हमीरपुर में भूजल सप्ताह का समापन, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर

42092268-147d-4d56-969e-8a7ebf45aed4

रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम 

हमीरपुर: प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत जनपद में 16 से 22 जुलाई 2026 तक आयोजित भूजल सप्ताह का बुधवार को समापन हुआ। विकास भवन सभागार में आयोजित समापन कार्यक्रम में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर व्यापक चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने की। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने जल संरक्षण को जन-जन से जोड़ने तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि “जल संरक्षण करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” केवल एक नारा नहीं, बल्कि वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर को सुरक्षित रखने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। इसलिए जल संरक्षण को केवल कुछ दिनों तक चलने वाला अभियान न बनाकर जनआंदोलन का रूप देना होगा।

जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जल जीवन का आधार है और इसकी उपलब्धता सीधे तौर पर मानव जीवन, कृषि, पशुपालन तथा पर्यावरण से जुड़ी हुई है। लगातार बढ़ती जल आवश्यकता के बीच भूजल स्रोतों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में जल की प्रत्येक बूंद को बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि यदि आज जल संरक्षण को लेकर गंभीर प्रयास किए जाते हैं, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके विपरीत, यदि जल का अनियंत्रित दोहन जारी रहा और वर्षा जल का संरक्षण नहीं किया गया, तो भविष्य में जल संकट की स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर जल बचाने की आदत विकसित करनी होगी।

तालाबों के संरक्षण और जीर्णोद्धार पर जोर

समापन कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। विशेष रूप से तालाबों के जीर्णोद्धार और संरक्षण को महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब पारंपरिक रूप से जल संचयन के प्रमुख स्रोत रहे हैं। इसलिए इनका संरक्षण और पुनर्जीवन भूजल स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इसके अलावा, खेत-तालाबों के निर्माण और संरक्षण पर भी जोर दिया गया। खेत-तालाबों के माध्यम से वर्षा जल को स्थानीय स्तर पर संरक्षित किया जा सकता है। इससे किसानों को भी लाभ मिलेगा और भूजल रिचार्ज की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।

रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रभावी बनाने पर चर्चा

बैठक में सभी सरकारी भवनों में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने कहा कि भवनों की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को सीधे नालियों में बहाने के बजाय उसे संरक्षित किया जाना चाहिए।

वर्षा जल संचयन प्रणाली के माध्यम से बारिश के पानी को संग्रहित किया जा सकता है या भूजल रिचार्ज के लिए उपयोग किया जा सकता है। इस प्रकार, कम समय में होने वाली बारिश का अधिकतम लाभ उठाया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी भवनों से शुरू होने वाली यह पहल आम नागरिकों के लिए भी प्रेरणादायक बन सकती है।

जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर

बैठक में जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि केवल सरकारी विभागों के प्रयासों से जल संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करना जरूरी है।

इस दिशा में स्थानीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर चर्चा हुई। विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, सार्वजनिक संस्थानों और अन्य स्थानों पर जल संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। साथ ही, लोगों को पानी के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।

जल की हर बूंद बचाने की अपील

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन की आधारशिला है। दैनिक जीवन में पानी की बर्बादी रोकना जल संरक्षण की दिशा में सबसे सरल और प्रभावी कदम है।

लोगों से अपील की गई कि वे घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी का उपयोग आवश्यकता के अनुसार करें। इसके अलावा, पानी के रिसाव को तुरंत ठीक कराने और वर्षा जल को संरक्षित करने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।

अधिकारियों ने कहा कि जल संरक्षण का उद्देश्य केवल भूजल स्तर को बढ़ाना नहीं है, बल्कि प्राकृतिक जल स्रोतों, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करना भी है।

अधिकारियों और कर्मचारियों ने ली जल संरक्षण की शपथ

कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। सभी ने दैनिक जीवन में जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और जल संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।

शपथ के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने आसपास के लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। साथ ही, जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे।

विभागों के बीच समन्वय से आगे बढ़ेगा अभियान

कार्यक्रम में परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में विभागीय समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभागों द्वारा संचालित योजनाओं को जल संरक्षण के व्यापक उद्देश्य से जोड़ा जाना चाहिए। तालाबों का संरक्षण, खेत-तालाबों का निर्माण, वर्षा जल संचयन और जनजागरूकता जैसे कार्यों को एक साथ आगे बढ़ाने से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

नागरिकों से भी सक्रिय भागीदारी की अपील

जनपद प्रशासन ने नागरिकों से जल संरक्षण को दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि जल संकट का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

नागरिक अपने स्तर पर पानी की बर्बादी रोककर, वर्षा जल संचयन को अपनाकर और स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण में योगदान दे सकते हैं। इसके साथ ही, गांवों और मोहल्लों में लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी महत्वपूर्ण है।

हमीरपुर में आयोजित भूजल सप्ताह के समापन कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जल संरक्षण किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है। यदि सरकारी विभाग, स्थानीय संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर निरंतर प्रयास करें, तो भूजल स्तर के संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन की दिशा में सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

इसलिए जल संरक्षण को केवल भूजल सप्ताह तक सीमित रखने के बजाय पूरे वर्ष जारी रखने की आवश्यकता है। सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी के माध्यम से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सकता है।

You may have missed