गाजीपुर में सपा सांसद अफजाल अंसारी पर दर्ज हुई एक और FIR, पढ़िए किस मामले में पुलिस जांच तेज

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Digital UP News Desk

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अफजाल अंसारी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान उनके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला शस्त्र लाइसेंस जारी करने और उससे संबंधित दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी के साथ पुलिस ने तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध अभिलेखों तथा भौतिक सत्यापन के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

सदर कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा

जानकारी के अनुसार, गाजीपुर सदर कोतवाली में सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ शस्त्र लाइसेंस में कथित अनियमितता के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।

इसके साथ ही तत्कालीन शस्त्र लिपिक गौरीशंकर लाल और सुग्रीव तिवारी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दस्तावेजों के रखरखाव और प्रक्रिया के पालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया की हो रही गहन जांच

पुलिस के अनुसार, पूरे प्रकरण में शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की विस्तार से जांच की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि लाइसेंस जारी करने, नवीनीकरण तथा अभिलेखों के रखरखाव के दौरान निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि किसी स्तर पर दस्तावेजों में हेरफेर अथवा रिकॉर्ड छिपाने जैसी कोई अनियमितता हुई या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

पत्रावलियां छिपाने का भी आरोप

एफआईआर में यह आरोप भी शामिल किया गया है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से शस्त्र लाइसेंस से संबंधित पत्रावलियों को छिपाने का प्रयास किया गया। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है और आवश्यक अभिलेखों की जांच की जा रही है।

हालांकि, संबंधित पक्षों की ओर से इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष आने तक मामले को कानूनी प्रक्रिया के दायरे में देखा जा रहा है।

51 लाइसेंस और 145 असलहों का सत्यापन

पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम वर्तमान में शस्त्र लाइसेंसों का व्यापक भौतिक सत्यापन कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 51 शस्त्र लाइसेंस और उनसे जुड़े 145 असलहों का सत्यापन किया जा रहा है।

इस प्रक्रिया के दौरान लाइसेंस धारकों के रिकॉर्ड, हथियारों की उपलब्धता, दस्तावेजों की वैधता तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं का मिलान किया जा रहा है। यदि जांच में किसी प्रकार की अतिरिक्त अनियमितता सामने आती है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्तार अंसारी गैंग और परिजनों से जुड़े लाइसेंस भी जांच के दायरे में

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां मुख्तार अंसारी गैंग और उससे जुड़े लोगों के शस्त्र लाइसेंसों की भी जांच कर रही हैं। इसके अलावा परिवार से जुड़े कुछ लाइसेंस भी सत्यापन प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि जांच का उद्देश्य किसी विशेष व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सभी संबंधित अभिलेखों का निष्पक्ष परीक्षण करना है ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई हो तो उसे कानून के अनुसार संबोधित किया जा सके।

अब तक दर्ज हो चुकी है पांचवीं FIR

इस पूरे प्रकरण में पुलिस द्वारा यह पांचवीं एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक एफआईआर उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में मिले दस्तावेजों के आधार पर दर्ज की गई है। वहीं, आगे भी यदि कोई नई जानकारी सामने आती है तो उसके अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

कानूनी प्रक्रिया पर रहेगा पूरा फोकस

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होना जांच प्रक्रिया का एक हिस्सा है। किसी भी मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर ही लिया जाता है। इसलिए जब तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।

इसी कारण पुलिस भी फिलहाल साक्ष्य जुटाने, दस्तावेजों की जांच और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

गाजीपुर में शस्त्र लाइसेंस अनियमितता मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में सपा सांसद अफजाल अंसारी सहित कुछ पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं 51 शस्त्र लाइसेंस और 145 असलहों का भौतिक सत्यापन भी जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।