कानपुर में आंधी-बारिश से रैदास नगर बस्ती में जलभराव का कहर: दीवार गिरने से 12 घर ढहे, NDRF ने किया रेस्क्यू

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रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा 

कानपुर: मंगलवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया। सबसे अधिक असर रैदास नगर बस्ती में देखने को मिला, जहां भारी जलभराव के कारण एक मकान की दीवार गिर गई। इसके बाद आसपास बनी कई झोपड़ियां और कच्चे मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के समय कई लोग मलबे में दब गए, जिन्हें दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जलभराव की मुख्य वजह क्षेत्र में क्षतिग्रस्त नाला बताया जा रहा है। लगातार हुई बारिश के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी, जिससे कुछ ही घंटों में बस्ती की गलियों और घरों में कई फुट तक पानी भर गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर राहत कार्य शुरू कर दिया है।

कई फुट पानी भरने से बिगड़े हालात

मंगलवार शाम तेज बारिश के दौरान रैदास नगर बस्ती में जलभराव तेजी से बढ़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ ही समय में पानी घरों के भीतर घुसने लगा। कई स्थानों पर जलस्तर इतना बढ़ गया कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का समय तक नहीं मिला।

इसी दौरान एक मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने से आसपास बनी झोपड़ियों और कच्चे घरों को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।

दमकल और NDRF ने चलाया राहत अभियान

सूचना मिलते ही दमकल विभाग, स्थानीय पुलिस और NDRF की टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

राहत कार्य के दौरान प्राथमिकता उन परिवारों को दी गई जिनके घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। टीम ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखी।

प्रशासन ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य समय रहते शुरू कर दिए गए, जिससे संभावित बड़ा नुकसान टल गया।

25 मकान प्रभावित, 12 घर पूरी तरह ढहे

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस घटना से लगभग 25 मकान प्रभावित हुए हैं। इनमें से 12 मकान और झोपड़ियां पूरी तरह ढह गईं, जबकि कई अन्य मकानों की दीवारों और छतों में दरारें आ गई हैं।

सुरक्षा की दृष्टि से क्षतिग्रस्त मकानों के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। प्रशासन ने भवनों का तकनीकी निरीक्षण कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि आगे किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।

क्षतिग्रस्त नाले को बताया जा रहा कारण

स्थानीय लोगों का कहना है कि बस्ती के पास स्थित नाला लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। बारिश के दौरान पानी की निकासी नहीं होने के कारण पूरा इलाका जलमग्न हो गया।

निवासियों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी जलनिकासी की समस्या को लेकर संबंधित विभागों को अवगत कराया था। उनका कहना है कि यदि समय रहते नाले की मरम्मत हो जाती, तो इतनी गंभीर स्थिति शायद नहीं बनती।

हालांकि, प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने और जलनिकासी व्यवस्था का आकलन करने की बात कही है।

कई परिवारों की गृहस्थी हुई बर्बाद

जलभराव के कारण अनेक परिवारों के घरों में रखा सामान पूरी तरह खराब हो गया। प्रभावित लोगों के अनुसार, घरों में रखा राशन, कपड़े, बिस्तर, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पानी में डूब गए।

स्थानीय निवासियों नसीमा, फातिमा, पप्पू पाल, छोटे लाल, राष्ट्रपति, मोहम्मद शेख, मोहम्मद नजीर, खुर्शीदा सईद, विनोद और जीशान सहित कई परिवारों ने बताया कि उनके घरों में पानी भरने से वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी को भारी नुकसान पहुंचा है।

प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन

घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और नुकसान का सर्वे शुरू कराया। अधिकारियों ने कहा कि जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनका विवरण तैयार किया जा रहा है।

इसके साथ ही राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे क्षतिग्रस्त भवनों में बिना अनुमति प्रवेश न करें।

बारिश के मौसम में बढ़ जाती है चुनौती

विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था मजबूत न होने पर भारी बारिश के दौरान इस प्रकार की समस्याएं सामने आती हैं। यदि नालों की नियमित सफाई और मरम्मत समय पर की जाए, तो जलभराव की घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

इसके अलावा संवेदनशील इलाकों की पहले से पहचान कर वहां अतिरिक्त निगरानी और आपदा प्रबंधन की व्यवस्था भी आवश्यक मानी जाती है।

राहत और पुनर्वास पर रहेगा फोकस

स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त मकानों का तकनीकी परीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि बारिश के मौसम को देखते हुए जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सुधार कार्यों की भी योजना बनाई जा रही है।

कानपुर के रैदास नगर में मंगलवार शाम हुई तेज आंधी और बारिश ने कई परिवारों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी। जलभराव के कारण एक मकान की दीवार गिरने से 12 घर ढह गए और 25 मकान प्रभावित हुए। हालांकि, दमकल विभाग और NDRF की त्वरित कार्रवाई से मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अब प्रशासन नुकसान का आकलन कर राहत और पुनर्वास कार्यों को आगे बढ़ा रहा है। वहीं स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाएगी।

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