चालान से परेशान ऑटो चालकों ने डीएम से लगाई गुहार, स्थायी स्टैंड बनाने की मांग
रिर्पोट-हर्ष वर्मा
फर्रुखाबाद। शहर के ऑटो रिक्शा चालक और वाहन मालिक सोमवार को अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा किए जा रहे भारी-भरकम चालानों पर नाराजगी जताई। चालकों का कहना है कि छोटी-छोटी कमियों पर भी हजारों रुपये के चालान किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
ज्ञापन के माध्यम से डीएम से लगाई गुहार
ज्ञापन में ऑटो चालकों ने आरोप लगाया कि कई मामलों में बिना पूर्व सूचना के डिजिटल माध्यम से चालान जारी कर दिए जाते हैं। ऐसे चालानों की जानकारी उन्हें काफी समय बाद तब मिलती है, जब वे परिवहन विभाग में वाहन के दस्तावेजों का नवीनीकरण या अन्य कार्य कराने पहुंचते हैं। इस कारण उनके आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो जाते हैं और अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है।चालकों ने प्रशासन से मांग की कि दस्तावेजों में यदि कोई कमी हो तो तत्काल भारी चालान करने के बजाय पहले उन्हें सुधार के लिए उचित समय दिया जाए। उनका कहना है कि नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन छोटी त्रुटियों पर सीधे हजारों रुपये का चालान करना न्यायसंगत नहीं है।
चालान के चलते पैदा हो रहा है आर्थिक संकट
ऑटो चालकों ने बताया कि वर्तमान समय में महंगाई लगातार बढ़ रही है, जबकि उनकी आमदनी सीमित है। रेलवे स्टेशन से फतेहगढ़ तक सवारियां ढोकर ही अधिकांश चालक अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में ₹2,000 से ₹12,000 तक के चालान उनके लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर रहे हैं। उनका कहना है कि एक ओर ईंधन और वाहन रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर लगातार चालान होने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
स्थायी ऑटो स्टैंड बनाए जाने की भी मांग
ज्ञापन में चालकों ने रेलवे स्टेशन से फतेहगढ़ के बीच ऑटो संचालन को व्यवस्थित करने के लिए स्थायी ऑटो स्टैंड बनाए जाने की भी मांग की। उनका कहना है कि निर्धारित स्टैंड नहीं होने के कारण ऑटो चालकों को इधर-उधर खड़ा होना पड़ता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
ई-रिक्शा के लिए अलग रूट निर्धारित करने की मांग
इसके अलावा उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ई-रिक्शा के लिए अलग रूट निर्धारित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि यदि ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन के लिए अलग-अलग व्यवस्था बनाई जाए तो सड़क पर जाम की समस्या कम होगी और दोनों वर्गों के वाहन चालकों को भी सुविधा मिलेगी।
जल्द ही समस्या का समाधान लिकालने की मांग
ऑटो चालकों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उचित समाधान निकालेगा। उनका कहना है कि प्रशासन और वाहन चालकों के बीच बेहतर समन्वय से यातायात व्यवस्था भी सुधरेगी और चालकों की आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।ज्ञापन पर बड़ी संख्या में ऑटो चालक एवं वाहन मालिकों के हस्ताक्षर मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की, ताकि उन्हें राहत मिल सके और वे बिना अनावश्यक आर्थिक दबाव के अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।

