गोवर्धन की मानसी गंगा में 11 वर्षीय बालक की डूबने से हुई मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
गोवर्धन (मथुरा): गोवर्धन परिक्रमा मार्ग स्थित पवित्र मानसी गंगा कुंड में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। राजस्थान के करौली जिले से परिवार के साथ दर्शन और गोवर्धन परिक्रमा के लिए आए 11 वर्षीय बालक अविनाश की कुंड में डूबने से मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची तथा तलाश अभियान शुरू किया गया। काफी प्रयासों के बाद बालक का शव कुंड से बाहर निकाला गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इस घटना के बाद एक बार फिर मानसी गंगा और आसपास के प्रमुख कुंडों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय में ऐसे कई हादसे सामने आ चुके हैं, जिनके बाद सुरक्षा उपायों को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
परिक्रमा के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अविनाश अपने भाई और एक मित्र के साथ राजस्थान के करौली से गोवर्धन परिक्रमा करने आया था। इसी दौरान किसी समय वह मानसी गंगा कुंड में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे तथा तत्काल खोज अभियान शुरू किया गया। हालांकि, जब तक बालक को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की आवश्यक जांच शुरू कर दी।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का कहना है कि मानसी गंगा तथा आसपास के अन्य धार्मिक कुंडों में पूर्व में भी डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उनका मानना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच सुरक्षा की आवश्यकता
गोवर्धन देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां वर्षभर लाखों श्रद्धालु दर्शन और परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से धार्मिक पर्वों और मेलों के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक भीड़ वाले धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और आपातकालीन बचाव व्यवस्था जैसी सुविधाओं का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है।
स्थानीय लोगों ने किए सुझाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुंडों के आसपास सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी संकेत, प्रशिक्षित गोताखोरों की स्थायी तैनाती तथा निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है।
साथ ही, श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे कुंडों के निकट जाते समय विशेष सावधानी बरतें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
आगामी मुड़िया पूर्णिमा मेले को लेकर बढ़ी चिंता
गोवर्धन में जल्द ही आयोजित होने वाले मुड़िया पूर्णिमा मेले को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु गोवर्धन परिक्रमा करने पहुंचते हैं।
ऐसी स्थिति में भीड़ प्रबंधन, जलाशयों के आसपास सुरक्षा इंतजाम, पर्याप्त पुलिस बल, गोताखोरों की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करनी चाहिए।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों का नियमित निरीक्षण, सीसीटीवी निगरानी, सार्वजनिक घोषणा प्रणाली और प्रशिक्षित आपदा राहत दल की उपलब्धता से दुर्घटनाओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
श्रद्धालुओं के लिए सावधानी भी आवश्यक
विशेषज्ञों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी जलाशय के निकट अनावश्यक रूप से न जाएं, बच्चों पर विशेष निगरानी रखें तथा प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा सीमाओं का पालन करें। यदि किसी स्थान पर फिसलन या गहराई अधिक हो, तो वहां अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है।
महत्वपूर्ण है सुरक्षा
गोवर्धन की मानसी गंगा में 11 वर्षीय बालक की डूबने से हुई मृत्यु एक अत्यंत दुखद घटना है। इस हादसे ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित किया है। पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि स्थानीय लोग और श्रद्धालु प्रशासन से सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की मांग कर रहे हैं। आगामी मुड़िया पूर्णिमा मेले को देखते हुए सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत करना श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

