CSJMU में LLB छात्रों का प्रदर्शन, रिजल्ट में BPRD लिखे जाने पर स्पष्टीकरण और संशोधित परिणाम की मांग
रिपोर्ट – सुमित शर्मा
कानपुर: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में सोमवार को एलएलबी (LLB) के छात्रों ने परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन किया। विधि छात्र मोर्चा के नेतृत्व में विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों से पहुंचे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परिणाम में BPRD लिखे जाने का अर्थ स्पष्ट करने, संशोधित परिणाम जारी करने तथा परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार करने की मांग की। छात्रों ने कुलपति के नाम परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी रही। छात्रों को प्रशासनिक भवन की ओर जाने से रोका गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। बाद में छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
विभिन्न कॉलेजों से पहुंचे विधि छात्र
विधि छात्र मोर्चा के बैनर तले विभिन्न संबद्ध कॉलेजों और अन्य जिलों से बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय पहुंचे। छात्रों का कहना था कि वे परीक्षा परिणाम से जुड़ी समस्याओं को सीधे विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखना चाहते हैं।
हालांकि, जब छात्र प्रशासनिक भवन की ओर बढ़ने लगे तो सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया गया। इसके बाद कुछ समय तक पुलिस, विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। अंततः छात्रों ने अपनी मांगों को लिखित रूप में परीक्षा नियंत्रक को सौंप दिया।
रिजल्ट में BPRD लिखे जाने पर उठाए सवाल
प्रदर्शन का मुख्य कारण एलएलबी चौथे सेमेस्टर के परिणाम में BPRD लिखे जाने को बताया गया। छात्रों का कहना है कि परिणाम में इस शब्द के उल्लेख से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि BPRD का क्या अर्थ है और इसका छात्रों के परिणाम पर क्या प्रभाव पड़ता है।
इसके साथ ही छात्रों ने मांग की कि यदि परिणाम में कोई तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि हुई है तो उसे शीघ्र सुधारते हुए संशोधित परिणाम जारी किया जाए।
छात्र नेताओं ने रखी अपनी बात
विधि छात्र मोर्चा के संचालक एवं छात्र नेता अनुज त्रिपाठी ने कहा कि संबद्ध कॉलेजों और विभिन्न जिलों से आए छात्रों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीरता से सुने। उनके अनुसार छात्रों को विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने और अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परिणाम में लिखे गए BPRD के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि छात्रों के मन में उत्पन्न भ्रम दूर हो सके।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की भी मांग
रिजल्ट से जुड़े मुद्दे के अलावा छात्रों ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि वर्तमान अल्टरनेट चांस व्यवस्था के कारण कई छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित होता है।
छात्रों ने सुझाव दिया कि प्रत्येक सेमेस्टर के साथ बैक पेपर परीक्षा आयोजित की जाए। उनका कहना है कि इससे जिन छात्रों का कोई विषय शेष रह जाता है, उन्हें अगले अवसर के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनकी पढ़ाई समय पर पूरी हो सकेगी।
छात्रों का पक्ष
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि परीक्षा परिणाम किसी भी विद्यार्थी के शैक्षणिक भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। ऐसे में यदि परिणाम में कोई अस्पष्ट शब्द या तकनीकी त्रुटि दिखाई देती है तो उसे समय रहते स्पष्ट करना आवश्यक है।
छात्रों के अनुसार पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और समयबद्ध परिणाम विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय पर विश्वास मजबूत करते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन से अपेक्षाएं
छात्रों ने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा परिणाम से जुड़े मामलों में अधिक पारदर्शिता अपनाए। उनका कहना है कि यदि किसी तकनीकी शब्द का प्रयोग किया जाता है तो उसकी आधिकारिक जानकारी भी परिणाम के साथ उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इसके अतिरिक्त छात्रों ने यह भी कहा कि परिणाम संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
शांतिपूर्ण ढंग से सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने परीक्षा नियंत्रक को कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें शामिल थीं—
- एलएलबी परिणाम में BPRD लिखे जाने का अर्थ स्पष्ट किया जाए।
- यदि कोई त्रुटि है तो संशोधित परिणाम जारी किया जाए।
- प्रत्येक सेमेस्टर के साथ बैक पेपर परीक्षा आयोजित की जाए।
- अल्टरनेट चांस व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएं।
- छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच संवाद व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता का महत्व
उच्च शिक्षा संस्थानों में परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता विद्यार्थियों के विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिणाम से जुड़ी किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि का समय पर समाधान विद्यार्थियों के हित में होता है।
इसी प्रकार, नियमित संवाद और शिकायत निवारण व्यवस्था से भी छात्रों की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल छात्रों ने अपनी मांगें विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रख दी हैं। अब विद्यार्थियों को प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संभावित निर्णय का इंतजार है। यदि विश्वविद्यालय की ओर से BPRD के संबंध में कोई स्पष्टीकरण या संशोधित परिणाम जारी किया जाता है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में एलएलबी छात्रों ने परिणाम में BPRD लिखे जाने को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और विश्वविद्यालय प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा। इसके साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, प्रत्येक सेमेस्टर में बैक पेपर परीक्षा आयोजित करने तथा संशोधित परिणाम जारी करने की मांग भी उठाई। अब छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

