मथुरा नगर आयुक्त ओजस्वी राज का सख्त संदेश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई और सेवाओं में होगा सुधार
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने शहर की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि नगर निगम जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान करना निगम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या काम में देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नगर आयुक्त ने कहा कि मथुरा-वृंदावन धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण शहर हैं। यहां हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में नगर निगम को लगातार अपनी व्यवस्थाओं और संसाधनों को बेहतर बनाना होगा।
उन्होंने बताया कि शहर की बढ़ती आबादी और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने कहा कि मथुरा और वृंदावन के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारकाधीश मंदिर, बांके बिहारी मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सफाई, स्वच्छता, जनसुविधाओं और व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है।
इसके लिए नगर निगम की ओर से एक विशेष टीम गठित करने की तैयारी है। इस टीम में लगभग एक दर्जन कर्मचारी शामिल होंगे। इसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी रहेंगे, जो नियमित रूप से मंदिर क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे और व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सीवरेज व्यवस्था सुधारने पर नगर निगम का फोकस
नगर आयुक्त ने शहर की सीवरेज व्यवस्था को लेकर भी अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने बताया कि वृंदावन की लगभग 21 प्रतिशत और मथुरा की करीब 20 प्रतिशत सीवरेज व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बेहतर सीवरेज व्यवस्था शहर की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के लिए बेहद जरूरी है। इसलिए नगर निगम तकनीकी सुधारों और नए संसाधनों के माध्यम से इस क्षेत्र में काम कर रहा है।
इसके अलावा, शहर की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार से भी नई परियोजनाओं के लिए सहयोग और बजट स्वीकृत कराया जा रहा है।
शिकायत समाधान के लिए विकसित होगी नई डिजिटल व्यवस्था
नगर आयुक्त ने नागरिक शिकायतों के समाधान को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगर निगम की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और “मेरा बजट” प्लेटफॉर्म को भविष्य में एकीकृत किया जाएगा।
इसके साथ ही चैटबॉट आधारित व्यवस्था विकसित करने की योजना है, जिससे नागरिक अपनी समस्याएं सीधे नगर निगम के संबंधित अधिकारी या कर्मचारी तक पहुंचा सकेंगे।
शिकायत दर्ज होने के बाद नागरिक को एक यूनिक कोड दिया जाएगा। इसके साथ ही समस्या के समाधान के लिए निर्धारित समय सीमा भी बताई जाएगी।
नगर आयुक्त ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी तय समय के भीतर शिकायत का निस्तारण नहीं करता है तो पहले उसे नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ई-रिक्शा व्यवस्था को लेकर बनाई जाएगी नई योजना
शहर में बढ़ती ई-रिक्शा अव्यवस्था को लेकर भी नगर आयुक्त ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा के संचालन के लिए रूट निर्धारित किए गए हैं, लेकिन कई वाहन चालक तय मार्गों का पालन नहीं कर रहे हैं।
इससे शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि इस विषय पर संबंधित विभागों के साथ चर्चा की गई है और जल्द ही प्रभावी कदम उठाकर ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित किया जाएगा।
नगर निगम का उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और नागरिकों को सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है।
जलभराव की समस्या को कम करने के लिए प्रयास तेज
बरसात के दौरान होने वाले जलभराव को लेकर नगर आयुक्त ने कहा कि वर्षा ऋतु में शहर की स्थिति में पहले की तुलना में सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि पहले कई क्षेत्रों में 8 से 10 घंटे तक पानी भरा रहता था, लेकिन अब जल निकासी व्यवस्था को बेहतर किया गया है।
हालांकि, नगर निगम अभी भी जलभराव की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके लिए नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों को मजबूत किया जा रहा है।
नगर आयुक्त ने कहा कि आने वाले समय में शहरवासियों को जलभराव की समस्या से और राहत मिलेगी।
अगले तीन से चार महीनों में दिखेगा सुधार
नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने कहा कि मथुरा को सुंदर, स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाना नगर निगम का लक्ष्य है। इसके लिए सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, स्ट्रीट लाइट और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अगले तीन से चार महीनों में शहरवासियों को कई क्षेत्रों में बदलाव दिखाई देगा। नगर निगम की प्राथमिकता है कि नागरिकों को बेहतर सेवाएं समय पर मिलें और शहर की पहचान एक स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित नगर के रूप में मजबूत हो।
नगर आयुक्त की प्रमुख घोषणाएं
- जनता की शिकायतों का होगा समयबद्ध समाधान।
- हर शिकायत को मिलेगा यूनिक कोड और समाधान की समय सीमा।
- वेबसाइट, मोबाइल ऐप और चैटबॉट के माध्यम से होगी आसान शिकायत व्यवस्था।
- लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर नोटिस के बाद कार्रवाई।
- वृंदावन और मथुरा की सीवरेज व्यवस्था में सुधार का लक्ष्य।
- प्रमुख मंदिरों के लिए विशेष निगरानी टीम का गठन।
- ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने की नई योजना।
- जलभराव की समस्या कम करने के लिए नई कार्ययोजना।
- तीन से चार महीने में सफाई, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं में सुधार।
मथुरा नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना सामने रखी है। जनता की शिकायतों के समाधान से लेकर मंदिर क्षेत्रों की सुविधाओं, सीवरेज व्यवस्था, सफाई और यातायात सुधार तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर नगर निगम काम करेगा।
नगर आयुक्त का कहना है कि नगर निगम जनता के प्रति जवाबदेह है और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना ही उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। आने वाले समय में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से मथुरा शहर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

