बांदा में खाद संकट और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन, पढ़िए क्या लिखा
रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा
बांदा: किसानों की खाद संबंधी समस्याओं और बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े स्मार्ट मीटर के मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी बांदा ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को ज्ञापन भेजकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में खरीफ फसलों की बोआई और रोपाई के दौरान किसानों को यूरिया तथा डीएपी खाद की उपलब्धता में आ रही कथित परेशानियों का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही बिजली उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर को लेकर सामने आ रही शिकायतों और अधिक बिजली बिल आने के आरोपों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित करने की मांग की गई।
खाद की उपलब्धता को लेकर कांग्रेस ने उठाई आवाज
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि वर्तमान समय में खरीफ फसलों की बोआई और रोपाई का कार्य चल रहा है। ऐसे में किसानों को यूरिया और डीएपी खाद की आवश्यकता होती है। पार्टी का आरोप है कि बांदा जनपद के कई क्षेत्रों में किसान खाद लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कई किसानों को घंटों इंतजार करने के बाद भी पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है। इससे किसानों के सामने फसल की समय पर बोआई और रोपाई को लेकर चिंता उत्पन्न हो रही है।
जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि किसानों के लिए खाद की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित करना आवश्यक है। उनका कहना था कि यदि फसल के महत्वपूर्ण समय में किसानों को खाद नहीं मिलती है तो इसका सीधा असर कृषि कार्यों पर पड़ सकता है।
यूरिया और डीएपी की पर्याप्त आपूर्ति की मांग
कांग्रेस ने राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में बांदा जनपद में यूरिया और डीएपी खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी नेताओं ने कहा कि किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़े और वितरण व्यवस्था पारदर्शी तरीके से संचालित की जाए।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, खाद वितरण केंद्रों पर किसानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर खाद मिल सके।
पार्टी ने मांग की कि प्रशासन और संबंधित विभाग खाद की उपलब्धता की नियमित निगरानी करें। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में मांग अधिक है, वहां पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों का मुद्दा उठाया
ज्ञापन में बिजली उपभोक्ताओं से जुड़ी स्मार्ट मीटर की शिकायतों को भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बांदा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से कुछ उपभोक्ताओं द्वारा स्मार्ट मीटर के तेज चलने और बिजली बिल अधिक आने की शिकायतें की जा रही हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कई उपभोक्ता पहले से ही महंगाई के कारण आर्थिक दबाव में हैं। ऐसे में यदि बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी होती है तो आम परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।
हालांकि, स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों की वास्तविक स्थिति का निर्धारण तकनीकी जांच और विभागीय परीक्षण के आधार पर किया जा सकता है। कांग्रेस ने मांग की कि उपभोक्ताओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी मीटर में तकनीकी समस्या पाई जाती है तो उसका समय पर समाधान किया जाए।
मनमाने बिजली बिल की शिकायतों की जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ विद्युत उपभोक्ताओं को अपेक्षा से अधिक बिजली बिल प्राप्त हो रहे हैं। पार्टी ने मांग की कि ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं की शिकायतों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
कांग्रेस का कहना है कि उपभोक्ताओं को बिल की जानकारी, मीटर रीडिंग और भुगतान से संबंधित प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। इसके अलावा, यदि किसी उपभोक्ता को बिल में असामान्य बढ़ोतरी दिखाई देती है तो उसकी शिकायत की तकनीकी जांच की जानी चाहिए।
पार्टी ने राज्यपाल से इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आग्रह किया।
जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने रखी कांग्रेस की मांग
ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पार्टी किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रही है।
उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही, बिजली उपभोक्ताओं की स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य किसानों और आम उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाना है, ताकि संबंधित विभाग इन मुद्दों का समाधान कर सकें।
उन्होंने राज्यपाल से बांदा में खाद की समस्या के त्वरित समाधान और बिजली उपभोक्ताओं की स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों की जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस ने कहा- किसानों और उपभोक्ताओं की समस्याएं प्राथमिकता में हों
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसान कृषि व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उन्हें खेती के मौसम में खाद, बीज और अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
इसी तरह, बिजली उपभोक्ताओं को भी अपने बिल और मीटर से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए सरल और प्रभावी व्यवस्था मिलनी चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि प्रशासन को शिकायतों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, उपभोक्ताओं को अपनी समस्या दर्ज कराने और उसके समाधान की स्थिति जानने की सुविधा भी उपलब्ध होनी चाहिए।
ज्ञापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद
ज्ञापन कार्यक्रम में जिला कांग्रेस संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह एडवोकेट, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी संकटा प्रसाद त्रिपाठी, द्वारिकेश सिंह यादव मंडेला एडवोकेट, डॉ. संजय द्विवेदी दनादन, बल्देव वर्मा एडवोकेट और मोहम्मद इदरीश सहित कई नेता कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसके अलावा जिला महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी सत्यप्रकाश द्विवेदी एडवोकेट, जितेंद्र गौरव, कालीचरण निगम, जिला सचिव बाबूराम यादव, केशव पाल और रामखेलावन समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
बांदा कांग्रेस सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष संतोष कुमार द्विवेदी, जिला कांग्रेस प्रवक्ता राममिलन सिंह पटेल एडवोकेट, जिला कांग्रेस वक्ता राजेश गुप्ता, धीरेन्द्र पांडेय धीरू, रफत खान गोगा, गौरव सक्सेना, कृपाशंकर सोनी, आरिफ निजामी, सत्यम सिंह, दिव्यांश वर्मा, शिवशरण सिंह, मोहम्मद इस्लाम, चंद्रप्रकाश चंदू और वीरेंद्र खंगार समेत कई कांग्रेस जन कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
समस्याओं के समाधान की मांग
कुल मिलाकर, बांदा में खाद संकट और स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का ज्ञापन कार्यक्रम किसानों और बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा। कांग्रेस ने राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन के माध्यम से यूरिया और डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा स्मार्ट मीटर और अधिक बिजली बिल से संबंधित शिकायतों की जांच कराने की मांग की।
अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करते हैं। किसानों को खरीफ सीजन में समय पर खाद मिलना और बिजली उपभोक्ताओं की मीटर संबंधी शिकायतों का समाधान होना स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।

