यूपी में 13,116 पंचायत सचिव पदों को मिली मंजूरी: हर ग्राम पंचायत में अलग सचिव तैनाती की है तैयारी

f20e8b40-3cf8-4111-82a2-eca9adb132ae

रिपोर्ट – विकास चौहान 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण प्रशासन को और अधिक प्रभावी तथा सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पंचायती राज विभाग से संबंधित एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेशभर में 13,116 नए ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई है। सरकार का उद्देश्य राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वतंत्र पंचायत सचिव की व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आए और ग्रामीण जनता को सरकारी सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सके।

यह निर्णय प्रदेश की लगभग 58 हजार ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है। वर्तमान में सचिवों की कमी के कारण बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों का कार्य अतिरिक्त प्रभार के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

हर ग्राम पंचायत में अलग सचिव तैनात करने की तैयारी

प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक स्वतंत्र पंचायत सचिव तैनात किया जाए। वर्तमान व्यवस्था में एक सचिव कई ग्राम पंचायतों का कार्य देखता है, जिसके कारण योजनाओं के संचालन, अभिलेखों के रखरखाव और विकास कार्यों की निगरानी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

सरकार का मानना है कि प्रत्येक पंचायत में अलग सचिव की नियुक्ति होने से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन संभव होगा तथा ग्रामीण नागरिकों को सेवाएं अधिक सुगमता से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

13,116 नए पदों के सृजन को मिली मंजूरी

बैठक में पंचायती राज विभाग के अंतर्गत कुल 13,116 नए ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई।

इन पदों के सृजन से विभाग में लंबे समय से बनी कर्मचारियों की कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने पर पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

तीन वर्षों में पूरी होगी भर्ती प्रक्रिया

सरकार की योजना के अनुसार यह भर्ती प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से तीन वर्षों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 4,372 पदों के सृजन और भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है। इसके बाद शेष पदों पर भी क्रमवार नियुक्तियां की जाएंगी।

चरणबद्ध भर्ती से विभाग को नए कर्मचारियों के प्रशिक्षण और तैनाती की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सुविधा मिलेगी।

वर्तमान व्यवस्था में अतिरिक्त प्रभार की चुनौती

वर्तमान में पंचायती राज विभाग में लगभग 16,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदेश की लगभग 42,000 ग्राम पंचायतों में स्वतंत्र पंचायत सचिव उपलब्ध नहीं हैं और अनेक कर्मचारियों को एक से अधिक पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ता है।

इस व्यवस्था के कारण कई बार विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रमाण पत्रों के सत्यापन, अभिलेखों के रखरखाव तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में विलंब की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

नई भर्ती के बाद इस अतिरिक्त प्रभार की समस्या में काफी कमी आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

यूनिफाइड कैडर बनाने का प्रस्ताव नहीं हुआ स्वीकार

बैठक में ग्राम पंचायत अधिकारी (VPO) और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के लिए एक संयुक्त या यूनिफाइड कैडर बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।

हालांकि, सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके परिणामस्वरूप दोनों सेवाओं का कैडर पहले की तरह अलग-अलग ही संचालित किया जाएगा। इससे दोनों विभागों की प्रशासनिक संरचना में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

ग्रामीण विकास योजनाओं को मिल सकती है गति

विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत सचिव ग्रामीण प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। वे विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन, पंचायत अभिलेखों के रखरखाव, विकास कार्यों की निगरानी तथा ग्रामीण नागरिकों को प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं।

यदि प्रत्येक पंचायत में स्वतंत्र सचिव उपलब्ध होंगे तो प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान, मनरेगा, जल संरक्षण, पंचायत विकास योजनाओं और अन्य सरकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भी तेजी आने की संभावना है।

रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

13,116 नए पदों के सृजन से युवाओं के लिए सरकारी सेवा में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और आवेदन तिथि संबंधी विस्तृत जानकारी सरकार द्वारा आधिकारिक भर्ती अधिसूचना जारी होने के बाद ही उपलब्ध होगी।

इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और संबंधित विभाग द्वारा जारी अधिसूचनाओं पर नियमित नजर बनाए रखें।

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

स्वतंत्र पंचायत सचिव नियुक्त होने से शिकायतों के निस्तारण, योजनाओं के क्रियान्वयन, पंचायत बैठकों के आयोजन, वित्तीय अभिलेखों के रखरखाव तथा जनसंपर्क कार्यों में भी सुधार आने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 13,116 नए ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) पदों के सृजन को मंजूरी देना ग्रामीण प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार की योजना के अनुसार भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी और पहले चरण में 4,372 पदों पर नियुक्ति की तैयारी की जाएगी।

यदि योजना निर्धारित समय के अनुसार लागू होती है, तो प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वतंत्र सचिव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ने, विकास योजनाओं को गति मिलने तथा ग्रामीण नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होने की संभावना है। हालांकि, भर्ती से संबंधित विस्तृत नियम और प्रक्रिया सरकार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

You may have missed