बांदा के बुलाकीपुर में जर्जर सड़क से ग्रामीण परेशान, 5 किमी मार्ग की मरम्मत की उठी मांग
रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा
बांदा: जिले की नरैनी तहसील क्षेत्र के ग्राम बुलाकीपुर में सड़क की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी बुलाकीपुर से सढ़ा तक करीब पांच किलोमीटर लंबी सड़क वर्तमान समय में जगह-जगह टूट चुकी है। सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को काफी सावधानी से गुजरना पड़ता है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क की मरम्मत कराकर आवागमन को सुगम बनाने की मांग की है।
पांच किलोमीटर सड़क की हालत खराब
ग्रामीणों के अनुसार, बुलाकीपुर से सढ़ा तक जाने वाली सड़क गांव के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, स्कूली बच्चे, किसान और वाहन चालक गुजरते हैं।
हालांकि, लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी स्थिति खराब होती जा रही है। जगह-जगह बने गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के समय इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे सड़क और गड्ढे के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
गांव के अजीम, इमरान अली, मुबीन खान और समाजसेवी एवं पत्रकार युसुफ खान ने सड़क की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह मार्ग अब लोगों की सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि ई-रिक्शा, टेंपो, बाइक, ट्रैक्टर और अन्य वाहन इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। खराब सड़क के कारण वाहन चालकों को कई बार रास्ता बदलकर या सड़क के किनारे से होकर निकलना पड़ता है।
इसके अलावा, बारिश के समय कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी होती है।
बच्चों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब होने का सबसे अधिक असर गांव के बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ रहा है।
स्कूल जाने वाले बच्चों को खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश के दिनों में कीचड़ और पानी के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वहीं, गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी होने की बात ग्रामीणों ने कही है। ग्रामीणों का कहना है कि बेहतर सड़क सुविधा न होने से आपात स्थिति में समय पर मदद पहुंचना चुनौती बन जाता है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास और बेहतर सुविधाओं के वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में गांवों की मूलभूत समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कराकर सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच करे और जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव की जांच की मांग
मौके का निरीक्षण करने पहुंचे समाजसेवी एवं पत्रकार युसुफ खान ने जिलाधिकारी से सड़क की स्थिति को गंभीरता से लेने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी इस सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव की जांच होनी चाहिए। यदि निर्माण या देखरेख में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए जल्द से जल्द सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद
ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन उनकी समस्या का जल्द समाधान करेगा। लोगों का कहना है कि मजबूत और सुरक्षित सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है।
बेहतर सड़क सुविधा मिलने से जहां ग्रामीणों का आवागमन आसान होगा, वहीं बच्चों की शिक्षा और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी।
ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण या मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए मजबूर होंगे।
हालांकि, ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल बेहतर सड़क सुविधा की है, ताकि गांव के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।
बांदा के बुलाकीपुर से सढ़ा तक करीब पांच किलोमीटर लंबी सड़क की खराब स्थिति ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। बारिश के मौसम में जलभराव और गड्ढों के कारण लोगों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की मरम्मत, गुणवत्ता जांच और स्थायी समाधान की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या के समाधान के लिए कितनी जल्द कदम उठाता है।

