बिधनू पंचायत सभागार में प्रशिक्षण शिविर, ग्राम विकास को गति देने की दिशा में अहम पहल
रिपोर्ट-अमन सिंह
कानपुर: ग्राम पंचायतों को मजबूत बनाने और सरकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से धरातल तक पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को विकास खंड बिधनू के पंचायत सभागार में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पंचायत सहायकों, ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम प्रधानों को पंचायत संचालन, डिजिटल व्यवस्था, जल संरक्षण, हरित क्रांति और आय बढ़ाने के उपायों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
पंचायत सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बिधनू आशीष मिश्रा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने विकास की नई दिशा की शुरुआत के रूप में इस आयोजन का स्वागत किया।
कार्यक्रम में विकास खंड के पंचायत सहायक, पंचायत सचिव और विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने भाग लिया। इसके अलावा ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मनीष कुमार, एडीओ (सहकारिता) रवि शुक्ला सहित अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। हालांकि एडीओ पंचायत राघवेंद्र सिंह प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए।
पंचायतों में पारदर्शिता और दक्षता पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीडीओ आशीष मिश्रा ने कहा कि पंचायत स्तर पर बेहतर कार्य संचालन के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित पंचायत कर्मी ही सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक तेजी से और पारदर्शी तरीके से पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में मिली जानकारियों को गांवों में लागू करने की अपील की। साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए साधन विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
मास्टर ट्रेनरों ने दी तकनीकी और प्रशासनिक जानकारी
प्रशिक्षण शिविर में विशेषज्ञ मास्टर ट्रेनरों ने पंचायत कार्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर गंगाराम यादव, अतिरिक्त फैकल्टी मोहित गुप्ता और विनय कुमार ने पंचायत सहायकों, सचिवों और प्रधानों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं, लेखा-जोखा तैयार करने, सरकारी योजनाओं के संचालन, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग और पंचायत स्तर की समस्याओं के समाधान के बारे में प्रशिक्षित किया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि वर्तमान समय में पंचायतों को डिजिटल तकनीक से जोड़ना बेहद आवश्यक है। इससे योजनाओं की निगरानी आसान होगी और ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधाओं में तेजी आएगी।
सवाल-जवाब के माध्यम से हुआ संवाद
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने पंचायत कार्यों से जुड़े कई सवाल विशेषज्ञों के सामने रखे, जिनका समाधान प्रशिक्षकों द्वारा किया गया। इस दौरान एक संवादात्मक और ज्ञानवर्धक वातावरण बना रहा।
अधिकारियों ने कहा कि पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाओं की सही जानकारी और उनका प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को नई तकनीकों एवं सरकारी दिशा-निर्देशों से परिचित कराना था।
ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम
कार्यक्रम के समापन अवसर पर ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों ने प्रशिक्षण शिविर की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से पंचायत स्तर पर काम करने में स्पष्टता आएगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ। उम्मीद जताई गई कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

