कानपुर में मॉडीफाई साइलेंसर पर हुई सख्ती: RTO ने की कार्रवाई, 31 वाहनों के चालान, दुकानदारों को भी दी चेतावनी
रिपोर्ट – शिवा शर्मा
कानपुर: शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने मॉडीफाई साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न लगाने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान आरटीओ प्रवर्तन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए 31 दोपहिया वाहनों का चालान किया। इसके साथ ही ऐसे मॉडीफाई साइलेंसर बेचने वाले दुकानदारों को भी चेतावनी दी गई कि भविष्य में इस प्रकार के उपकरणों की बिक्री न करें।
परिवहन विभाग का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि शहर में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके और आम नागरिकों को अनावश्यक शोर से राहत मिल सके।
लगातार चलाया जाएगा विशेष अभियान
आरटीओ प्रवर्तन विभाग की ओर से चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व एआरटीओ सोमलता यादव के निर्देशन में किया गया। उन्होंने बताया कि मॉडीफाई साइलेंसर लगाने वाले वाहनों के खिलाफ विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है और आने वाले दिनों में भी यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। ऐसे में जो वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से मॉडीफाई साइलेंसर या अन्य प्रतिबंधित उपकरणों का उपयोग करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ध्वनि प्रदूषण बन रहे हैं मॉडीफाई साइलेंसर
आरटीओ प्रवर्तन अधिकारी राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि शहर की सड़कों पर कई दोपहिया वाहन चालक अपने वाहनों में मॉडीफाई साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न लगाकर चलते हैं। इससे न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि अत्यधिक तेज आवाज के कारण ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी तेज आवाज से बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों और आम नागरिकों को काफी परेशानी होती है। इसके अलावा अस्पताल, स्कूल, धार्मिक स्थलों और आवासीय क्षेत्रों में भी अनावश्यक शोर लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित करता है।
साइलेंसर मॉडिफाई करने वाले दुकानदारों को भी दी गई सख्त चेतावनी
अभियान के दौरान प्रवर्तन विभाग की टीम ने केवल सड़क पर चल रहे वाहनों की जांच ही नहीं की, बल्कि उन दुकानों का भी निरीक्षण किया जहां मॉडीफाई साइलेंसर बेचे जा रहे थे।
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे ऐसे मॉडीफाई साइलेंसर की बिक्री तत्काल बंद करें। साथ ही उन्हें भविष्य में इस प्रकार के उपकरणों का व्यापार नहीं करने की चेतावनी भी दी गई। विभाग ने कहा कि यदि निर्देशों की अनदेखी की गई तो नियमानुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
31 वाहनों पर की गई चालान की कार्रवाई
विशेष अभियान के दौरान कुल 31 दोपहिया वाहनों को मॉडीफाई साइलेंसर लगे होने के कारण चिन्हित किया गया। जांच के बाद सभी संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत चालान की कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। इसलिए वाहन चालकों को नियमों का पालन करने और अपने वाहनों में मानक उपकरणों का ही उपयोग करने की सलाह दी गई।
जानिए क्यों क्यों प्रतिबंधित हैं मॉडीफाई साइलेंसर?
यातायात विशेषज्ञों के अनुसार वाहन निर्माता कंपनियां अपने वाहनों में ऐसे साइलेंसर लगाती हैं जो निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप होते हैं। हालांकि कुछ लोग अधिक तेज आवाज या आकर्षक ध्वनि के लिए इन साइलेंसरों को बदलकर मॉडीफाई साइलेंसर लगवा लेते हैं।
ऐसे साइलेंसर निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते और अत्यधिक शोर उत्पन्न करते हैं। यही कारण है कि परिवहन विभाग समय-समय पर इनके खिलाफ अभियान चलाता है।
नागरिकों से भी किया गया सहयोग का आग्रह
परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडीफिकेशन न कराएं। साथ ही प्रेशर हॉर्न और मॉडीफाई साइलेंसर का उपयोग करने से बचें।
अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी वाहन चालक नियमों का पालन करेंगे, तो न केवल ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। इसके अलावा शांत वातावरण से आम लोगों को भी राहत मिलेगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
आरटीओ प्रवर्तन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। विभाग समय-समय पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करता रहेगा।
अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा, यातायात अनुशासन और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए सभी वाहन स्वामियों और चालकों से अपेक्षा की जाती है कि वे मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का पालन करें और अपने वाहनों में केवल मानक उपकरणों का ही उपयोग करें।
भविष्य में है सुधार
कानपुर में आरटीओ प्रवर्तन विभाग की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि यातायात नियमों के उल्लंघन और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रति अब सख्त रुख अपनाया जा रहा है। एक ओर जहां 31 वाहनों पर चालान की कार्रवाई की गई, वहीं दूसरी ओर दुकानदारों को भी मॉडीफाई साइलेंसर की बिक्री बंद करने के निर्देश दिए गए।
यदि वाहन चालक और विक्रेता निर्धारित नियमों का पालन करते हैं, तो इससे शहर में ध्वनि प्रदूषण कम होगा, यातायात व्यवस्था बेहतर बनेगी और आम नागरिकों को अधिक सुरक्षित एवं शांत वातावरण मिल सकेगा।

