घाटमपुर में सड़क निर्माण की शिकायत पर PWD का एक्शन, अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण, जांच रिपोर्ट का इंतजार

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रिपोर्ट – शुभम साहू

कानपुर ,घाटमपुर : घाटमपुर तहसील क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठी शिकायत के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

गुरुवार को विभागीय अधिकारियों की टीम निर्माणाधीन सड़क का स्थलीय निरीक्षण करने मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्य के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की।

इसके साथ ही सड़क निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, निर्माण की मोटाई, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन का भी परीक्षण किया गया।

यह कार्रवाई स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायत के बाद की गई है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तकनीकी आधार पर की जाएगी। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

शिकायत के बाद सक्रिय हुआ लोक निर्माण विभाग

घाटमपुर क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य को लेकर पिछले कुछ समय से स्थानीय लोगों के बीच असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। नागरिकों का आरोप था कि सड़क बनने के कुछ समय बाद ही उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद संबंधित विभाग को शिकायत भेजी गई, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए PWD ने निरीक्षण कराने का निर्णय लिया।

गुरुवार को विभागीय अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सड़क की सतह, निर्माण की मोटाई, सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का परीक्षण किया। साथ ही निर्माण से जुड़े अभिलेखों और कार्य प्रगति की भी समीक्षा की गई।

शिकायतकर्ता ने अधिकारियों के समक्ष रखी अपनी बात

स्थलीय निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ता हिंदू चंद्रवीर भी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को अपनी शिकायत से जुड़े सभी बिंदुओं की जानकारी दी। उनका कहना था कि सड़क निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया है।

उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता ने यह भी आग्रह किया कि भविष्य में सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो।

निर्माण सामग्री और तकनीकी गुणवत्ता की हुई जांच

निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री का परीक्षण किया। इसके अतिरिक्त सड़क की मोटाई, सतह की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया का भी अवलोकन किया गया।

अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध अभिलेखों की जांच करते हुए यह भी देखा कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानकों और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है या नहीं।

हालांकि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार का अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया। विभाग का कहना है कि सभी तकनीकी तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

तकनीकी जांच के आधार पर तैयार होगी रिपोर्ट

PWD अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एकत्र किए गए तथ्यों और तकनीकी परीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट में सड़क निर्माण से जुड़े प्रत्येक पहलू का उल्लेख किया जाएगा।

यदि जांच में यह पाया जाता है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है, निर्माण गुणवत्ता निर्धारित मानकों से कम है अथवा विभागीय नियमों की अनदेखी की गई है, तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि निर्माण कार्य सभी मानकों के अनुरूप पाया जाता है तो विभाग अपनी रिपोर्ट के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करेगा।

स्थानीय नागरिकों ने जताई निष्पक्ष जांच की उम्मीद

सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों ने विभागीय जांच का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक धन से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

नागरिकों के अनुसार यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा तो सड़क लंबे समय तक टिकाऊ रहेगी और लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

इसलिए उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

गुणवत्ता नियंत्रण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है निरीक्षण

विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में समय-समय पर गुणवत्ता परीक्षण और स्थलीय निरीक्षण अत्यंत आवश्यक होते हैं। इससे न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है बल्कि सरकारी धन का बेहतर उपयोग भी संभव हो पाता है।

इसके अलावा नियमित निरीक्षण से निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही भी तय होती है। यदि किसी परियोजना में तकनीकी कमियां सामने आती हैं तो समय रहते उनका समाधान किया जा सकता है। यही कारण है कि PWD ने इस मामले में तकनीकी जांच को प्राथमिकता दी है।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर विभाग का जोर

लोक निर्माण विभाग का कहना है कि सभी विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना विभाग की प्राथमिकता है। इसलिए शिकायत मिलने पर बिना किसी देरी के जांच प्रक्रिया शुरू की गई। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय केवल तकनीकी रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही लिया जाएगा।

साथ ही अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता सिद्ध होती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। निरीक्षण के दौरान एकत्र किए गए नमूनों, अभिलेखों और तकनीकी तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद संबंधित उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सड़क निर्माण कार्य में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है अथवा शिकायत निराधार है। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई के साथ आवश्यक सुधारात्मक कार्य भी कराए जा सकते हैं।

घाटमपुर में सड़क निर्माण कार्य को लेकर उठी शिकायत पर PWD द्वारा किया गया स्थलीय निरीक्षण सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह तकनीकी तथ्यों के आधार पर की जाएगी और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

वहीं स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी। इससे भविष्य में विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी और जनता का विश्वास मजबूत होगा।

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