वाराणसी में BSNL कर्मचारियों का 3 दिवसीय धरना जारी, पढ़िए क्यों खोला गया मोर्चा

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रिपोर्ट – धर्मेंद्र पांडेय 

वाराणसी: वेतन रिवीजन और पेंशन रिवीजन को 1 जनवरी 2017 से लागू करने की मांग को लेकर बीएसएनएल कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन जारी है। ऑल इंडिया सेंट्रल कोआर्डिनेशन कमेटी (AICCC) के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन के दूसरे दिन वाराणसी के सिगरा स्थित बीएसएनएल कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।

इस प्रदर्शन का आयोजन बीएसएनएल एम्प्लाइज यूनियन (BSNLEU) के नेतृत्व में BSNLEU, AIBDPA और AICCNF के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आंदोलन में कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से वेतन और पेंशन रिवीजन की प्रक्रिया को जल्द लागू करने की मांग की।

दूसरे दिन भी जारी रहा धरना

तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन के दूसरे दिन कर्मचारियों और पेंशनर्स ने सिगरा स्थित बीएसएनएल कार्यालय परिसर में एकजुट होकर अपनी मांगें उठाईं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से वेतन और पेंशन से जुड़े लंबित मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।

यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। उनका कहना है कि वेतन रिवीजन और पेंशन रिवीजन को 1 जनवरी 2017 से लागू किया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

1 जनवरी 2017 से रिवीजन लागू करने की मांग

धरने का मुख्य मुद्दा वेतन रिवीजन और पेंशन रिवीजन को 1 जनवरी 2017 से लागू करना है। कर्मचारियों और पेंशनर्स का कहना है कि रिवीजन से जुड़े मामलों का समाधान जल्द किया जाना चाहिए।

यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों ने लंबे समय तक बीएसएनएल की सेवाओं को मजबूत करने में योगदान दिया है। इसलिए वेतन और पेंशन से जुड़े मामलों पर सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

उनका कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों को लेकर संगठन लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं। इसी क्रम में देशभर में आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कई संगठनों के सदस्य आंदोलन में शामिल

वाराणसी में आयोजित धरने में BSNLEU, AIBDPA और AICCNF से जुड़े कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हुए।

इन संगठनों के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों को उठाया। प्रदर्शन के दौरान सभी ने एकजुट होकर सरकार से वेतन और पेंशन रिवीजन को लागू करने की मांग की।

इसके अलावा, आंदोलन में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इसलिए अब इसे लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जा रहा है।

बी. एस. रावत ने की धरने की अध्यक्षता

कार्यक्रम की अध्यक्षता AIBDPA जिला शाखा वाराणसी के जिलाध्यक्ष बी. एस. रावत ने की। उन्होंने धरने में शामिल कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का नेतृत्व किया।

वहीं, कार्यक्रम का संचालन BSNLEU जिला शाखा वाराणसी के जिला सचिव अनिल कुमार शर्मा ने किया। उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनर्स को संबोधित करते हुए आंदोलन के उद्देश्यों पर चर्चा की।

धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।

कर्मचारियों ने की एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील

धरने में शामिल यूनियन पदाधिकारियों ने कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से एकजुट रहने की अपील की। उनका कहना है कि संगठन की ताकत एकता में है और सभी कर्मचारियों को अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। साथ ही, उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

धरने में बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर्स शामिल

वाराणसी में आयोजित धरने में बड़ी संख्या में कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हुए। प्रमुख रूप से प्रेम कुमार, मूलबदन राम, रामबचन पाल, किशोर यादव और अशोक कुमार सिंह समेत कई कर्मचारी और पेंशनर्स धरने में मौजूद रहे।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपनी मांगों को लेकर संगठन के साथ एकजुटता दिखाई। इसके साथ ही, उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक कर्मचारियों की भागीदारी पर जोर दिया।

तीन दिवसीय कार्यक्रम का तीसरा दिन भी रहेगा महत्वपूर्ण

आयोजकों के अनुसार, तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। दूसरे दिन कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी के साथ अपनी मांगें उठाईं।

अब आंदोलन के अंतिम दिन भी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है। यूनियन नेताओं का कहना है कि धरने का समापन तय कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा।

हालांकि, आंदोलन के बाद सरकार की ओर से इस मुद्दे पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर बनी हुई है।

मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

यूनियन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वेतन और पेंशन रिवीजन से जुड़ी मांगों पर जब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उनका कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों को लेकर सरकार को जल्द पहल करनी चाहिए। इसके लिए संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपने कार्यक्रम जारी रखेगा।

धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनर्स की लंबित मांगों को सरकार तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना है।

संगठन ने सरकार से जल्द निर्णय की मांग की

BSNLEU और सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से वेतन रिवीजन और पेंशन रिवीजन को 1 जनवरी 2017 से लागू करने की मांग दोहराई।

यूनियन नेताओं के अनुसार, कर्मचारियों और पेंशनर्स की समस्याओं का समाधान बातचीत और सकारात्मक निर्णय के माध्यम से किया जा सकता है। इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर जल्द विचार करना चाहिए।

कुल मिलाकर, वाराणसी में BSNL कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का तीन दिवसीय धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। सिगरा स्थित बीएसएनएल कार्यालय पर आयोजित प्रदर्शन में कर्मचारियों ने वेतन और पेंशन रिवीजन को 1 जनवरी 2017 से लागू करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। आंदोलन में विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के सदस्य शामिल हुए। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और तीन दिवसीय धरने का समापन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा।

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