अमेठी में सड़कों की बदहाली पर डीएम सख्त, दो दिन में गड्ढे भरने के निर्देश – विस्तार से जरूर पढ़ें
रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा
अमेठी: दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन से पहले जिले की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने शुक्रवार देर रात लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ अमेठी-धम्मौर और ककवा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों प्रमुख मार्गों पर कई स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब मिली और गड्ढे दिखाई दिए। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को दो दिन के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसलिए सड़कों की मरम्मत में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड और निर्माण खंड के अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा में गड्ढों को भरवाकर सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए।
अमेठी-धम्मौर और ककवा मार्ग का देर रात निरीक्षण
जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने शुक्रवार देर रात संबंधित अधिकारियों के साथ प्रमुख मार्गों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन से पहले सड़कों की समस्याओं की पहचान करना और समय रहते उनका समाधान सुनिश्चित करना था।
निरीक्षण के दौरान अमेठी-धम्मौर और ककवा मार्ग पर कई स्थानों पर गड्ढे मिले। सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए डीएम ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निरीक्षण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौके पर मिली समस्याओं का समयबद्ध समाधान भी जरूरी है।
इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अभियंताओं से कहा कि मरम्मत कार्य इस तरह कराया जाए, जिससे लोगों को आवागमन के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। त्योहारों के समय इन मार्गों पर श्रद्धालुओं और अन्य लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए सड़क सुधार के काम को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
दो दिन में गड्ढे भरने का अल्टीमेटम
सड़कों पर गड्ढे मिलने के बाद जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड और निर्माण खंड के अधिशासी अभियंताओं को दो दिन के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि तय समयसीमा के भीतर काम पूरा होना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क के जिन हिस्सों में गड्ढे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। साथ ही मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
प्रशासन का जोर केवल गड्ढे भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि मरम्मत के बाद सड़क की स्थिति बेहतर हो और लोगों को आवाजाही में राहत मिले। इसके लिए संबंधित विभागों को अपने स्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दो दिन बाद फिर होगा स्थलीय निरीक्षण
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद उसकी गुणवत्ता और प्रगति की जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दो दिन बाद वह स्वयं दोबारा स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इस दौरान देखा जाएगा कि अमेठी-धम्मौर और ककवा मार्ग पर गड्ढे भरने का काम निर्धारित समयसीमा में पूरा हुआ है या नहीं।
इस निर्देश के बाद संबंधित विभागों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अधिकारियों को न केवल तय समय में काम पूरा करना होगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सड़क सुधार का कार्य मानकों के अनुरूप हो।
डीएम ने जिले के अन्य प्रमुख मार्गों की स्थिति पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों पर मरम्मत की आवश्यकता है, उन्हें चिन्हित किया जाए और प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य कराया जाए। इससे त्योहारों के दौरान प्रमुख मार्गों पर आवागमन को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।
अन्य प्रमुख सड़कों की मरम्मत पर भी जोर
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे केवल निरीक्षण किए गए मार्गों तक ही सीमित न रहें। जिले के दूसरे प्रमुख मार्गों की स्थिति का भी आकलन किया जाए और जहां गड्ढे या अन्य समस्याएं हैं, वहां आवश्यक मरम्मत कराई जाए।
इसके अलावा, उन्होंने कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सड़क मरम्मत में निर्धारित समयसीमा का पालन करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में भी सड़कों को बेहतर बनाने और गड्ढा भराई का काम समय पर पूरा करने पर बल दिया गया है।
ऐसे में संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और मौके पर सामने आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन से पहले व्यवस्था सुधारने की तैयारी
दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सड़कों की स्थिति बेहतर रखना जरूरी है। खराब सड़कें आवागमन को प्रभावित कर सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सड़क मरम्मत को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
डीएम शशांक चौधरी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए संबंधित विभाग निर्धारित समय में कार्य पूरा करें और यह सुनिश्चित करें कि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अब दो दिन बाद होने वाले दोबारा निरीक्षण में सड़क मरम्मत के कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इससे यह स्पष्ट होगा कि निर्धारित समयसीमा में अधिकारियों ने कितनी कार्रवाई की है।
कुल मिलाकर, अमेठी में दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन से पहले सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए प्रशासन ने समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब संबंधित विभागों के सामने दो दिन के भीतर गड्ढे भरने और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।

