वाराणसी के जितेंद्र पटेल हत्याकांड का हुआ खुलासा, साइबर ठगी से जुड़े 5 आरोपी गिरफ्तार, पढ़िए क्या हुई बरामदगी
रिपोर्ट – धर्मेंद्र पांडेय
वाराणसी: कमिश्नरेट वाराणसी की रोहनियां थाना पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने चर्चित जितेंद्र पटेल हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तीन आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया गया था, जबकि घटना में कथित रूप से शामिल दो अन्य आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद हिरासत में लिया गया।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बताए जा रहे हथियारों के अलावा बड़ी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन, पेटीएम पेमेंट मशीनें, डेबिट कार्ड, क्यूआर कोड, लैपटॉप और साइबर ठगी से जुड़े अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी भी जारी है और बरामद सामग्री का तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है।
8 जून को हुई थी जितेंद्र पटेल की हत्या
पुलिस के अनुसार, 8 जून 2026 को रोहनियां थाना क्षेत्र के अवलेशपुर निवासी जितेंद्र कुमार पटेल पर गोली चलने की घटना हुई थी। उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। इस संबंध में थाना रोहनियां में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और साइबर सेल की सहायता से संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि आरोपी स्वयं को एक डिजिटल भुगतान सेवा कंपनी के कर्मचारी के रूप में प्रस्तुत कर व्यापारियों से संपर्क करते थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी केवाईसी अपडेट और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं का हवाला देकर दुकानदारों के मोबाइल फोन और सिम कार्ड तक पहुंच बनाने की कोशिश करते थे।
पुलिस का कहना है कि लगभग छह महीने पहले गैंग के एक सदस्य ने मृतक जितेंद्र पटेल की दुकान पर इसी तरह संपर्क किया था। जांच के दौरान पुलिस को संदेह है कि इसी प्रक्रिया में आरोपियों को बैंक खाते से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके बाद कथित रूप से लूट की योजना बनाई गई।
मोबाइल लूट की कथित साजिश
पुलिस के मुताबिक, 8 जून की रात जब जितेंद्र पटेल दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तब बाइक सवार दो लोगों ने उनका पीछा किया। पुलिस का दावा है कि मोबाइल छीनने के प्रयास के दौरान गोली चलाई गई।
पुलिस के अनुसार घायल होने के बावजूद जितेंद्र पटेल किसी तरह अपने घर तक पहुंच गए, जिससे आरोपियों को मोबाइल फोन नहीं मिल सका और वे मौके से फरार हो गए। बाद में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
कई जिलों में सक्रिय होने का दावा
जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया है कि यह गिरोह केवल वाराणसी तक सीमित नहीं था। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी लखनऊ, कानपुर, चंदौली सहित अन्य जिलों में भी व्यापारियों के साथ साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं में शामिल हो सकते हैं।
हालांकि इन मामलों की अलग-अलग स्तर पर जांच जारी है और संबंधित मामलों में विधिक प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साइबर ठगी का कथित तरीका
पुलिस के अनुसार आरोपी व्यापारियों को साउंड बॉक्स का शुल्क कम कराने या केवाईसी अपडेट कराने का झांसा देते थे। इसके बाद वे मोबाइल नंबर अथवा सिम कार्ड से जुड़ी जानकारी बदलने का प्रयास करते थे।
जांच एजेंसियों का कहना है कि इसके बाद मोबाइल पर आने वाले ओटीपी की सहायता से कथित रूप से बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन से जुड़े कार्य किए जाते थे। पुलिस के अनुसार इस मामले की डिजिटल फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
बड़ी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद करने का दावा किया है—
- 1.78 लाख रुपये नकद
- 10 पेटीएम पेमेंट मशीनें
- 18 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
- 2 कीपैड मोबाइल
- 29 डेबिट कार्ड
- 116 क्यूआर कोड
- 15 प्लास्टिक क्यूआर कोड
- एक एप्पल लैपटॉप
- 9 सिम कार्ड
- बैंक पासबुक और चेकबुक
- अवैध पिस्टल एवं तमंचा
- कारतूस
- घटना में प्रयुक्त बताई जा रही मोटरसाइकिल
पुलिस के अनुसार बरामद सभी सामान को जब्त कर विधिक प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
पुलिस आयुक्त वाराणसी ने इस हत्याकांड के खुलासे में शामिल पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए एक लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में शामिल सभी टीमों ने तकनीकी और पारंपरिक पुलिसिंग का समन्वय करते हुए मामले का खुलासा किया।
साइबर अपराधों से सावधान रहने की अपील
पुलिस ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को बिना पहचान सत्यापित किए मोबाइल, बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी साझा न करें। यदि कोई स्वयं को किसी डिजिटल भुगतान कंपनी या बैंक का कर्मचारी बताकर जानकारी मांगे, तो पहले उसकी आधिकारिक पहचान की पुष्टि करें।
इसके अलावा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को देने की सलाह दी गई है।
वाराणसी के चर्चित जितेंद्र पटेल हत्याकांड में पुलिस ने पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और साइबर ठगी से जुड़े एक कथित नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच के बाद अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। वहीं, आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम कानूनी परीक्षण होगा।

