बांदा में JDU ने तिंदवारी नगर पंचायत पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, डीएम से उच्चस्तरीय जांच की मांग
रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा
बांदा: जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU ने तिंदवारी नगर पंचायत में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और जनसमस्याओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। सोमवार को JDU महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष पिंकी प्रजापति के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नगर पंचायत के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है और कई जनसमस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। JDU ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
विकास कार्यों की गुणवत्ता और अधूरे निर्माण पर सवाल
JDU पदाधिकारियों ने ज्ञापन में नगर पंचायत क्षेत्र में सड़क और निर्माण कार्यों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। संगठन ने मांग की कि कबीर नगर में श्मशान घाट के पास और अच्छे लाल वाल्मीकि वाले मार्ग का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए।
इसके अलावा नगर पंचायत कार्यालय के सामने वर्ष 2024 में उद्घाटन किए गए रास्ते के अब तक अधूरे पड़े होने का मामला भी उठाया गया। JDU का कहना है कि अधूरे विकास कार्यों के कारण स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए प्रशासन को इन कार्यों की समीक्षा कराकर जल्द पूरा कराने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
जनसुविधाओं को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
ज्ञापन में नगर क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों को भी शामिल किया गया। JDU ने नगर में घूम रहे आवारा गोवंशों को पकड़कर गौशाला में संरक्षित करने की मांग की।
साथ ही राम नगर में पानी की टंकी के पास युवाओं के लिए खेल मैदान और आधुनिक लाइब्रेरी बनवाने की मांग रखी गई। संगठन ने कहा कि युवाओं और छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से क्षेत्र में शिक्षा और खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा पुराने नगर पंचायत कार्यालय परिसर में छात्रों के अध्ययन के लिए व्यवस्था कराने की भी मांग की गई, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
पेंशन और नाला व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया
JDU ने गरीब, वृद्ध, विधवा और दिव्यांग लोगों की रुकी हुई पेंशन का मामला भी जिलाधिकारी के सामने रखा। संगठन ने मांग की कि पात्र लाभार्थियों की लंबित पेंशन प्रक्रिया को जल्द पूरा कराया जाए।
इसके अलावा शंकर नगर में बंद पड़े नाले की जांच कराकर उसे सुचारू कराने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि जल निकासी व्यवस्था बेहतर होने से लोगों को राहत मिलेगी और नगर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होगा।
पिछले तीन वर्षों के निर्माण कार्यों की जांच की मांग
ज्ञापन में JDU ने पिछले तीन वर्षों में नगर पंचायत क्षेत्र में हुए सभी निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन ने विशेष रूप से खराब हुए नालों की Technical Audit Cell से जांच कराने की मांग रखी।
इसके अलावा श्मशान घाट की बाउंड्रीवाल और बुधन तालाब के निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच कराने की भी मांग की गई। JDU का कहना है कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित होना आवश्यक है।
वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, जांच की मांग
JDU ने नगर पंचायत में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में नियमों की अनदेखी कर आर्थिक लाभ पहुंचाया जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि सफाई कर्मचारियों से उनके निर्धारित कार्यों के बजाय अन्य कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही इन आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा की मांग
ज्ञापन में JDU ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं को कथित रूप से धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने प्रशासन से ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
इसके साथ ही सब्जी मंडी क्षेत्र में गरीब दुकानदारों को नोटिस देकर दुकान हटाने की शिकायत भी ज्ञापन में शामिल की गई। JDU ने मांग की कि गरीब व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन उचित समाधान निकाले।
JDU ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की
JDU बांडा महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष पिंकी प्रजापति ने कहा कि नगर पंचायत में हो रही कथित अनियमितताओं के कारण जनता का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि जनता को राहत मिल सके और विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे कार्यकर्ता
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के दौरान JDU के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें सौरभ, शशिकांत, रवि, सत्यम, दुर्गेश शर्मा, रमेश गुप्ता और आशा देवी सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में जांच या कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर जिलाधिकारी स्तर से होने वाली आगामी कार्रवाई पर है।
तिंदवारी नगर पंचायत से जुड़े विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर JDU ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। संगठन ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, जबकि प्रशासनिक जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

