कानपुर में भूजल सप्ताह का समापन, डीएम बोले- जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: भूजल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को लेकर चलाए गए भूजल सप्ताह का बुधवार को समापन हो गया। इस अवसर पर विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सप्ताहभर आयोजित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की गई। साथ ही, जल संरक्षण के प्रयासों को पूरे वर्ष जारी रखने और इसे जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया गया।
इस दौरान जल संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों, अधिकारियों, ग्राम प्रतिनिधियों और छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। भूजल संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए तीन अधिकारियों को ‘जल मित्र’ सम्मान प्रदान किया गया। वहीं, ग्राम पंचायत मकनपुर के ग्राम प्रधान को भी सक्रिय सहभागिता के लिए प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
भूजल सप्ताह की गतिविधियों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम की शुरुआत लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता की ओर से पावर प्वाइंट प्रस्तुति के साथ हुई। प्रस्तुति के माध्यम से 16 से 22 जुलाई तक जिले में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी गई।
इस दौरान जनजागरूकता रैलियां, गोष्ठियां, विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, चित्रकला एवं अन्य प्रतियोगिताएं, श्रमदान, तालाबों का संरक्षण और पुनर्जीवन, वृक्षारोपण तथा वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के प्रयासों का विवरण प्रस्तुत किया गया।
इसके अलावा, विभिन्न विभागों की ओर से भूजल संरक्षण और जल संचयन को लेकर किए गए कार्यों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सप्ताहभर लोगों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
डीएम ने कहा- हर छोटी पहल महत्वपूर्ण
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जल संरक्षण के लिए किया गया प्रत्येक प्रयास महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी पहल भविष्य की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।
डीएम ने कहा कि यदि वर्तमान पीढ़ी जल संरक्षण के प्रति गंभीर नहीं होगी तो आने वाली पीढ़ियों के सामने जल संकट की चुनौती बढ़ सकती है। इसलिए जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को केवल एक सप्ताह तक चलने वाला अभियान न मानकर इसे निरंतर जनभागीदारी से आगे बढ़ाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भूजल संरक्षण की जिम्मेदारी केवल किसी एक विभाग या संस्था की नहीं है। इसके लिए सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों को मिलकर प्रयास करना होगा।
वर्षभर गतिविधियां संचालित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ वर्षभर जल संरक्षण संबंधी गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूजल संवर्धन के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने और उसके अनुसार कार्य करने पर जोर दिया।
डीएम ने कहा कि जल संरक्षण को लेकर जनजागरूकता केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए लोगों को दैनिक जीवन में भी जल बचाने की आदत विकसित करनी होगी।
उन्होंने भूजल सप्ताह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों और अधिकारियों की सराहना की। साथ ही, भविष्य में भी इसी सक्रियता और समन्वय के साथ जल संरक्षण के प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
सीडीओ ने बच्चों को जल प्रहरी बनाने पर दिया जोर
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने कहा कि भूजल सप्ताह की भावना केवल सात दिनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। बल्कि जल संरक्षण को लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। बच्चों को जल प्रहरी के रूप में जागरूक कर उनमें जल संरक्षण की संस्कृति विकसित की जा सकती है।
सीडीओ ने कहा कि भूजल किसी एक व्यक्ति की संपत्ति नहीं है। यह पूरे समाज की साझा पूंजी है और इसकी रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने लोगों से पानी की बर्बादी रोकने, वर्षा जल का संचयन करने और भूजल रिचार्ज के उपायों को अपनाने की अपील की।
छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान भूजल सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र और पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। यदि बच्चों में बचपन से ही जल संरक्षण की आदत विकसित की जाए तो इसका सकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक दिखाई देगा।
चित्रकला और अन्य जागरूकता प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने जल संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक सोच भी प्रस्तुत की।
तीन अधिकारियों को मिला ‘जल मित्र’ सम्मान
भूजल संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तीन अधिकारियों को ‘जल मित्र’ सम्मान प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
सम्मानित होने वालों में जिला परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को आगे भी प्रभावी ढंग से जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इसके साथ ही, ग्राम पंचायत मकनपुर के ग्राम प्रधान को भी जल संरक्षण और जनजागरूकता गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
तालाब संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर जोर
भूजल सप्ताह के दौरान जिले में तालाबों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों को संरक्षित करना भूजल स्तर को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इसी तरह, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। बारिश के पानी को संरक्षित कर उसका उपयोग करने और भूजल रिचार्ज बढ़ाने के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि यदि वर्षा जल का उचित प्रबंधन किया जाए तो भूजल स्तर में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, भूगर्भ जल विभाग के हाइड्रोलॉजिस्ट और लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा कर्मचारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्यजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने जल संरक्षण के लिए विभागीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। साथ ही, भविष्य में बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर भी जोर दिया गया।
जनभागीदारी से ही सफल होगा जल संरक्षण
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जल संरक्षण को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। केवल सरकारी योजनाओं से ही भूजल संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता।
इसके लिए प्रत्येक नागरिक को पानी की बचत, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी होगी। स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी इस अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
जल संरक्षण की मुहिम आगे भी जारी रखने का संकल्प
अंत में जिला विकास अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने भूजल सप्ताह के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और सहभागी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को लेकर जनजागरूकता की मुहिम आगे भी इसी उत्साह के साथ जारी रहेगी।
कुल मिलाकर, कानपुर में भूजल संरक्षण अभियान को लेकर आयोजित भूजल सप्ताह का समापन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। इस अवसर पर अधिकारियों ने जल संरक्षण को वर्षभर जारी रखने, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। वहीं, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, ग्राम प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों का सम्मान कर जल संरक्षण के प्रयासों को प्रोत्साहन दिया गया।

