कानपुर में जिगरी दोस्त ने की थी फरसे काटकर हत्या… किसान मर्डर केस में पुलिस ने किया चैंकाने वाला खुलासा
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा
कानपुर: कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र स्थित हाथी गांव में किसान हरिमोहन यादव की हत्या का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा की गई वारदात का नहीं, बल्कि मृतक और उसके परिचित के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यक्तिगत विवाद का परिणाम पाया गया। इस मामले में पुलिस ने मृतक के जिगरी दोस्त धर्मेन्द्र उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त फरसा भी बरामद करने की बात कही है।
पूर्वी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सत्यजीत गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि मामले की गहन जांच, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और मामले की विवेचना नियमानुसार जारी है।
पुलिस जांच में सामने आए कई महत्वपूर्ण तथ्य
डीसीपी सत्यजीत गुप्ता के अनुसार, घटना की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, स्थानीय लोगों से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं।
जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि आरोपी धर्मेन्द्र और मृतक हरिमोहन यादव के बीच पिछले कुछ दिनों से तनाव चल रहा था। पुलिस का कहना है कि दोनों के बीच व्यक्तिगत कारणों से विवाद उत्पन्न हुआ था, जो समय के साथ बढ़ता गया।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि घटना से लगभग एक सप्ताह पहले दोनों के बीच एक ऐसी घटना हुई थी, जिसके बाद रिश्तों में खटास आ गई। पुलिस के अनुसार, इसी के बाद दोनों के बीच लगातार मनमुटाव बना रहा।
व्यक्तिगत विवाद ने बढ़ाया तनाव
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि आरोपी ने हरिमोहन यादव को एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लेने का दावा किया था। इसके बाद दोनों के बीच विवाद गहराने लगा। पुलिस का कहना है कि गांव में बदनामी की आशंका को लेकर दोनों के बीच लगातार तनाव बना रहा।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हरिमोहन यादव ने धर्मेन्द्र पर 900 रुपये चोरी करने का आरोप लगाया था। इसी आरोप के चलते हरिमोहन ने धर्मेन्द्र के फावड़ा और कुदाल अपने पास रख लिए थे। पुलिस का मानना है कि इस घटना के बाद दोनों के बीच आपसी नाराजगी और अधिक बढ़ गई।
घटना से पहले दोनों साथ थे
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, घटना से एक दिन पहले हरिमोहन यादव और धर्मेन्द्र अपने कुछ अन्य परिचितों के साथ बैठे थे। कुछ समय बाद अन्य लोग वहां से चले गए और दोनों अकेले रह गए।
इसके बाद, पुराने विवाद को लेकर दोनों के बीच फिर बहस शुरू हो गई। पुलिस का कहना है कि बहस धीरे-धीरे बढ़ी और विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।
पुलिस के अनुसार विवाद के बाद हुई हत्या
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि विवाद के दौरान हरिमोहन ने उस पर डंडे से हमला किया। इसके बाद आरोपी ने पास में रखा फरसा उठाकर हरिमोहन पर हमला कर दिया।
यह जानकारी पुलिस की जांच और आरोपी से पूछताछ के आधार पर सामने आई है। मामले की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और विवेचना पूरी होने के बाद ही होगी।
घटना के बाद आरोपी हुआ फरार
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी मौके से चला गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी ससुराल पहुंच गया।
पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस, स्थानीय सूचना तंत्र और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से आरोपी का पता लगा लिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त फरसा भी बरामद किया।
तकनीकी जांच बनी पुलिस की सफलता का आधार
डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि इस मामले के खुलासे में तकनीकी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने कॉल डिटेल, स्थानीय इनपुट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपी तक पहुंच बनाई।
पुलिस कम समय में घटना की गुत्थी सुलझाने में सफल रही। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान जुटाए गए सभी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
आरोपी के खिलाफ जारी है विधिक कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही मामले की विस्तृत विवेचना जारी है ताकि यदि कोई अन्य तथ्य सामने आता है तो उसे भी जांच में शामिल किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी तरह साक्ष्य आधारित और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे मामले से जुड़ी किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित होने वाली अप्रमाणित सूचनाओं के बजाय केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
पुलिस ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होता। इसलिए लोगों को संयम बनाए रखना चाहिए।
सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मामला
ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में संवाद, कानूनी प्रक्रिया और सामाजिक स्तर पर विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता होती है। पुलिस का कहना है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेना चाहिए, न कि स्वयं निर्णय लेने का प्रयास करना चाहिए।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि छोटे-छोटे विवाद समय रहते सुलझा लिए जाएं तो बड़ी घटनाओं की संभावना कम हो सकती है।

