बिजनौर में 70वें जनपदीय क्रीड़ा समारोह का समापन, SP कृष्ण कुमार विश्नोई ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित
रिपोर्ट- ताबिश मिर्जा
उत्तर प्रदेश। बिजनौर के नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में माध्यमिक विद्यालयों के 70वें जनपदीय क्रीड़ा समारोह का समापन हो गया। समापन समारोह में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।
समारोह के दौरान खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सराहा गया। वहीं, विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेलकूद केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता जैसे गुण विकसित होते हैं। इसलिए बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।
विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर बढ़ाया उत्साह
नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित 70वें जनपदीय क्रीड़ा समारोह के समापन अवसर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर उनकी मेहनत और प्रतिभा की सराहना की।
दरअसल, खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं। इसके साथ ही, ऐसे आयोजन बच्चों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण की सीख भी देते हैं। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को जीत और हार दोनों से सीखने का अवसर मिलता है। इससे उनमें आगे बढ़ने की प्रेरणा पैदा होती है।
इसके अलावा, जनपदीय स्तर पर आयोजित खेल समारोह विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को एक मंच पर लाते हैं। इस दौरान उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ दूसरे खिलाड़ियों से सीखने का भी अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।
खेलों से विकसित होते हैं अनुशासन और नेतृत्व के गुण
समापन समारोह को संबोधित करते हुए एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि खेलकूद बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी हैं। नियमित खेल गतिविधियों से शारीरिक सक्रियता बढ़ती है और विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ काम करना सीखने का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया कि टीम के साथ खेलते समय बच्चों में सहयोग, आपसी तालमेल और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। वहीं, व्यक्तिगत खेलों में अभ्यास, धैर्य और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलती है। इस प्रकार खेल विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करते हैं।
आज के समय में शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देना भी आवश्यक है। ऐसे में खेल गतिविधियां विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसके अलावा, खेल बच्चों को समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण और निरंतर अभ्यास का महत्व समझाते हैं।
एसपी ने समारोह में शामिल विद्यार्थियों, शिक्षकों और आयोजकों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों को सफल बनाने में विद्यालयों और शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत से ही खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
अभिभावकों से बच्चों को खेलने का समय देने की अपील
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने अभिभावकों से विशेष अपील की कि वे बच्चों को केवल पढ़ाई और मोबाइल फोन तक सीमित न रखें। इसके बजाय, उन्हें खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय दें।
उन्होंने खेलों को स्वस्थ शरीर और उज्ज्वल भविष्य की नींव बताते हुए बच्चों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उनका संदेश था कि पढ़ाई के साथ शारीरिक गतिविधियों का संतुलन बच्चों के विकास के लिए उपयोगी है।
वर्तमान समय में मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई, आराम और खेलकूद के बीच संतुलन बनाने में मदद करें। नियमित रूप से बाहर खेलना, दौड़ना और शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेना बच्चों की सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा दे सकता है।
इसके साथ ही, अभिभावकों को बच्चों की रुचि पहचानकर उन्हें अपनी पसंद के खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। जरूरी नहीं कि प्रत्येक बच्चा किसी प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल करे। खेलों में भाग लेना, नियमित अभ्यास करना और अपनी क्षमता में सुधार करना भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।
विद्यार्थियों के भविष्य के लिए खेलों को बताया महत्वपूर्ण
बिजनौर में आयोजित माध्यमिक विद्यालयों का 70वां जनपदीय क्रीड़ा समारोह विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण रहा। समापन अवसर पर विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करने के साथ खेलों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश भी दिया गया।

