बिजनौर में बंदर के बिजली के तार पर कूदते ही हुआ हादसा, जानिए करंट लगने से हुई इस युवक की मौत
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: जिले के नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव गोहावर हल्लू में गुरुवार दोपहर एक दुखद हादसे में करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, युवक घर पर मौजूद था, तभी बिजली का तार टूटकर उसके ऊपर गिर गया। इसके बाद वह करंट की चपेट में आ गया। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि एक बंदर के बिजली के तार पर कूदने के बाद तार टूटकर नीचे गिरा, जिसकी चपेट में युवक आ गया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घर पर आराम कर रहा था युवक
जानकारी के अनुसार, गांव गोहावर हल्लू निवासी संजय गुरुवार दोपहर अपने घर पर मौजूद था। परिवार के मुताबिक, वह घर पर आराम कर रहा था। इसी दौरान अचानक बिजली का तार टूटकर उसके ऊपर गिर गया।
परिजनों का कहना है कि तार में करंट प्रवाहित होने के कारण संजय उसकी चपेट में आ गया। हादसे के बाद परिवार के लोगों ने तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया और उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।
हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने संजय को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में शोक की स्थिति पैदा हो गई।
बंदर के तार पर कूदने से तार टूटने का आरोप
मृतक की पत्नी कविता ने बताया कि उनके पति घर पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान एक बंदर बिजली के तार पर कूद गया। परिजनों के अनुसार, बंदर के तार पर कूदने के बाद तार टूटकर नीचे गिरा और संजय उसकी चपेट में आ गए।
परिजनों ने बताया कि घटना अचानक हुई, जिससे उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और परिवार के लोगों ने संजय को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया।
हालांकि, चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के कारणों को लेकर पुलिस द्वारा भी जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
संजय की मौत के बाद परिवार में गहरा शोक है। मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन छोटे बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह घटना बेहद कठिन समय लेकर आई है।
मृतक की पत्नी कविता ने बताया कि उनके सास-ससुर दोनों बीमार रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सास की रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्या है। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी संजय पर ही थी।
अचानक हुई इस घटना से परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। तीन छोटे बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी अब परिवार के लिए चिंता का विषय बन गई है।
परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। परिवार का कहना है कि संजय की मौत से उनके सामने जीवन-यापन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
परिजनों ने प्रशासन से मदद की अपील करते हुए कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता की स्थिति को देखते हुए परिवार को राहत देने की मांग की गई है।
स्थानीय लोगों ने भी पीड़ित परिवार की मदद किए जाने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाई और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस द्वारा हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। इसके अलावा, बिजली के तार के टूटने और हादसे की परिस्थितियों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
वहीं, घटना के बाद बिजली विभाग की भूमिका और तार की स्थिति को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के तारों की नियमित जांच और रखरखाव बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
बिजली के तारों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस हादसे के बाद गांव में बिजली के तारों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खुले या कमजोर बिजली के तार लोगों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
विशेष रूप से आबादी वाले क्षेत्रों में बिजली के तारों की नियमित जांच आवश्यक है। यदि कहीं तार ढीले या क्षतिग्रस्त हों, तो उन्हें समय रहते ठीक किया जाना चाहिए।
हालांकि, इस मामले में बिजली का तार किन परिस्थितियों में टूटा, इसकी स्पष्ट जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रहे हैं।
गांव में शोक का माहौल
संजय की मौत की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े होने की बात कही।
परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन छोटे बच्चों और बीमार बुजुर्ग माता-पिता को पीछे छोड़कर संजय की मौत ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और परिवार की स्थिति को देखते हुए हर संभव मदद देने की अपील की है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी हादसे की पूरी वजह
फिलहाल, परिजनों ने बंदर के बिजली के तार पर कूदने के बाद तार टूटने को हादसे की वजह बताया है। हालांकि, हादसे की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं, परिवार की ओर से सरकार से मुआवजे और आर्थिक सहायता की मांग की गई है।
बिजनौर के नूरपुर क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। अब पीड़ित परिवार को प्रशासन से सहायता की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय लोगों ने बिजली के तारों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और नियमित रखरखाव की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।

