मेरठ में जेल से छूटते ही कुख्यात शादाब उर्फ़ जब्बर ने युवक पर चलाई गोली, पढ़िए क्या था पूरा मामला?

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रिपोर्ट – मनीष पाराशर 

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में अपराधियों के हौसले एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में पुरानी रंगदारी के मामले में समझौते का दबाव बनाने के लिए एक युवक पर गोली चलाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2019 में पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में जेल जा चुका मुख्य आरोपी महज 12 दिन पहले ही जेल से बाहर आया था। जेल से रिहा होने के बाद उस पर अपने दो साथियों के साथ मिलकर पीड़ित युवक को निशाना बनाने का आरोप लगा है। हालांकि, युवक ने पड़ोसी के घर में घुसकर अपनी जान बचा ली। घटना के बाद इलाके में पुलिस ने जांच और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

मेरठ के लिसाड़ीगेट में युवक पर फायरिंग से मचा हड़कंप

मामला मेरठ के लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के इस्तफाक नगर स्थित गड्ढे वाली मस्जिद वाली गली का है। यहां रहने वाला 25 वर्षीय भूरा पुत्र सिराजुद्दीन अपनी गली में टहल रहा था। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर तीन युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि बाइक सवार हमलावरों ने भूरा को निशाना बनाते हुए फायरिंग शुरू कर दी।

अचानक हुई इस घटना से युवक घबरा गया। अपनी जान बचाने के लिए वह तुरंत दौड़कर पास में रहने वाले एक पड़ोसी के घर में घुस गया। इसके चलते वह हमलावरों की चपेट में आने से बच गया। वहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी जुटाई।

2019 में मांगी गई थी पांच लाख रुपये की रंगदारी

पीड़ित भूरा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि इस घटना के पीछे पुराना विवाद है। उसके मुताबिक, वर्ष 2019 में मुख्य आरोपी शादाब पुत्र जब्बर ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उसकी बड़ी बहन से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।

इस मामले में उस समय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शादाब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से ही दोनों पक्षों के बीच विवाद चला आ रहा था।

पीड़ित का आरोप है कि शादाब करीब 12 दिन पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया है। जेल से बाहर आने के बाद उसने पुराने रंगदारी के मामले में समझौता करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी विवाद को लेकर शादाब अपने दो अन्य साथियों के साथ बाइक पर सवार होकर वहां पहुंचा और भूरा पर गोली चला दी।

इस घटना को लेकर पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही घटना के सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे CO संग्राम सिंह

फायरिंग की सूचना मिलने के बाद CO कोतवाली संग्राम सिंह और लिसाड़ीगेट थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और पीड़ित से घटना के संबंध में जानकारी ली।

इसके साथ ही पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को जुटाने का प्रयास किया। आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने की कार्रवाई भी शुरू की गई।

CO संग्राम सिंह ने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते भूरा नाम के युवक पर गोली चलाने की सूचना प्राप्त हुई थी। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

जेल से रिहाई के बाद हुई घटना ने खड़े किए सवाल

इस घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और पुराने आपराधिक मामलों से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वर्ष 2019 में दर्ज रंगदारी के मामले में जेल जा चुके आरोपी पर रिहाई के कुछ ही दिनों बाद दोबारा वारदात में शामिल होने का आरोप लगा है।

हालांकि, इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस पीड़ित की शिकायत, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्रवाई कर रही है।

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