गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी का आयोजित हुआ जनता दर्शन, पढ़ें अधिकारियों को जनसमस्याओं के दिए यह निर्देश

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Digital UP News Desk

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और प्रशासनिक समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनता दर्शन कार्यक्रम प्रदेश सरकार की जनसुनवाई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिलता है। यही कारण है कि प्रत्येक जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और सुझाव लेकर पहुंचते हैं।

एक-एक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी फरियादियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। यदि किसी मामले में तत्काल कार्रवाई संभव है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए, जबकि जटिल मामलों में निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन के दौरान मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता दिखाई जाए।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में कई विभागों का समन्वय आवश्यक हो, वहां सभी विभाग आपसी सहयोग से शीघ्र कार्रवाई करें। इससे आम नागरिकों को समय पर राहत मिल सकेगी।

विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं आईं सामने

जनता दर्शन में भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, पुलिस प्रशासन, चिकित्सा सुविधा, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, पेंशन, शिक्षा, आवास, सड़क, बिजली और अन्य जनहित से जुड़े अनेक मामलों की शिकायतें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गईं।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जांच कर पात्र लोगों को नियमानुसार लाभ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।

संवेदनशीलता और जवाबदेही पर दिया जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि जनसेवा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि नैतिक दायित्व भी है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करे और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने।

उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। ऐसे में अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पात्र लोगों को किसी भी योजना का लाभ लेने में अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

जनता दर्शन बना सीधा संवाद का माध्यम

प्रदेश में मुख्यमंत्री का जनता दर्शन कार्यक्रम सरकार और आम नागरिकों के बीच सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम बन चुका है। इस कार्यक्रम के जरिए लोग अपनी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकते हैं, जिससे कई मामलों का त्वरित समाधान संभव हो पाता है।

इस प्रकार की जनसुनवाई व्यवस्था प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करती है और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।

पारदर्शी प्रशासन पर सरकार का जोर

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है। जनता दर्शन जैसे कार्यक्रम इसी प्रयास का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण के बाद संबंधित आवेदक को इसकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।

जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा भी

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने विशेष रूप से कमजोर वर्ग, बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता दर्शन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उसकी प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों को शीघ्र निस्तारित कर नागरिकों को राहत प्रदान की जाए।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनके शीघ्र एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है।

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