मुड़िया पूर्णिमा मेले में राधाकुंड स्थित आश्रम में लगी प्रदर्शनी, जनजागरण अभियान के तहत पहुंचाया गया संदेश
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में आयोजित मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की प्रदर्शनी लगाई गई। राधाकुंड स्थित श्री गुरु कार्ष्णि बृजनन्द उदासीन आश्रम में आयोजित इस प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर विभिन्न ऐतिहासिक सामग्री का अवलोकन किया।
आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनी का उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि के इतिहास, उपलब्ध दस्तावेजों और न्यायालय में विचाराधीन श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना था। मुड़िया पूर्णिमा मेले में गिरिराज महाराज की परिक्रमा के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच यह प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी रही।
साधु-संतों ने किया प्रदर्शनी का शुभारंभ
प्रदर्शनी का आयोजन श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में चलाए जा रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत किया गया।
राधाकुंड स्थित श्री गुरु कार्ष्णि बृजनन्द उदासीन आश्रम के संस्थापक स्वामी श्री रविन्द्रानंद जी महाराज ने पंपलेट वितरण कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वामी विश्वात्मानंद जी महाराज और संत श्यामानंद जी महाराज सहित अन्य साधु-संत मौजूद रहे।
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं को प्रदर्शनी में रखी गई सामग्री के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, सूचना पत्रों के माध्यम से अभियान से संबंधित तथ्यों को भी लोगों तक पहुंचाया गया।
ऐतिहासिक दस्तावेजों और ग्रंथों पर आधारित रही प्रदर्शनी
प्रदर्शनी में विभिन्न ऐतिहासिक ग्रंथों, अभिलेखों और दस्तावेजों के आधार पर तैयार सामग्री प्रदर्शित की गई। आयोजकों ने बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मभूमि के इतिहास और इससे जुड़े विभिन्न संदर्भों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रदर्शनी में आने वाले श्रद्धालुओं को बताया गया कि संबंधित पक्ष न्यायालय में उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके अलावा, न्यायालय में विचाराधीन मामले की प्रक्रिया और उससे जुड़े पहलुओं की जानकारी भी दी गई।
लाखों श्रद्धालुओं तक पहुंचा अभियान का संदेश
मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान गिरिराज महाराज की परिक्रमा के लिए देशभर से श्रद्धालु गोवर्धन पहुंचे। इसी दौरान परिक्रमा मार्ग पर लगाई गई प्रदर्शनी में दिनभर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रही।
आयोजकों का कहना है कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं तक जनजागरण अभियान का संदेश पहुंचाने में प्रदर्शनी महत्वपूर्ण माध्यम बनी। श्रद्धालुओं ने प्रदर्शित सामग्री को देखा और विषय से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
महेंद्र प्रताप सिंह ने न्यायिक प्रक्रिया का किया उल्लेख
हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान आयोजित यह प्रदर्शनी लोगों तक ऐतिहासिक तथ्यों और दस्तावेजों की जानकारी पहुंचाने का माध्यम बनी है।
उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है और संबंधित पक्ष अपने दस्तावेज एवं तर्क न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभियान को संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे ऐतिहासिक विषयों को प्रमाणिक स्रोतों के माध्यम से समझें और जानकारी प्राप्त करें।
श्रद्धालुओं को बांटे गए सूचना पत्र
प्रदर्शनी स्थल पर श्रद्धालुओं को पंपलेट वितरित किए गए। इनमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों, न्यायालय में लंबित वाद और जनजागरण अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी गई थी।
परिक्रमा मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रदर्शनी स्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां रखी गई सामग्री का अवलोकन किया और विषय से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
संतों ने इतिहास को समझने की अपील की
स्वामी श्री रविन्द्रानंद जी महाराज ने कहा कि ऐतिहासिक विषयों की जानकारी समाज तक पहुंचना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में प्रस्तुत सामग्री विभिन्न पुस्तकों और प्रमाणिक स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि किसी भी ऐतिहासिक विषय को समझने के लिए प्रमाणिक दस्तावेजों और स्रोतों का अध्ययन करना चाहिए।
आयोजन में सहयोगियों ने निभाई जिम्मेदारी
प्रदर्शनी के संचालन में आश्रम से जुड़े भक्तों और सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुनील सिंह, निर्मला सिंह, सोनिया, सुनीता, शिखा सिंह, शिवम कुमार, विशाल सिंह, कान्हा, रवि कुमार, मोनू चौधरी, दिलीप चौधरी और धर्म सिंह सहित अन्य सहयोगियों ने व्यवस्था संभालने और श्रद्धालुओं को जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग किया।
आस्था और जानकारी का केंद्र बनी प्रदर्शनी
मुड़िया पूर्णिमा मेले की धार्मिक आस्था के बीच आयोजित यह प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी रही। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े ऐतिहासिक विषयों और न्यायालय में विचाराधीन मामले की जानकारी लोगों तक पहुंचाना था।
वहीं, श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होगा।
फिलहाल, गोवर्धन में आयोजित इस प्रदर्शनी के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विषयों की जानकारी पहुंचाई गई।

