कानपुर: महापौर और नगर आयुक्त ने जोन-5 के पार्षदों संग की समीक्षा बैठक, श्रावण से पहले विकास कार्य तेज करने के निर्देश
रिपोर्टः विक्की रघुवंशी
कानपुर। शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने, नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा विभिन्न वार्डों में लंबित समस्याओं के समयबद्ध समाधान के उद्देश्य से नगर निगम मुख्यालय में महापौर एवं नगर आयुक्त की संयुक्त अध्यक्षता में जोन-5 के पार्षदों और नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियंत्रण, राजस्व, स्वास्थ्य, जलकल, मार्ग प्रकाश और उद्यान विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान वार्डवार समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक की शुरुआत करते हुए महापौर ने कहा कि सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड की प्रमुख समस्याओं और विकास कार्यों की जानकारी क्रमवार प्रस्तुत करें। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारी यह स्पष्ट करें कि इन समस्याओं के समाधान के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है और आगे की कार्ययोजना क्या होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए तथा प्रत्येक मामले का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
श्रावण मास की तैयारियों पर विशेष जोर
बैठक में महापौर ने बताया कि अगले दिन से श्रावण मास का शुभारंभ होने जा रहा है। इस दौरान शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसलिए नगर निगम को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करनी होंगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाबा आनंदेश्वर मंदिर (परमट), बाबा वनखंडेश्वर मंदिर (पी रोड), जागेश्वर मंदिर (नवाबगंज), सिद्धनाथ मंदिर (जाजमऊ) सहित अन्य प्रमुख मंदिरों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। इसके अलावा मंदिर परिसरों के आसपास नालियों पर हुए अतिक्रमण हटाए जाएं, फुटपाथ खाली कराए जाएं तथा गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध जुर्माने की कार्रवाई की जाए। वहीं मार्ग प्रकाश व्यवस्था को भी पूरी तरह दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पार्षदों ने उठाईं वार्डों की प्रमुख समस्याएं
बैठक में वार्ड-93 के पार्षद नवीन पंडित ने नगर निगम के खराब पड़े डीप फ्रीजरों की मरम्मत कर उन्हें सभी जोनों में उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने गोविंदपुरी पुल पर लगने वाली सब्जी मंडी से फैलने वाली गंदगी की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए नियमित सफाई दल तैनात करने की आवश्यकता बताई। साथ ही चालवा मार्केट में जलभराव की समस्या और बाजारों की खराब स्ट्रीट लाइटों को भी प्रमुख मुद्दा बताया।
इसी क्रम में वार्ड-72 की पार्षद वंदना शर्मा ने कहा कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। विशेष रूप से नौरैया खेड़ा नहर पटरी पर अंधेरा रहने से लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि कई बार पत्र भेजने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके अलावा उद्यान विभाग द्वारा स्वीकृत कार्य समय पर नहीं कराए जा रहे हैं तथा सफाई कर्मचारियों की संख्या भी अपर्याप्त है।
इस पर महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और उद्यान विभाग से जुड़े लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
धीमी कार्यप्रणाली पर पार्षदों ने जताई नाराजगी
वार्ड-55 की पार्षद अंजुली दीक्षित ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास कार्यों की गति काफी धीमी है। उन्होंने स्ट्रीट लाइट टीम की कार्यप्रणाली पर भी असंतोष जताया और सुपर सकर मशीन से नियमित सफाई कराने की मांग की। साथ ही पार्षदों द्वारा भेजे जाने वाले पत्रों एवं फाइलों के समयबद्ध निस्तारण की आवश्यकता पर बल दिया।
वहीं वार्ड-48 की पार्षद सरोज चड्ढा ने नालियों की सफाई, टूटी नालियों की मरम्मत तथा सेवानिवृत्त एवं मृतक कर्मचारियों के स्थान पर नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग रखी।
सीवर, नालियां और इंटरलॉकिंग बनी बड़ी समस्या
वार्ड-16 की पार्षद विद्या वर्मा ने बस्तियों में सीवर लाइन, टूटी नालियों और इंटरलॉकिंग सड़कों की समस्या उठाई। उन्होंने खाली पड़ी बीटों पर कर्मचारियों की तैनाती की भी मांग की।
