वृंदावन पहुंचे 2025 बैच के IAS प्रशिक्षु अधिकारी, ब्रज के स्वच्छता अभियान और सांस्कृतिक विरासत से हुए प्रभावित
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा,वृंदावन: भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु महिला एवं पुरुष अधिकारियों ने अपने शैक्षणिक भ्रमण के दौरान सोमवार को वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी का भ्रमण किया।
इस अवसर पर अधिकारियों को ब्रज की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन विरासत के साथ-साथ जनभागीदारी आधारित स्वच्छता अभियान, तीर्थ विकास और पर्यटन अवसंरचना से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य भावी प्रशासनिक अधिकारियों को सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, जनसहभागिता आधारित विकास मॉडल और प्रशासनिक नवाचारों से परिचित कराना था।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने विभिन्न प्रस्तुतियों और संवाद सत्रों के माध्यम से ब्रज क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की तथा उन्हें प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी अनुभव बताया।
परिचयात्मक सत्र में ब्रज की विरासत से कराया गया परिचय
गीता शोध संस्थान के सभागार में आयोजित परिचयात्मक सत्र के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत किया गया। संस्थान के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने अधिकारियों को ब्रज क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि ब्रज केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन और पर्यटन के लिए पहुंचते हैं।
स्वच्छता अभियान की जानकारी में दिखाई विशेष रुचि
परिचयात्मक सत्र के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया गया कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल पर पूरे ब्रज क्षेत्र में व्यापक जनभागीदारी के साथ विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव सहित प्रमुख तीर्थ स्थलों, परिक्रमा मार्गों, घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित सफाई अभियान चलाए जाते हैं। इसके साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
अधिकारियों ने विशेष रूप से यह जानने में रुचि दिखाई कि किस प्रकार प्रशासन और आम नागरिक मिलकर स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दे रहे हैं।
11 किलोमीटर लंबी परिक्रमा पर चला था विशेष अभियान
प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया गया कि हाल ही में वृंदावन की लगभग 11 किलोमीटर लंबी परिक्रमा पर विशेष स्वच्छता महाअभियान चलाया गया।
इस अभियान में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त ओजस्वी तथा प्रशासन एवं पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।
अधिकारियों की इस सक्रिय भागीदारी और जनसहयोग आधारित मॉडल ने आईएएस प्रशिक्षुओं को विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने इसे प्रशासनिक नेतृत्व और जनभागीदारी का प्रभावी उदाहरण बताया।
पर्यटन विकास और सांस्कृतिक संरक्षण पर भी हुई चर्चा
सत्र के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं, भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए कई परियोजनाओं पर कार्य कर रही है।
इन परियोजनाओं के अंतर्गत यमुना के प्राचीन घाटों, ऐतिहासिक कुंडों और पौराणिक स्थलों का संरक्षण, जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक पर्यटन अवसंरचना विकसित की जा रही है।
आधुनिक सुविधाओं का भी कराया गया परिचय
प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया गया कि क्षेत्र में पांचजन्य प्रेक्षागृह, श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह तथा कई ओपन एयर थिएटर विकसित किए गए हैं। इनका उद्देश्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और पर्यटन गतिविधियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों ने इन सुविधाओं को पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया।
गीता शोध संस्थान की गतिविधियों से हुए परिचित
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी की विभिन्न गतिविधियों की भी जानकारी दी गई।
उन्हें बताया गया कि संस्थान में नियमित रूप से रासलीला प्रशिक्षण एवं मंचन, श्रीमद्भगवद्गीता पर आधारित प्रेरक कार्यक्रम, साहित्यिक गोष्ठियां, सांस्कृतिक आयोजन और शोध गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों का संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार करना है।
प्रशासनिक प्रशिक्षण के लिए उपयोगी अनुभव
भ्रमण के समापन पर प्रशिक्षु अधिकारियों ने कहा कि ब्रज की सांस्कृतिक विरासत, स्वच्छता अभियान और पर्यटन विकास की कार्यशैली को निकट से समझने का अवसर उनके लिए अत्यंत उपयोगी रहा।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में कार्य करते समय जनभागीदारी, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास जैसे विषयों की समझ अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वृंदावन का यह अनुभव भविष्य में नीति निर्माण और प्रशासनिक निर्णयों के दौरान भी उपयोगी साबित हो सकता है।
जनभागीदारी बना अभियान की सबसे बड़ी ताकत
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सार्वजनिक अभियान की सफलता तभी संभव है जब उसमें स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी हो। ब्रज क्षेत्र में चल रहे स्वच्छता अभियान को इसी कारण एक सफल जनआंदोलन के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासन, स्थानीय संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों के सहयोग से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
वर्ष 2025 बैच के आईएएस प्रशिक्षु अधिकारियों का वृंदावन भ्रमण केवल एक शैक्षणिक यात्रा नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक दृष्टि से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर भी बना।
स्वच्छता अभियान, सांस्कृतिक संरक्षण, पर्यटन विकास और जनभागीदारी के सफल मॉडल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रभावित किया। ऐसे अध्ययन भ्रमण भविष्य के प्रशासनिक अधिकारियों को स्थानीय आवश्यकताओं, सांस्कृतिक विरासत और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

