NEET पेपर लीक मामले को लेकर बिजनौर में आजाद समाज पार्टी का धरना, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा 

बिजनौर: NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को बिजनौर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के हित में कार्रवाई की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का भी विरोध किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों की शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के बाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

कलेक्ट्रेट परिसर में जुटे पार्टी कार्यकर्ता

शुक्रवार को आजाद समाज पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता बिजनौर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी नाराजगी जताई और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाने की मांग की। उनका कहना था कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की चिंताओं का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।

इसके अलावा, जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा भी प्रदर्शन में प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने की मांग की।

NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर उठाए सवाल

प्रदर्शनकारियों ने NEET परीक्षा को लेकर सामने आए विवादों और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डालती है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि मेडिकल शिक्षा में प्रवेश पाने के लिए छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से समाधान होना आवश्यक है।

आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि परीक्षा से जुड़े सभी आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि NEET परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर सरकार को छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं का जवाब देना चाहिए।

कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उनका कहना है कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

हालांकि, प्रदर्शन के दौरान उठाई गई मांगों और लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया का उल्लेख इस समाचार विवरण में नहीं है। इसलिए मामले से जुड़े सभी पहलुओं का अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।

इंजीनियर मुअज्जम ने कहा- छात्रों की आवाज उठा रहे चंद्रशेखर आजाद

मीडिया से बातचीत के दौरान पार्टी नेता और चेयरमैन इंजीनियर मुअज्जम खान ने कहा कि पार्टी प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद छात्रों की आवाज संसद और सड़क दोनों जगह उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे के समर्थन में बिजनौर में भी धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। उनके अनुसार, छात्रों की समस्याओं और परीक्षा से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाना जरूरी है।

इंजीनियर मुअज्जम ने कहा कि पार्टी छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।

राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

धरना-प्रदर्शन के बाद आजाद समाज पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में NEET परीक्षा से जुड़े कथित विवादों, छात्रों की मांगों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने कथित लाठीचार्ज की भी जांच की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।

छात्रों के भविष्य को लेकर उठी आवाज

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों का सबसे अधिक असर छात्रों पर पड़ता है। छात्र लंबे समय तक तैयारी करने के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं। इसलिए परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों के बीच संदेह पैदा होता है, तो उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित संस्थाओं और सरकार को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।

आजाद समाज पार्टी ने कहा कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसके बजाय, उनकी शिकायतों पर संवाद और जांच के माध्यम से समाधान तलाशना चाहिए।

पार्टी कार्यकर्ताओं ने की निष्पक्ष जांच की मांग

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की कि जांच प्रक्रिया ऐसी हो, जिससे छात्रों और अभिभावकों का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।

साथ ही, कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि किसी भी परीक्षा व्यवस्था में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

हालांकि, किसी भी आरोप की पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकती है। इसलिए मामले में आगे की कार्रवाई जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।

अब आगे की कार्रवाई पर नजर

बिजनौर में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब पार्टी की मांगों और ज्ञापन पर प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की है।

वहीं, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी ने अपना विरोध दर्ज कराया है। पार्टी का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।

फिलहाल, बिजनौर में हुआ यह प्रदर्शन NEET परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर राजनीतिक विरोध के रूप में सामने आया है। अब यह देखना होगा कि प्रदर्शनकारियों की मांगों पर प्रशासन और केंद्र सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

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