बदायूं में स्कूल गेट से 10 मीटर दूर शराब का ठेका, छात्रों ने ग्रामीणों संग निकाली विरोध रैली
रिपोर्ट – विपिन यादव
बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्कूल के नजदीक संचालित शराब की दुकान को लेकर छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। मूसाझाग थाना क्षेत्र के गुरगांव स्थित राजकीय हाईस्कूल के विद्यार्थियों ने ग्रामीणों के साथ रैली निकालकर प्रदर्शन किया और ठेके को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्कूल के मुख्य गेट से महज 10 मीटर की दूरी पर शराब की दुकान होने से विद्यार्थियों की सुरक्षा और पढ़ाई के माहौल पर असर पड़ रहा है।
छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि स्कूल परिसर के आसपास शराब के खाली खोखे पड़े मिलते हैं। इसके अलावा, सुबह से ही ठेके के आसपास शराब पीने वालों का जमावड़ा लगने और शोर-शराबे की शिकायत भी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के लिए बने संस्थान के इतने नजदीक शराब की दुकान संचालित होने से बच्चों और शिक्षकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
स्कूल के पास शराब की दुकान को लेकर छात्रों का प्रदर्शन
गुरगांव स्थित राजकीय हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों के साथ मिलकर रैली निकाली और शराब की दुकान को हटाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने स्कूल के आसपास के माहौल को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि स्कूल के गेट के पास शराब का ठेका होने से शैक्षिक वातावरण प्रभावित होता है।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। ऐसे में दुकान के आसपास लोगों की मौजूदगी और कथित शोर-शराबे को लेकर अभिभावकों तथा ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के माहौल को प्राथमिकता देते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान करे।
हालांकि, शराब की दुकान की वास्तविक दूरी और संबंधित नियमों के अनुपालन की आधिकारिक पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, छात्रों और ग्रामीणों की प्रमुख मांग दुकान को स्कूल के आसपास से हटाकर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की है।
प्रधानाचार्य ने 16 जुलाई को जिलाधिकारी को दिया था पत्र
इस मामले में राजकीय हाईस्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. शची गुप्ता की ओर से पहले भी शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि उन्होंने 16 जुलाई को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर स्कूल के पास शराब की दुकान होने से जुड़ी समस्या से अवगत कराया था।
इसके बावजूद, ग्रामीणों और विद्यार्थियों का दावा है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी कारण अब छात्रों ने ग्रामीणों के साथ रैली निकालकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब स्कूल प्रशासन पहले ही शिकायत दे चुका है, तो संबंधित विभागों को मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
स्कूल के आसपास का वातावरण विद्यार्थियों की पढ़ाई और नियमित गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसलिए ऐसी शिकायतों पर प्रशासनिक स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत है। साथ ही, यह भी आवश्यक है कि दुकान की स्थिति, दूरी और लागू नियमों की जांच करके तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए।
पूर्व प्रधान सूरज पाल शाक्य ने दी धरने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान पूर्व प्रधान सूरज पाल शाक्य ने भी शराब की दुकान को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ठेके को दूसरी जगह नहीं हटाया गया, तो बच्चों और ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी आवास पर धरना दिया जाएगा।
उनका कहना है कि स्कूल के सामने शराब की दुकान होने से विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ रही हैं। इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। पूर्व प्रधान की चेतावनी के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इस शिकायत पर कितनी जल्दी निर्णय लेते हैं।
ग्रामीणों का जोर इस बात पर है कि बच्चों को सुरक्षित और शांत शैक्षिक वातावरण मिलना चाहिए। उनका मानना है कि स्कूल के आसपास की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को आने-जाने और पढ़ाई करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
आबकारी अधिकारी ने दिया दुकान हटवाने का आश्वासन
मामले में जिला आबकारी अधिकारी हरिशंकर शुक्ल का पक्ष भी सामने आया है। उन्होंने बताया कि दूसरी जगह दुकान उपलब्ध नहीं होने के कारण अब तक ठेके को स्थानांतरित नहीं किया जा सका है। साथ ही, उन्होंने इसे जल्द हटवाने का आश्वासन दिया है।
आबकारी अधिकारी के इस बयान के बाद स्थानीय लोगों को समाधान की उम्मीद है। हालांकि, दुकान को कब और किस स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा, इसकी स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है। ऐसे में ग्रामीणों की नजर अब विभाग की अगली कार्रवाई पर है।
यदि दुकान को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया जाता है, तो उसके लिए उपयुक्त वैकल्पिक स्थान और संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। वहीं, यदि तत्काल स्थानांतरण संभव नहीं है, तो प्रशासन को शिकायत की जांच कर नियमानुसार उचित कदम उठाने होंगे।
बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई का माहौल बना प्रमुख मुद्दा
गुरगांव के राजकीय हाईस्कूल के बाहर हुआ प्रदर्शन स्कूल के आसपास की सुविधाओं और विद्यार्थियों के अनुकूल वातावरण से जुड़ा मुद्दा है। छात्र-छात्राओं तथा ग्रामीणों ने शराब की दुकान को हटाने की मांग करते हुए प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा है।
अब मुख्य सवाल यह है कि जिला प्रशासन और आबकारी विभाग शिकायत की जांच कर क्या कदम उठाते हैं। स्कूल की दूरी, दुकान के संचालन से संबंधित नियमों और ग्रामीणों की शिकायतों की समीक्षा के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल, गुरगांव में छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन के बाद मामला प्रशासन के सामने है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी जल्द कार्रवाई करेंगे, ताकि स्कूल के आसपास का वातावरण बेहतर बनाया जा सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायतों का समाधान हो सके।

