अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके बोलीं- बेटे के साहस पर गर्व, संघर्ष के दिनों की पीड़ा भी की साझा

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रिपोर्ट- अमित सिंह यादव 

छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके ने अपने बेटे को लेकर भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एक मां के रूप में उन्होंने पिछले कुछ समय में चिंता, डर और बेचैनी के कई पल देखे, लेकिन आज उन्हें अपने बेटे के साहस और दृढ़ संकल्प पर गर्व है। अनीता दिपके ने कहा कि कम उम्र में अभिजीत दिपके ने जिस तरह अपने विचारों और सामाजिक मुद्दों को लेकर सक्रियता दिखाई है, वह उनके लिए गर्व की बात है।

अनीता दिपके ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें यह जानकारी मिली कि अभिजीत के साथ मारपीट की गई और उन्हें थप्पड़ मारे गए, तब एक मां के रूप में उनका मन बेहद व्यथित हो गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनके बेटे ने अपना हौसला नहीं खोया और अपने उद्देश्य पर डटा रहा।

कई रातों तक उन्हें ठीक से नींद नहीं आई

उन्होंने कहा कि एक मां के लिए अपने बच्चे को किसी भी तरह की परेशानी में देखना सबसे कठिन अनुभव होता है। यही कारण रहा कि उन दिनों उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। उन्होंने बताया कि कई रातों तक उन्हें ठीक से नींद नहीं आई और वह देर रात तक जागती रहीं। उनके अनुसार, चिंता इतनी अधिक थी कि उनका और परिवार का भोजन करने का भी मन नहीं करता था। इस दौरान पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान रहा।

अनीता दिपके ने कहा कि 7 जून के बाद से घर का माहौल पूरी तरह बदल गया था। परिवार के सभी सदस्य लगातार चिंता में डूबे रहे और किसी भी काम में मन नहीं लग पा रहा था। उन्होंने बताया कि एक ओर बेटे की सुरक्षा की चिंता थी, वहीं दूसरी ओर भविष्य को लेकर भी कई तरह के सवाल मन में उठ रहे थे। इसके बावजूद परिवार ने एक-दूसरे का हौसला बनाए रखा और कठिन समय का सामना किया।

बेटे के आत्मविश्वास और साहस को देखकर खुश

हालांकि समय के साथ परिस्थितियों में बदलाव आया और अब अनीता दिपके अपने बेटे के आत्मविश्वास और साहस को देखकर संतोष महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अभिजीत ने जिस तरह अपनी बात रखने का प्रयास किया और अपने विचारों के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया, उससे उन्हें एक मां के रूप में गर्व की अनुभूति होती है। उनका मानना है कि युवा पीढ़ी यदि सकारात्मक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ समाज के मुद्दों पर अपनी बात रखे तो यह लोकतंत्र के लिए एक अच्छा संकेत है।

अनीता दिपके ने यह भी कहा कि अभिजीत अभी उम्र में काफी छोटे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने जिस जिम्मेदारी और आत्मविश्वास का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारियां निभाना आसान नहीं होता। इसके लिए धैर्य, साहस और निरंतर मेहनत की आवश्यकता होती है। उनके अनुसार, अभिजीत ने इन सभी गुणों का परिचय दिया है।

हर परिस्थिति में अभिजीत का मनोबल बढ़ाया

उन्होंने परिवार की भावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन समय में पूरे परिवार ने एक-दूसरे का साथ दिया। परिवार के सदस्यों ने उम्मीद नहीं छोड़ी और हर परिस्थिति में अभिजीत का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया। अनीता दिपके का कहना है कि परिवार का सहयोग किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी ताकत होता है और यही सहयोग मुश्किल दौर में सबसे अधिक काम आता है।

आत्मविश्वास बनाए रखना सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है

इस दौरान उन्होंने समाज से भी अपील की कि किसी भी प्रकार के मतभेद या विचारों के अंतर को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया ही किसी भी लोकतांत्रिक समाज की सबसे बड़ी शक्ति होती है। इसलिए सभी पक्षों को संयम और आपसी सम्मान बनाए रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने युवाओं को भी संदेश देते हुए कहा कि यदि वे समाज और देश के लिए कुछ सकारात्मक करना चाहते हैं तो उन्हें धैर्य, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौतियां हर क्षेत्र में आती हैं, लेकिन कठिन परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास बनाए रखना सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

बेटे की उपलब्धियों और साहस पर गर्व

अनीता दिपके ने अंत में कहा कि आज उन्हें अपने बेटे पर पहले से कहीं अधिक गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक मां के लिए इससे बड़ी खुशी कोई नहीं हो सकती कि उसका बेटा अपने सिद्धांतों और अपने उद्देश्य के प्रति ईमानदार रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी अभिजीत समाज के हित में सकारात्मक कार्य करते रहेंगे और लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास करेंगे।

राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े युवाओं की भूमिका पर चर्चा के बीच अनीता दिपके का यह बयान सामने आया है। उनके वक्तव्य में जहां एक ओर एक मां की चिंता और भावनाएं दिखाई देती हैं, वहीं दूसरी ओर अपने बेटे की उपलब्धियों और साहस पर गर्व की भावना भी स्पष्ट रूप से झलकती है। उनका कहना है कि हर चुनौती व्यक्ति को और अधिक मजबूत बनाती है तथा परिवार का साथ किसी भी संघर्ष को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अनीता दिपके का संदेश यही है कि समाज में संवाद, संयम और सकारात्मक सोच को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि परिवार का विश्वास और नैतिक समर्थन किसी भी व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने की शक्ति प्रदान करता है। उनके अनुसार, यही मूल्य भविष्य की पीढ़ी को आगे बढ़ने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं।

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