संतकबीरनगर में संपूर्ण समाधान दिवस: डीएम अनुज मलिक और एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, दिए सख्त निर्देश
रिपोर्ट – शैलेंद्र मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर: जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से शनिवार, 7 नवंबर 2026 को तहसील खलीलाबाद में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी श्रीमती अनुज मलिक और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम में प्रतिभाग कर फरियादियों की शिकायतें सुनीं। दोनों अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण निष्पक्षता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में सुनिश्चित किया जाए।
समाधान दिवस में पुलिस और राजस्व विभाग सहित विभिन्न संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुना और उसके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राजस्व और पुलिस विभाग की शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी अनुज मलिक और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने राजस्व एवं पुलिस विभाग से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में दोनों विभागों के बीच आपसी समन्वय की आवश्यकता होती है। इसलिए ऐसे प्रकरणों का निस्तारण संबंधित अधिकारी मिलकर प्राथमिकता के आधार पर करें।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही, प्रत्येक मामले में शिकायत के तथ्यों की निष्पक्ष जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत का निस्तारण केवल औपचारिकता पूरी करने के उद्देश्य से नहीं किया जाना चाहिए। बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या को समझकर उसका वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाना जरूरी है।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखें। प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समयसीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण हो और कार्रवाई की गुणवत्ता भी बनी रहे।
इसके अलावा, अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि शिकायतों की जांच करते समय सभी संबंधित पक्षों की बात सुनी जाए। इससे किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय की स्थिति उत्पन्न न हो और शिकायत का समाधान नियमों के अनुरूप किया जा सके।
शिकायत पंजिका का निरीक्षण कर लिया फीडबैक
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने शिकायत पंजिका का निरीक्षण भी किया। इस दौरान पूर्व में प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण से संबंधित विवरणों की समीक्षा की गई।
विशेष रूप से पहले निस्तारित की जा चुकी शिकायतों के संबंध में फरियादियों से फीडबैक प्राप्त कर यह जानने का प्रयास किया गया कि संबंधित अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं या नहीं।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल शिकायतों को निस्तारित दिखाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि संबंधित व्यक्ति की समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है। यदि किसी शिकायत के निस्तारण में कमी पाई जाती है, तो उसके संबंध में आवश्यक कार्रवाई और सुधार किया जा सके।
फरियादियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें
जिलाधिकारी अनुज मलिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का समाधान इस प्रकार किया जाए, जिससे शिकायतकर्ता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आम नागरिकों को समय पर न्यायसंगत समाधान उपलब्ध कराना है।
वहीं, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में निष्पक्षता और संवेदनशीलता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों की जांच तथ्यों के आधार पर की जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आम जनता को त्वरित न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता
संपूर्ण समाधान दिवस प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए नागरिक अपनी राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। साथ ही, अधिकारियों को शिकायतों की वास्तविक स्थिति समझने और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का अवसर मिलता है।
शनिवार को खलीलाबाद तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने इसी व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनशिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनका निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
कुल मिलाकर, प्रशासन का उद्देश्य है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े और उन्हें समयबद्ध तरीके से राहत मिल सके। अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि वे अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें।


