हमीरपुर के राठ में जर्जर सहकारी समिति भवन से किसान हैं परेशान, तुरंत पढ़ें क्या लगाया आरोप

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रिपोर्ट – विवेक पाल 

राठ, हमीरपुर: तहसील क्षेत्र के कस्बे में स्थित सरकारी सहकारी क्रय-विक्रय समिति का भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है। भवन की खराब स्थिति को लेकर किसानों और कर्मचारियों में चिंता बनी हुई है। स्थानीय किसानों का आरोप है कि भवन की छत कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो चुकी है और बरसात के दौरान पानी टपकने से समिति में रखी खाद प्रभावित होती है।

किसानों का कहना है कि भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। इसके बावजूद अभी तक न तो समिति के लिए नए भवन की व्यवस्था की गई और न ही संचालन के लिए कोई सुरक्षित वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया गया है। किसानों ने मांग की है कि समिति का संचालन तत्काल किसी सुरक्षित भवन में कराया जाए, ताकि किसान और कर्मचारी सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।

जर्जर भवन में चल रहा समिति का संचालन

स्थानीय किसानों के अनुसार, सहकारी समिति का भवन कई वर्षों से मरम्मत के अभाव में खराब स्थिति में पहुंच चुका है। भवन की छत और दीवारों पर जगह-जगह क्षति दिखाई देती है। कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ चुका है और भवन की संरचना को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

किसानों का कहना है कि समिति में खाद लेने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान पहुंचते हैं। इसके अलावा, समिति के कर्मचारी भी पूरे दिन इसी भवन में बैठकर काम करते हैं। ऐसे में भवन की खराब स्थिति सभी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

किसानों ने कहा कि समिति का संचालन किसी सुरक्षित भवन में कराया जाना चाहिए। साथ ही, स्थायी समाधान के लिए नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जानी चाहिए।

बारिश में टपकती है छत, खाद प्रभावित होने का आरोप

बरसात के मौसम में समिति भवन की समस्या और बढ़ जाती है। किसानों का आरोप है कि छत से कई स्थानों पर पानी टपकता है। इसके कारण भवन के भीतर रखी यूरिया और डीएपी खाद के भीगने की स्थिति बन जाती है।

किसानों का कहना है कि खाद को सुरक्षित रखने के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने पर उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसके अलावा, किसानों को भी कई बार ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है, जब खाद लेने के लिए उन्हें खराब मौसम के बीच जर्जर भवन में इंतजार करना पड़ता है।

किसानों ने मांग की है कि खाद भंडारण और वितरण के लिए सुरक्षित व्यवस्था की जाए। साथ ही, जब तक नया भवन नहीं बनता, तब तक किसी वैकल्पिक सुरक्षित स्थान पर खाद रखने और वितरण की व्यवस्था की जाए।

किसानों को घंटों करना पड़ता है इंतजार

किसानों के अनुसार, खाद लेने के लिए उन्हें कई बार घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। समिति परिसर में पर्याप्त सुरक्षित बैठने की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी होती है।

किसानों का कहना है कि जर्जर भवन में बैठना भी उनके लिए मजबूरी बन जाता है। भवन की छत और दीवारों की स्थिति को देखते हुए किसान वहां बैठने में असहज महसूस करते हैं। इसके बावजूद, खाद वितरण के लिए कोई अन्य व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें इसी परिसर में इंतजार करना पड़ता है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद वितरण के दौरान किसानों के बैठने और प्रतीक्षा करने के लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की जाए।

छत और प्लास्टर गिरने का दावा

स्थानीय किसानों का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में भवन की छत और प्लास्टर के हिस्से कई बार नीचे गिर चुके हैं। किसानों के अनुसार, कुछ मौकों पर लोग बाल-बाल बचे।

हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर किसी बड़े हादसे की जानकारी सामने नहीं आई है। फिर भी किसानों का कहना है कि भवन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सुरक्षा को लेकर लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

किसानों ने कहा कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए प्रशासन को तत्काल भवन का तकनीकी निरीक्षण कराकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

कर्मचारियों को भी परेशानी

जर्जर भवन में समिति के कर्मचारी भी नियमित रूप से काम कर रहे हैं। कर्मचारियों को पूरे दिन खराब स्थिति वाले भवन में बैठकर किसानों से संबंधित कार्य करना पड़ता है।

किसानों का कहना है कि जिस भवन में कर्मचारी और किसान दोनों मौजूद रहते हैं, उसकी सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि भवन लंबे समय से जर्जर है तो उसके उपयोग को लेकर विशेषज्ञों से जांच कराई जानी चाहिए।

इसके अलावा, कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।

कई बार अधिकारियों को जानकारी देने का दावा

स्थानीय किसानों का आरोप है कि समिति भवन की खराब स्थिति को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।

किसानों का कहना है कि भवन की स्थिति को लेकर समय-समय पर शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई केवल आश्वासन तक सीमित रही। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में स्थलीय निरीक्षण कराकर भवन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए।

इसके बाद यदि भवन मरम्मत योग्य है तो तत्काल मरम्मत कराई जाए और यदि भवन पूरी तरह असुरक्षित है तो नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए।

किसानों ने रखीं प्रमुख मांगें

किसानों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें सहकारी क्रय-विक्रय समिति के लिए नए भवन की स्वीकृति, सुरक्षित भवन में अस्थायी संचालन, खाद के सुरक्षित भंडारण और किसानों के लिए सुरक्षित वितरण व्यवस्था प्रमुख हैं।

इसके साथ ही, किसानों ने मांग की है कि भवन की तकनीकी जांच कराई जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते दूर किया जा सके।

किसानों का कहना है कि खाद किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए खाद के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

सुरक्षित व्यवस्था की मांग

किसानों ने कहा कि समिति का उद्देश्य किसानों को कृषि संबंधी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना है। इसलिए वहां आने वाले किसानों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।

किसानों के अनुसार, उन्हें खाद के लिए लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में यदि भवन जर्जर हो तो जोखिम और बढ़ जाता है। इसलिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।

कुल मिलाकर, राठ में जर्जर सहकारी समिति भवन को लेकर किसानों और कर्मचारियों की चिंता बढ़ती जा रही है। टपकती छत, खराब संरचना और खाद के प्रभावित होने की शिकायतों के बीच किसान नए भवन की मांग कर रहे हैं।

किसानों का कहना है कि समिति का संचालन किसी सुरक्षित भवन में कराया जाए और खाद के भंडारण तथा वितरण के लिए उचित व्यवस्था की जाए। साथ ही, स्थायी समाधान के तौर पर नए भवन का निर्माण कराया जाए।

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन किसानों की मांगों पर कब तक कार्रवाई करते हैं। यदि समय रहते भवन की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं, तो किसानों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। वहीं, सुरक्षित खाद भंडारण से किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

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