गंगा का जलस्तर 24 घंटे में 1.19 मीटर बढ़ा, हरिद्वार और नरौरा से छोड़े पानी का असर
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश और विभिन्न बैराजों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 1.19 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रविवार को गंगा का जलस्तर 110.91 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों और प्रशासन की निगाहें गंगा के प्रवाह पर बनी हुई हैं। हालांकि, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से बढ़ा नदी का जलस्तर
गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को माना जा रहा है। पहाड़ों में हो रही वर्षा के कारण नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ गया है, जिसका असर मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है।
इसके अलावा, हरिद्वार और नरौरा बैराज से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण भी गंगा के जलस्तर में तेजी आई है। नदी में पानी की मात्रा बढ़ने से किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन सतर्क हो गया है।
जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर की निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
हरिद्वार और नरौरा से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी
जानकारी के अनुसार, रविवार को हरिद्वार से 66,230 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, नरौरा बैराज से 67,419 क्यूसेक पानी गंगा नदी में छोड़ा गया।
इसके अलावा, गंगा बैराज से 1,08,193 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी के प्रवाह में वृद्धि देखी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाला पानी और बैराजों से छोड़े गए पानी का असर कुछ समय बाद मैदानी क्षेत्रों में दिखाई देता है। इसलिए प्रशासन पहले से ही सतर्कता बरत रहा है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के पास जाने से बचें और जलस्तर में होने वाले बदलावों पर ध्यान रखें।
इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
हालांकि, अभी तक किसी बड़े खतरे की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी माना जा रहा है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बाद संबंधित विभाग सक्रिय हो गए हैं। सिंचाई विभाग, जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें नदी के जलस्तर की लगातार जानकारी जुटा रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव मौसम और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी पर निर्भर करता है। इसलिए हर घंटे स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
इसके अलावा, नदी किनारे बने घाटों और आसपास के क्षेत्रों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जा सकें।
बारिश का असर मैदानी क्षेत्रों पर भी
मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बारिश का सीधा प्रभाव मैदानी इलाकों की नदियों पर पड़ता है। गंगा नदी में पानी बढ़ने का एक प्रमुख कारण यही है।
लगातार बारिश के चलते कई नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है और बैराजों से पानी छोड़ना पड़ता है। इसी क्रम में हरिद्वार और नरौरा से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा के जलस्तर में तेजी देखी गई है।
हालांकि, प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार कदम उठाए जाएंगे।
किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी चिंता
गंगा किनारे बसे ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। किसानों को भी नदी के आसपास के क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
नदी के किनारे खेती करने वाले किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है, क्योंकि जलस्तर बढ़ने पर निचले इलाकों में पानी पहुंचने की संभावना रहती है।
इसके बावजूद प्रशासन की निगरानी व्यवस्था के कारण फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है।
जलस्तर पर लगातार रखी जा रही नजर
गंगा नदी के जलस्तर में बदलाव को देखते हुए अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। जलस्तर मापने वाले केंद्रों से नियमित जानकारी ली जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी रखी गई हैं। राहत और बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी जरूरत के अनुसार सक्रिय किया जा सकता है।
गंगा नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 1.19 मीटर बढ़कर 110.91 मीटर तक पहुंच गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और हरिद्वार व नरौरा से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण नदी का प्रवाह बढ़ा है।
रविवार को हरिद्वार से 66,230 क्यूसेक और नरौरा से 67,419 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि गंगा बैराज से 1,08,193 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। आने वाले दिनों में मौसम और पानी की आवक के आधार पर गंगा के जलस्तर में बदलाव देखने को मिल सकता है।

