NEET पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन और उसके दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जांच और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई या अर्जेंट लिस्टिंग से इनकार कर दिया। यह मामला उस समय सामने आया है, जब NEET परीक्षा की पारदर्शिता, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर छात्रों और राजनीतिक संगठनों का विरोध जारी है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, याचिका को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए रखा गया था। याचिकाकर्ता की ओर से प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती से जुड़े वीडियो और अन्य सामग्री का हवाला दिया गया। हालांकि, अदालत ने मामले को तत्काल सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं किया। (NDTV Profit)
प्रदर्शन में उठे NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दे
दिल्ली में हुए प्रदर्शन का मुख्य केंद्र NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग रही। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जिम्मेदारी तय करने और छात्रों की शिकायतों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी है। इसलिए परीक्षा से संबंधित किसी भी कथित अनियमितता का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए।
पुलिस कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए। याचिका में आरोप लगाया गया कि छात्रों के खिलाफ पुलिस ने जरूरत से अधिक बल का इस्तेमाल किया। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत के समक्ष कथित पुलिस ज्यादती से संबंधित वीडियो का हवाला दिया गया।
हालांकि, किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखी गई याचिका में पुलिस कार्रवाई की जांच और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
अदालत ने फिलहाल मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद अब यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि याचिका को आगे नियमित प्रक्रिया के तहत कब और किस रूप में सुना जाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, वकील ने प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए अदालत से जल्द हस्तक्षेप की मांग की।
हालांकि, मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति नहीं जताई। अदालत की ओर से वीडियो देखने के आग्रह पर भी तत्काल सुनवाई के दौरान रुचि नहीं दिखाई गई। (NDTV Profit)
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि तत्काल सुनवाई से इनकार का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने याचिका के आरोपों पर अंतिम निर्णय दे दिया है। यह केवल अर्जेंट सुनवाई या तत्काल लिस्टिंग के अनुरोध से संबंधित प्रक्रिया है।
NEET पेपर लीक मामले की जांच भी जारी
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच भी सामने आ चुकी है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जांच में कथित पेपर लीक से जुड़े लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मामले में एक कथित मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। (Press Information Bureau)
सरकार का कहना है कि मामले की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। वहीं, छात्रों और प्रदर्शनकारियों की मांग है कि परीक्षा व्यवस्था में कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाए।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
प्रदर्शनकारियों ने NEET परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है। छात्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा के संचालन में सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण हैं।
इसके लिए प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, डिजिटल सुरक्षा और परीक्षा के बाद परिणाम प्रक्रिया को और मजबूत करने की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसी भी परीक्षा विवाद का सबसे अधिक असर ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों पर पड़ता है।
इसलिए, उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम से कम हो।
छात्रों और अभिभावकों में चिंता
NEET परीक्षा देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए बड़ी संख्या में छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक या परीक्षा से जुड़ी किसी भी कथित अनियमितता की खबर छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता पैदा करती है।
छात्रों का कहना है कि वे कई वर्षों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इसी वजह से प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही और सुधार की मांग की है। दूसरी ओर, सरकार और जांच एजेंसियों की ओर से मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
राजनीतिक मुद्दा भी बना NEET विवाद
NEET पेपर लीक विवाद अब केवल परीक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई गई। वहीं, विपक्षी दलों ने भी छात्रों के मुद्दों और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।
इसके परिणामस्वरूप, NEET विवाद अब शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा सुधार और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़ा व्यापक मुद्दा बनता जा रहा है।
अदालत में आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा तत्काल सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद अब याचिका की आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। यदि याचिका नियमित प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध होती है, तो अदालत संबंधित पक्षों की दलीलों और उपलब्ध सामग्री पर विचार कर सकती है।
फिलहाल, अदालत ने पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। इसलिए मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
कुल मिलाकर, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को तत्काल सुनवाई नहीं मिल सकी। प्रदर्शनकारियों ने कथित पुलिस कार्रवाई की जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई थी।
वहीं, NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों पर भी नजर बनी हुई है। अब छात्रों, अभिभावकों और राजनीतिक संगठनों की निगाहें आगे की न्यायिक प्रक्रिया तथा परीक्षा प्रणाली में प्रस्तावित सुधारों पर टिकी हैं।

