कानपुर सेंट्रल पर RPF की तत्परता, ट्रेन में जन्मे बच्चे को मिली सुरक्षित चिकित्सा सहायता
रिपोर्ट – विक्की रघुवशी
कानपुर: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता और मानवीय पहल का एक सराहनीय मामला सामने आया है। गाड़ी संख्या 12556 में यात्रा कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
सूचना मिलते ही RPF कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। समय पर किए गए प्रयासों के कारण महिला और नवजात शिशु दोनों सुरक्षित हैं।
यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यात्रियों की सहायता के लिए तैनात कर्मचारियों की संवेदनशील भूमिका को भी दर्शाती है। RPF जवानों और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से एक महिला यात्री को कठिन परिस्थिति में जरूरी मदद मिल सकी।
ट्रेन में प्रसव पीड़ा की सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ RPF
जानकारी के अनुसार, कॉमर्शियल विभाग, कानपुर सेंट्रल को सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 12556 के कोच संख्या S-1 में सीट नंबर 32 पर यात्रा कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक लेबर पेन शुरू हो गया है।
सूचना प्राप्त होते ही कानपुर सेंट्रल RPF ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू कर दी। सहायक उप निरीक्षक राजीव गौड़ के नेतृत्व में “मेरी सहेली” ड्यूटी में तैनात महिला कांस्टेबल विनीता और महिला कांस्टेबल अंजना पटेल को तुरंत मौके पर भेजा गया।
इसके बाद रेलवे स्टेशन पर महिला यात्री के लिए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू किए गए, ताकि स्टेशन पहुंचते ही उन्हें बेहतर उपचार मिल सके।
कानपुर सेंट्रल पहुंचने से पहले ट्रेन में हुआ प्रसव
गाड़ी संख्या 12556 के कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 9 पर पहुंचने का समय सुबह 06:25 बजे निर्धारित था। रेलवे प्रशासन की ओर से पहले ही चिकित्सा टीम को सूचना दे दी गई थी।
ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर मधुराज क्लीनिक के डॉक्टर रितेश अपनी मेडिकल टीम के साथ प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे। चिकित्सा जांच के दौरान पता चला कि महिला ने कानपुर सेंट्रल पहुंचने से कुछ समय पहले ही ट्रेन के अंदर एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दे दिया था।
इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल और चिकित्सा टीम ने तुरंत नवजात शिशु और प्रसूता महिला को सुरक्षित तरीके से ट्रेन से बाहर निकाला।
जच्चा और बच्चा दोनों पाए गए स्वस्थ
प्रसव के बाद नवजात शिशु को सुरक्षित रूप से मधुराज क्लीनिक पहुंचाया गया। वहीं, प्रसूता महिला को भी स्ट्रेचर की सहायता से क्लीनिक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
चिकित्सकीय जांच में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ पाए गए। हालांकि, बेहतर देखभाल और आगे के उपचार को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों ने प्रसूता महिला को उर्सला अस्पताल रेफर कर दिया।
इसके बाद एंबुलेंस की व्यवस्था कर महिला और नवजात शिशु को अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी रखा गया।
महिला नई दिल्ली से प्रयागराज जा रही थी
पूछताछ में महिला यात्री ने अपना नाम करीना बताया। वह PNR संख्या 95563263 के माध्यम से गाड़ी संख्या 12556 में यात्रा कर रही थीं।
करीना नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से प्रयागराज (PRYJ) की ओर जा रही थीं। यात्रा के दौरान ही उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई और ट्रेन में ही उन्होंने बच्चे को जन्म दिया।
महिला के साथ उनके पति फिरोज भी मौजूद थे। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों और RPF टीम के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। बाद में पति फिरोज ने 108 एंबुलेंस की सहायता से प्रसूता महिला और नवजात शिशु को उर्सला अस्पताल पहुंचाया।
RPF की भूमिका की हो रही सराहना
रेलवे सुरक्षा बल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। इसके साथ ही आपात परिस्थितियों में यात्रियों की सहायता करना भी RPF की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है।
इस मामले में RPF कानपुर सेंट्रल के कर्मचारियों ने तेजी से निर्णय लेते हुए महिला यात्री को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। खासतौर पर “मेरी सहेली” टीम में तैनात महिला कांस्टेबलों की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जिन्होंने महिला यात्री की स्थिति को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ सहायता की।
ऐसे मामलों में समय पर सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा बल की सक्रियता से महिला और बच्चे को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिल सकी।
यात्रियों की सहायता के लिए रेलवे की पहल
भारतीय रेलवे समय-समय पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर कई कदम उठाता रहा है। महिला यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए विशेष टीमों की तैनाती भी की जाती है।
“मेरी सहेली” अभियान के माध्यम से महिला यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा देने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इसी क्रम में कानपुर सेंट्रल पर RPF टीम द्वारा दिखाई गई तत्परता रेलवे की यात्री सेवा भावना को मजबूत करती है।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सामने आया यह मामला RPF की जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण है। ट्रेन में प्रसव जैसी आपात स्थिति के दौरान रेलवे सुरक्षा बल और चिकित्सा टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महिला और नवजात शिशु को सुरक्षित सहायता उपलब्ध कराई।
फिलहाल प्रसूता महिला करीना और उनका नवजात पुत्र दोनों स्वस्थ हैं। RPF कानपुर सेंट्रल की इस तत्परता की यात्रियों और रेलवे अधिकारियों द्वारा सराहना की जा रही है।

