि बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया तथा दिमागी बुखार जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यदि समय रहते सावधानी बरती जाए तो इन रोगों से काफी हद तक बचाव संभव है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा कहीं भी पानी जमा न होने दें। इसके अलावा पानी की टंकियों को ढककर रखें, कूलर एवं फ्रिज की ट्रे की नियमित सफाई करें तथा पुराने टायर, कबाड़ और टूटे बर्तनों में पानी जमा न होने दें।
उन्होंने यह भी कहा कि पूरी बांह के कपड़े पहनना, मच्छरदानी का उपयोग करना और स्वच्छ पेयजल का सेवन करना भी संक्रमण से बचाव के प्रभावी उपाय हैं।
आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम निभाएंगी महत्वपूर्ण भूमिका
अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम गांव-गांव तथा मोहल्लों में घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी देंगी।
इसके साथ ही वे परिवारों को व्यक्तिगत स्वच्छता, बच्चों के नियमित टीकाकरण, पोषण तथा दस्तक अभियान के उद्देश्यों के बारे में भी जागरूक करेंगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जनभागीदारी के बिना किसी भी जनस्वास्थ्य अभियान को पूरी तरह सफल नहीं बनाया जा सकता।
स्वच्छता पर रहेगा विशेष फोकस
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थलों, नालियों और जलभराव वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जाएगी।
इसके अलावा झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, एंटी लार्वा दवा का छिड़काव, फॉगिंग तथा अन्य आवश्यक गतिविधियां भी नियमित रूप से कराई जाएंगी। इन उपायों का उद्देश्य मच्छरों के प्रजनन को रोकना और संक्रमण फैलने की संभावना को कम करना है।
बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी ध्यान
अभियान के दौरान कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि बच्चों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करना, स्वच्छता के प्रति जागरूक करना तथा परिवारों को संतुलित पोषण के महत्व के बारे में जानकारी देना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
नागरिकों की भागीदारी को बताया आवश्यक
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपने घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
यदि लोग समय पर सफाई रखें, जलभराव न होने दें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, तो डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छरजनित रोगों के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
जनजागरूकता रैली से दिया स्वच्छता का संदेश
अभियान के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और संचारी रोगों से बचाव का संदेश दिया गया।
रैली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम तथा अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया और लोगों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की।
अनेक अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. सुखलाल वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. डी.के. सिंह, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. आई.एच. खान सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, चिकित्सक, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं एएनएम उपस्थित रहीं।
कानपुर देहात में शुरू हुआ संचारी रोग नियंत्रण अभियान 2026 मानसून के दौरान जनस्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। पूरे जुलाई माह चलने वाले इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ विभिन्न विभागों का समन्वय, घर-घर जनजागरूकता, स्वच्छता अभियान, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और दस्तक अभियान जैसी गतिविधियों के माध्यम से संचारी रोगों की रोकथाम का प्रयास किया जाएगा।
यदि नागरिक भी स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों का पालन करें, तो डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया तथा अन्य संचारी रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

