मुड़िया मेला में RSS स्वयंसेवकों ने संभाली सेवा की कमान, रातभर श्रद्धालुओं की मदद में जुटे स्वयंसेवक
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
गोवर्धन: विश्व प्रसिद्ध मुड़िया मेला में देशभर से पहुंच रहे लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सहायता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवकों ने सेवा कार्यों की कमान संभाल ली है। गिरिराज नगरी में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए संघ के दर्जनों स्वयंसेवक गिरिराज परिक्रमा मार्ग और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों में लगातार सेवा कार्य कर रहे हैं।
दानघाटी मंदिर, परिक्रमा मार्ग, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सहायता में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित मार्ग दिखाने, पेयजल उपलब्ध कराने, प्राथमिक उपचार की सुविधा तक पहुंचाने और खोया-पाया संबंधी मामलों में सहायता करने का कार्य किया जा रहा है।
स्वयंसेवकों का उद्देश्य है कि मुड़िया मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से गिरिराज महाराज की परिक्रमा पूरी कर सकें।
सेवा कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों पर तैनात स्वयंसेवक
मुड़िया मेला में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए RSS स्वयंसेवक विभिन्न स्थानों पर तैनात होकर श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं।
दानघाटी मंदिर के आसपास और परिक्रमा मार्ग पर स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा, जिन स्थानों पर भीड़ अधिक हो रही है, वहां लोगों को कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ने में भी सहयोग किया जा रहा है।
वहीं, बुजुर्ग श्रद्धालुओं और छोटे बच्चों के साथ आने वाले परिवारों को विशेष सहायता दी जा रही है। किसी श्रद्धालु को रास्ते की जानकारी चाहिए या किसी स्थान तक पहुंचने में परेशानी हो रही है, तो स्वयंसेवक उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहे हैं।
रातभर जारी रहा सेवा कार्य
संघ के स्वयंसेवकों के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सेवा कार्य सुबह से देर रात तक जारी रहता है। मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात के समय भी परिक्रमा करते हैं। इसलिए स्वयंसेवक अलग-अलग सेवा केंद्रों और प्रमुख स्थानों पर लगातार सक्रिय रहते हैं।
इस दौरान स्वयंसेवक जरूरतमंद श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध कराने, प्राथमिक उपचार की सुविधा तक पहुंचाने और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक सूचना पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही, भीड़ के बीच किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न होने पर स्वयंसेवक प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर रहे हैं।
तीन वर्षों से श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी टीम
खंड प्रचारक अमित तथा स्वयंसेवक ज्ञानेंद्र सिंह राणा, श्याम सुंदर उपाध्याय और कपिल सेठ ने बताया कि स्वयंसेवकों की टीम लगातार तीन वर्षों से गिरिराज नगरी में श्रद्धालुओं की सेवा में सक्रिय है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष मेला और परिक्रमा के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोवर्धन पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वयंसेवकों की टीम विभिन्न स्थानों पर तैनात रहती है।
उन्होंने कहा कि सेवा कार्य का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सहायता करना और यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें परिक्रमा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए स्वयंसेवक सुबह से लेकर देर रात तक अलग-अलग स्थानों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।
खोया-पाया मामलों में भी मदद
मुड़िया मेला जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने के कारण कभी-कभी परिवारों से बच्चे या अन्य सदस्य अलग हो जाते हैं। ऐसे मामलों में खोया-पाया संबंधी सहायता भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
RSS स्वयंसेवक ऐसे मामलों में भी श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। यदि कोई बच्चा या व्यक्ति अपने परिवार से बिछड़ जाता है, तो उसे संबंधित सहायता केंद्र तक पहुंचाने और प्रशासन को सूचना देने में स्वयंसेवक सहयोग करते हैं।
इसके अलावा, श्रद्धालुओं को प्रमुख स्थानों, सेवा केंद्रों और आवश्यक सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में आवागमन में सुविधा मिल रही है।
प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय
मुड़िया मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से भी व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर इंतजाम किए गए हैं।
ऐसे में RSS स्वयंसेवक भी प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय करते हुए सेवा कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर किसी स्थिति की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचाई जा रही है।
इसके अलावा, श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों से आगे बढ़ने और भीड़ वाले क्षेत्रों में व्यवस्थित तरीके से चलने के लिए भी स्वयंसेवक जागरूक कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी किए गए इंतजाम
मुड़िया मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मेला क्षेत्र में अस्थायी चिकित्सा केंद्र और मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है।
किसी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर उसे चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने में स्वयंसेवक सहयोग कर रहे हैं। इस प्रकार, सेवा कार्य में लगे स्वयंसेवक स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की व्यवस्थाओं को भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
साथ ही, विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे, पेयजल और अन्य सेवा शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। इससे मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को कई आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
श्रद्धालुओं ने की स्वयंसेवकों के सेवा कार्यों की सराहना
मुड़िया मेला में RSS स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की श्रद्धालुओं ने भी सराहना की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भीड़ के बीच रास्ते की जानकारी, पेयजल और अन्य सहायता मिलने से उन्हें काफी सुविधा हो रही है।
विशेष रूप से बुजुर्गों और परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वयंसेवकों की सहायता उपयोगी साबित हो रही है। वहीं, खोया-पाया मामलों में मदद मिलने से लोगों को राहत मिल रही है।
सेवा कार्य में जुटे स्वयंसेवकों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सहायता करना उनके लिए सेवा का अवसर है। इसलिए वे अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं।
बड़ी संख्या में स्वयंसेवक रहे मौजूद
मुड़िया मेला में सेवा कार्य के दौरान स्वयंसेवक ज्ञानेंद्र सिंह राणा, श्याम सुंदर उपाध्याय, कपिल सेठ अग्रवाल, सियाराम शर्मा, कान्हा चौधरी, प्रशांत सैनी, श्रीकांत, लीलाधर, केशव देव सैनी, शशांक समेत कई अन्य स्वयंसेवक मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, गोवर्धन के विश्व प्रसिद्ध मुड़िया मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी अपने स्तर पर सेवा कार्यों में जुटी हैं।
इसी क्रम में RSS स्वयंसेवकों ने भी गिरिराज परिक्रमा मार्ग और मेला क्षेत्र में सेवा कार्यों को व्यापक रूप से आगे बढ़ाया है। दानघाटी मंदिर से लेकर प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तक स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सहायता कर रहे हैं।
इस प्रकार, स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी से श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, पेयजल, प्राथमिक सहायता और खोया-पाया संबंधी सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। उनका प्रयास है कि देशभर से आने वाले श्रद्धालु सुविधाजनक और व्यवस्थित तरीके से गिरिराज महाराज की परिक्रमा पूरी कर सकें।

