NEET UG 2027: अब CBT मोड में होगी परीक्षा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लिया बड़ा फैसला
Digital UP News Desk
शिक्षा: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया है कि आगामी NEET UG परीक्षा अब कंप्यूटर आधारित टेस्ट (Computer Based Test- CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।
इस फैसले का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
अब तक NEET UG का आयोजन मुख्य रूप से पेन एंड पेपर (ऑफलाइन) मोड में किया जाता था। हालांकि, नई व्यवस्था लागू होने के बाद अभ्यर्थियों को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर के माध्यम से परीक्षा देनी होगी। शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि इससे परीक्षा प्रबंधन में सुधार होगा और निष्पक्षता को और मजबूती मिलेगी।
शिक्षा मंत्री ने किया बड़ा ऐलान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। इसी क्रम में NEET UG 2027 को कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग से परीक्षा प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। इसके साथ ही परीक्षा संचालन, निगरानी और परिणाम तैयार करने में भी तेजी आएगी।
आखिर क्यों लिया गया CBT मोड का फैसला?
पिछले कुछ वर्षों में देश की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी सुधारों पर लगातार जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली से कई प्रशासनिक चुनौतियों को कम किया जा सकता है।
इसके प्रमुख उद्देश्य हैं, परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना। आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करना। परीक्षा संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाना। बड़े स्तर पर परीक्षा प्रबंधन को सरल बनाना। परिणाम प्रक्रिया को तेज और अधिक सटीक बनाना। इसके अलावा, डिजिटल माध्यम अपनाने से परीक्षा केंद्रों पर कई व्यवस्थाओं को भी बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
CBT मोड क्या होता है?
Computer Based Test (CBT) ऐसी परीक्षा प्रणाली है, जिसमें अभ्यर्थी कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रश्न पढ़कर उत्तर दर्ज करते हैं। परीक्षा निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन इंटरफेस के माध्यम से पूरी होती है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि CBT का अर्थ यह नहीं है कि छात्र अपने घर से परीक्षा देंगे। परीक्षा पहले की तरह अधिकृत परीक्षा केंद्रों पर ही आयोजित होगी, जहां कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे।
छात्रों पर क्या पड़ेगा असर?
नई परीक्षा प्रणाली लागू होने के बाद छात्रों को अपनी तैयारी के साथ-साथ कंप्यूटर आधारित परीक्षा का अभ्यास भी करना होगा।
हालांकि प्रश्नों का स्तर, पाठ्यक्रम और विषयों का स्वरूप अलग से अधिसूचना के अनुसार तय किया जाएगा, लेकिन उत्तर देने का तरीका बदल जाएगा। इसलिए छात्रों को समय प्रबंधन और डिजिटल इंटरफेस के उपयोग का अभ्यास करना लाभदायक रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अभ्यर्थी पहले से ऑनलाइन मॉक टेस्ट देते हैं, तो उन्हें वास्तविक परीक्षा में अधिक आत्मविश्वास मिलेगा।
तैयारी की रणनीति में होगा बदलाव
CBT मोड लागू होने के बाद तैयारी की रणनीति में कुछ बदलाव आवश्यक हो सकते हैं। छात्रों को केवल विषयों की पढ़ाई पर ही नहीं, बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रश्न हल करने की आदत भी विकसित करनी होगी।
तैयारी के दौरान निम्न बातों पर ध्यान देना उपयोगी होगा। नियमित ऑनलाइन मॉक टेस्ट दें। निर्धारित समय में प्रश्न हल करने का अभ्यास करें। कंप्यूटर इंटरफेस से परिचित हों। प्रश्नों की समीक्षा (Review) और नेविगेशन का अभ्यास करें। समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें।
इस प्रकार छात्र नई परीक्षा प्रणाली के अनुरूप खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर सकेंगे।
क्या सिलेबस में भी होगा बदलाव?
फिलहाल शिक्षा मंत्रालय की ओर से केवल परीक्षा के CBT मोड में आयोजित होने की जानकारी दी गई है। सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, परीक्षा अवधि, अंक प्रणाली या अन्य नियमों में किसी बदलाव की विस्तृत जानकारी आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर भरोसा न करें।
परीक्षा प्रणाली में तकनीक की बढ़ती भूमिका
भारत में कई प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाएं पहले से ही कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जा रही हैं। ऐसे में NEET UG का भी इस दिशा में आगे बढ़ना परीक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
डिजिटल परीक्षा प्रणाली से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने के साथ-साथ परीक्षा संचालन को भी अधिक सुव्यवस्थित बनाने में सहायता मिल सकती है।
छात्रों को क्या करना चाहिए?
NEET UG 2027 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह समय घबराने का नहीं, बल्कि नई व्यवस्था के अनुसार खुद को तैयार करने का है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि छात्र, एनसीईआरटी आधारित पढ़ाई जारी रखें। विषयवार नियमित अभ्यास करें। ऑनलाइन टेस्ट सीरीज में भाग लें।कंप्यूटर आधारित मॉक टेस्ट का अभ्यास करें। आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें। यदि तैयारी योजनाबद्ध तरीके से की जाए, तो परीक्षा मोड में बदलाव किसी बड़ी चुनौती की बजाय एक नया अवसर साबित हो सकता है।
अभिभावकों की क्या भूमिका होगी?
नई परीक्षा प्रणाली के साथ अभिभावकों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। उन्हें छात्रों को मानसिक रूप से तैयार करने, डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने और नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित करना होगा।
सकारात्मक माहौल और संतुलित अध्ययन योजना छात्रों के आत्मविश्वास को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
आधिकारिक सूचना पर रखें नजर
शिक्षा मंत्रालय और संबंधित परीक्षा एजेंसी द्वारा जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है। इनमें परीक्षा की तिथि, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा केंद्र, मॉक टेस्ट व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हो सकती हैं।
इसलिए छात्रों को केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत सूचना स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।

