यूपी कैडर छोड़ कर छत्तीसगढ़ जाएंगी IPS अंजली विश्वकर्मा, आईपीएस पति राजभवन मे हैं तैनात, कानपुर IIT से की थी एयरोस्पेस इंजिनीयरिंग

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रिपोर्ट-कृष्णा शर्मा 

कानपुर: उत्तर प्रदेश कैडर की तेज-तर्रार और प्रतिभाशाली आईपीएस अधिकारी अंजली विश्वकर्मा अब छत्तीसगढ़ कैडर में अपनी सेवाएं देंगी। वर्ष 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी अंजली विश्वकर्मा ने विवाह के आधार पर उत्तर प्रदेश कैडर छोड़ने का निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके कैडर परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब वह छत्तीसगढ़ कैडर में अपनी नई जिम्मेदारियां संभालेंगी।

यह फैसला प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है और इसे केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृति मिल चुकी है। वर्तमान में अंजली विश्वकर्मा की पहचान एक मेहनती, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में होती है। उनके कैडर परिवर्तन की खबर प्रशासनिक और पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी हुई है।

गृह मंत्रालय ने दी कैडर परिवर्तन की मंजूरी

जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अंजली विश्वकर्मा के उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ कैडर में स्थानांतरण को मंजूरी प्रदान की। यह परिवर्तन विवाह के आधार पर लागू कैडर ट्रांसफर नीति के तहत किया गया है।

दरअसल, अंजली विश्वकर्मा के पति उदित पुष्कर भी वर्ष 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित राजभवन में एडीसी (Aide-de-Camp) के पद पर तैनात हैं। ऐसे में दोनों अधिकारियों के एक ही राज्य में सेवाएं देने के उद्देश्य से यह कैडर परिवर्तन किया गया है।

पति उदित पुष्कर भी हैं आईपीएस अधिकारी

अंजली विश्वकर्मा और उदित पुष्कर की कहानी केवल वैवाहिक जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, शिक्षा और सफलता की भी मिसाल है। दोनों ने साथ मिलकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी की और दोनों ही भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए।

हालांकि दोनों अलग-अलग राज्यों के कैडर में नियुक्त हुए थे, लेकिन अब विवाह के बाद दोनों एक ही राज्य में अपनी सेवाएं देंगे। इससे न केवल उनके पारिवारिक जीवन में संतुलन बनेगा बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी सुविधा होगी।

उत्तराखंड से शुरू हुआ सफलता का सफर

आईपीएस अंजली विश्वकर्मा का जन्म जनवरी 1993 में उत्तराखंड में हुआ था। बचपन से ही वह पढ़ाई में बेहद मेधावी थीं। उन्होंने वर्ष 2011 में 12वीं की परीक्षा 97.7 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां शुरू से ही असाधारण रही हैं।

इसके बाद उन्होंने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल जेईई (JEE) परीक्षा उत्तीर्ण की और प्रतिष्ठित आईआईटी कानपुर में प्रवेश प्राप्त किया। यह उपलब्धि उनके मजबूत शैक्षणिक आधार और कठिन परिश्रम को दर्शाती है।

IIT कानपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई

अंजली विश्वकर्मा ने वर्ष 2015 में आईआईटी कानपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के दौरान उन्होंने तकनीकी विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके सामने देश और विदेश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों में करियर बनाने के अवसर मौजूद थे। बताया जाता है कि उन्होंने लगभग 48 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज वाले आकर्षक अवसर को भी छोड़ दिया, क्योंकि उनका लक्ष्य केवल एक अच्छी नौकरी पाना नहीं बल्कि देश की सेवा करना था।

यही निर्णय उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।

कई देशों में किया काम, फिर लौटीं भारत

इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद अंजली विश्वकर्मा ने कुछ समय तक विभिन्न देशों में भी कार्य किया। इस दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अनुभव प्राप्त हुआ। हालांकि विदेशों में बेहतर करियर की संभावनाएं होने के बावजूद उनका मन भारत लौटकर कुछ बड़ा करने का था।

इसी उद्देश्य से वह वर्ष 2018 में भारत वापस आईं। इसके बाद उन्होंने अपने सहपाठी उदित पुष्कर के साथ मिलकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।

UPSC की तैयारी ने बदल दी जिंदगी

भारत लौटने के बाद अंजली विश्वकर्मा और उदित पुष्कर ने पूरी लगन और अनुशासन के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की। कठिन परिश्रम, सही रणनीति और निरंतर अभ्यास का परिणाम यह रहा कि दोनों भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित हुए।

इसके बाद दोनों को वर्ष 2021 बैच में आईपीएस अधिकारी के रूप में नियुक्ति मिली। हालांकि उनकी पोस्टिंग अलग-अलग राज्यों में हुई, लेकिन अब कैडर परिवर्तन के बाद दोनों एक ही राज्य में सेवाएं देंगे।

युवाओं के लिए प्रेरणा हैं अंजली विश्वकर्मा

अंजली विश्वकर्मा का जीवन उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए कठिन मेहनत करने का साहस रखते हैं।

उन्होंने उत्कृष्ट शैक्षणिक रिकॉर्ड बनाया, आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्था से पढ़ाई की, आकर्षक करियर विकल्पों को पीछे छोड़ा और अंततः देश सेवा को अपना लक्ष्य बनाया। इसके अलावा उन्होंने यह भी साबित किया कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

कैडर परिवर्तन की प्रक्रिया क्या होती है?

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFoS) के अधिकारियों को आमतौर पर एक निश्चित राज्य कैडर आवंटित किया जाता है। हालांकि विशेष परिस्थितियों, विशेषकर विवाह के मामलों में केंद्र सरकार की निर्धारित नीति के अनुसार कैडर परिवर्तन की अनुमति दी जा सकती है।

इस प्रक्रिया में संबंधित राज्य सरकारों की सहमति और केंद्र सरकार की मंजूरी आवश्यक होती है। अंजली विश्वकर्मा का कैडर परिवर्तन भी इसी नीति के अंतर्गत स्वीकृत किया गया है।

नई जिम्मेदारियों की ओर बढ़ेंगी अंजली विश्वकर्मा

अब अंजली विश्वकर्मा छत्तीसगढ़ कैडर में अपनी नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी। वहीं, उनके प्रशासनिक अनुभव, तकनीकी पृष्ठभूमि और कार्यशैली से राज्य पुलिस व्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश कैडर में उनके कार्यकाल को भी सकारात्मक रूप से देखा जाता है। ऐसे में उनके स्थानांतरण को एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में माना जा रहा है।

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