हापुड़ ब्रजघाट कांवड़ यात्रा तैयारी: अव्यवस्थाओं पर कमिश्नर नाराज, अधिकारियों को दिए सुधार के निर्देश
हापुड़ः उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में मेरठ मंडल के कमिश्नर IAS भानु चंद्र गोस्वामी ने हापुड़ जिले के गंगा नगरी ब्रजघाट पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उनके साथ DIG कलानिधि नैथानी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान घाट पर व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
कांवड़ यात्रा को प्रदेश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य गंगा घाटों से जल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि यात्रा मार्ग, घाटों, पार्किंग, साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को बेहतर रखा जाए। इसी उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारी लगातार अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
ब्रजघाट पहुंचकर कमिश्नर ने देखीं व्यवस्थाएं
जानकारी के अनुसार, IAS भानु चंद्र गोस्वामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने हापुड़ जिले के ब्रजघाट पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाट क्षेत्र में मौजूद व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली।
हालांकि, मौके पर कुछ व्यवस्थाएं अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर कमिश्नर नाराज हो गए। उन्होंने नगर पालिका के EO (अधिशासी अधिकारी) से तैयारियों को लेकर सवाल किए और मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि इतनी बड़ी धार्मिक यात्रा के लिए व्यवस्थाएं पहले से बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, श्रद्धालुओं की सुविधा और अन्य जरूरी इंतजामों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
DM के सामने EO नगर पालिका को लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान हापुड़ की जिलाधिकारी कविता मीणा भी मौजूद थीं। कमिश्नर ने उनके सामने ही नगर पालिका के EO को व्यवस्थाओं में कमी को लेकर फटकार लगाई।
उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि तैयारी के नाम पर पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आखिर निरीक्षण के लिए उन्हें क्या दिखाया जा रहा है, जबकि जमीन पर स्थिति अलग दिखाई दे रही है।
कमिश्नर की नाराजगी का मुख्य कारण ब्रजघाट क्षेत्र में व्यवस्थाओं की कमी बताई गई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु विभिन्न मार्गों से गुजरते हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
ब्रजघाट गंगा तट धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसलिए घाट पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा इंतजामों का बेहतर होना बेहद जरूरी है।
कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और समय रहते व्यवस्थाओं को पूरा करें।
निरीक्षण के बाद अधिकारियों में बढ़ी सक्रियता
कमिश्नर की नाराजगी के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों में सक्रियता बढ़ गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह नियमित रूप से मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करें और कमियों को दूर करें।
प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए कई स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार यात्रा मार्गों का निरीक्षण कर रहे हैं।
इसके अलावा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी विशेष योजनाएं तैयार की जा रही हैं। ताकि यात्रा के दौरान किसी भी स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के संकेत
कमिश्नर द्वारा मौके पर नाराजगी जताने को प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा जैसी बड़ी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस तरह के निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां निकालना नहीं, बल्कि समय रहते व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना होता है। इसलिए संबंधित विभागों को जल्द से जल्द आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
हापुड़ के ब्रजघाट में कांवड़ यात्रा की तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे मेरठ कमिश्नर IAS भानु चंद्र गोस्वामी ने व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सभी इंतजाम समय पर पूरे किए जाएं।
कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजन में प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में बेहतर समन्वय, समय पर तैयारी और नियमित निगरानी से ही यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

