ब्रज स्वच्छता अभियान को मिला बड़ा जनसमर्थन, रमणरेती में 250 स्वयंसेवकों ने किया श्रमदान
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली ब्रजभूमि को स्वच्छ, सुंदर और पवित्र बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा ‘हम सबने ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ महाअभियान लगातार जनआंदोलन का स्वरूप लेता जा रहा है। रविवार को गोकुल स्थित प्रसिद्ध रमणरेती आश्रम में आयोजित विशेष स्वच्छता अभियान में 250 से अधिक स्वयंसेवकों, बटुकों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान के दौरान आश्रम परिसर, मुख्य मार्ग, सरोवर क्षेत्र और आसपास के सार्वजनिक स्थानों की सफाई की गई। साथ ही श्रद्धालुओं से ब्रज की स्वच्छता को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानकर सहयोग करने की अपील की गई।
यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का भी माध्यम बना। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि यदि समाज एकजुट होकर कार्य करे, तो स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
जनभागीदारी बनी अभियान की सबसे बड़ी ताकत
रमणरेती आश्रम में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों तथा हार्टफुलनेस संस्था के स्वयंसेवकों ने मिलकर श्रमदान किया। अभियान की शुरुआत स्वच्छता संकल्प के साथ हुई, जिसके बाद सभी स्वयंसेवकों ने विभिन्न समूहों में विभाजित होकर सफाई कार्य किया।
स्वयंसेवकों ने झाड़ू लगाई, प्लास्टिक और अन्य कचरे को एकत्र किया तथा उसे निर्धारित स्थान तक पहुंचाया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को स्वच्छता बनाए रखने और कूड़ा केवल कूड़ेदान में डालने के लिए प्रेरित किया गया।
धार्मिक स्थलों की स्वच्छता पर विशेष जोर
ब्रज क्षेत्र देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में यहां स्वच्छ वातावरण बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक का भी दायित्व है।
अभियान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सीधे श्रद्धा और संस्कृति से जुड़ी होती है। यदि तीर्थस्थल स्वच्छ रहेंगे, तो आने वाले श्रद्धालुओं को भी सकारात्मक अनुभव मिलेगा और ब्रज की गौरवशाली पहचान और मजबूत होगी।
ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश चंद्र ने अभियान का नेतृत्व करते हुए कहा कि ब्रज की स्वच्छता को लेकर परिषद लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रमुख तीर्थस्थलों पर नियमित सफाई अभियान चलाया जा रहा है, जबकि प्रत्येक रविवार को विशेष जनभागीदारी अभियान आयोजित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल सफाई कराना नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति स्थायी जागरूकता पैदा करना है। जब समाज स्वयं इस अभियान से जुड़ेगा, तभी इसका स्थायी और व्यापक प्रभाव दिखाई देगा।
हार्टफुलनेस स्वयंसेवकों ने दिया स्वच्छता का संदेश
हार्टफुलनेस संस्था के उत्तर प्रदेश रीजनल फैसिलिटेटर अनुपम अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं और हमेशा निर्धारित कूड़ेदान का ही उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी छोटी-छोटी जिम्मेदारियों का पालन करे, तो ब्रज क्षेत्र को देश के सबसे स्वच्छ धार्मिक स्थलों में शामिल किया जा सकता है।
सेवाभाव से जुड़ रहे स्वयंसेवक
मथुरा समन्वयक निशांत शर्मा ने कहा कि पूज्य दाजी के प्रेरणादायी संदेश के अनुरूप स्वयंसेवक पूरी निष्ठा और सेवाभाव से इस अभियान में भाग ले रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों के भीतर स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
उन्होंने बताया कि ब्रज की पवित्रता, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।
कई जिलों से पहुंचे स्वयंसेवक
इस विशेष अभियान में केवल मथुरा ही नहीं, बल्कि आगरा, अलीगढ़, हाथरस, मेरठ और नोएडा से भी बड़ी संख्या में हार्टफुलनेस के स्वयंसेवक शामिल हुए। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ श्रमदान किया और सामूहिक प्रयास की मिसाल प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में सुरेंद्र शर्मा, ऋषि तोमर, जितेंद्र पाल सिंह, महेश पाल सिंह, सुभाष चंद, यतेंद्र सिंह, ज्योति, पवन, शैलेंद्र, जे.पी. सिंह, रमेश वर्मा, संदीप खन्ना, भगवान सिंह, शंकर पाल, सुषमा, सुधा, देवी सहित अनेक स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। यदि सार्वजनिक स्थान स्वच्छ रहेंगे, तो प्रदूषण भी कम होगा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी बेहतर ढंग से किया जा सकेगा।
इसके अलावा लोगों को प्लास्टिक का कम उपयोग करने, जैविक कचरे का उचित निस्तारण करने और सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई बनाए रखने का संदेश भी दिया गया।
जन आंदोलन बनता स्वच्छ ब्रज अभियान
ब्रज स्वच्छता अभियान अब धीरे-धीरे एक सामाजिक जन आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। इसमें प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक एक साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी अभियान में जनसहभागिता बढ़ती है, तो उसके परिणाम अधिक प्रभावी और स्थायी होते हैं।
गोकुल स्थित रमणरेती आश्रम में आयोजित ब्रज स्वच्छता अभियान ने यह साबित कर दिया कि सामूहिक प्रयास से बड़े बदलाव संभव हैं। 250 से अधिक स्वयंसेवकों द्वारा किया गया श्रमदान केवल सफाई अभियान नहीं था, बल्कि यह समाज को अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर के संरक्षण का संदेश देने वाला प्रेरक आयोजन भी रहा।
यदि इसी प्रकार प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर कार्य करते रहे, तो आने वाले समय में ब्रज क्षेत्र न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है। स्वच्छ ब्रज का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक ब्रजवासी और श्रद्धालु इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानकर निरंतर सहयोग करेगा।