इसी प्रकार वार्ड-53 की पार्षद नित्या बाजपेई ने खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता बताई। वार्ड-09 की पार्षद कविता चौहान ने भी अपने क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था और सफाई से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
नलकूप और नाले के निर्माण को लेकर चर्चा
वार्ड-02 की पार्षद कल्पना ने बताया कि मलिन बस्तियों में पर्याप्त सफाई कर्मचारी नहीं हैं। उन्होंने वर्ष 2021 में निर्मित नलकूप के अब तक चालू न होने पर चिंता व्यक्त की। साथ ही टूटी नालियों के कारण घरों में गंदा पानी भरने और चार माह पहले उद्घाटन किए गए नाले के निर्माण कार्य शुरू न होने का मुद्दा उठाया।
इस पर अधिशासी अभियंता ने बताया कि बरसात से पहले नाले की सफाई कराई जा चुकी है। हालांकि निर्माण स्थल संकरा होने के कारण कार्य में तकनीकी कठिनाई आ रही है। उन्होंने बताया कि अगस्त के पहले सप्ताह से निर्माण कार्य प्रारंभ करने की योजना है। वहीं मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया कि बरसात समाप्त होने के बाद पानी निकालकर नाले का निर्माण कराया जाएगा।
पार्क, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक सुविधाओं पर भी चर्चा
वार्ड-57 की पार्षद आरती त्रिपाठी ने पार्कों में लगी हाईमास्ट लाइटों के खराब होने और पार्षद निधि से स्वीकृत पार्कों के कार्य लंबित होने की जानकारी दी।
वार्ड-51 के पार्षद सुधीर यादव ने पूर्व में दिए गए प्रस्तावों की प्रगति रिपोर्ट मांगी। उन्होंने पार्कों की रंगाई-पुताई, ओपन जिम निर्माण, मरम्मत कार्य तथा शास्त्री चौक से सचान चौराहा तक ग्रीन बेल्ट सुधार कार्य में तेजी लाने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने नगर आयुक्त से पार्षदों से मिलने का नियमित समय निर्धारित करने का अनुरोध भी किया।
सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा प्रमुख रहा
बैठक में वार्ड-07 के पार्षद अनिल कुमार, वार्ड-67 के पार्षद देवेंद्र द्विवेदी, वार्ड-06 की पार्षद गुड़िया तथा वार्ड-20 के पार्षद नीरज रक्सेल सहित कई जनप्रतिनिधियों ने सफाई कर्मचारियों की कमी, नलकूपों के अधूरे कार्य, कूड़ा गाड़ियों की मरम्मत, उद्यान विभाग के लंबित कार्य, ट्रांसफार्मर हटाने और सार्वजनिक संपत्तियों पर अतिक्रमण जैसे विषय उठाए।
मुख्य अभियंता ने सभी पार्षदों को आश्वस्त किया कि आपातकालीन कार्यों से संबंधित फाइलों का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है और अन्य लंबित मामलों पर भी तेजी से कार्रवाई होगी।
नगर आयुक्त ने तय किया पार्षदों से मिलने का समय
बैठक के दौरान नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहा कि सभी आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक मंगलवार दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक पार्षदों से मुलाकात के लिए समय निर्धारित किया गया है, ताकि जनप्रतिनिधि सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत कर सकें।
महापौर ने दिए प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश
बैठक के समापन पर महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पार्षदों द्वारा उठाई गई सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। विशेष रूप से श्रावण मास के दौरान मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और यातायात सुचारु बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार एवं जगदीश यादव, महाप्रबंधक जलकल, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित सिंह गौर, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. निरंजन, जोनल अधिकारी अनुपम त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता कमलेश पटेल, नंद किशोर, राजेश कुमार, आर.के. पाल, दिवाकर भास्कर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इस समीक्षा बैठक के माध्यम से नगर निगम ने स्पष्ट संकेत दिया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के त्वरित समाधान और शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य करेगा। साथ ही श्रावण मास को देखते हुए धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिकता रहेगी।

