बदायूं में नकली नोटों के गिरोह का खुलासा, 1.57 लाख रुपये के जाली नोटों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट – विपिन यादव
बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में चलाने के कथित मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। आलापुर थाना पुलिस ने भसराला गांव में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 500 रुपये के 315 जाली नोट बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत 1 लाख 57 हजार 500 रुपये बताई गई है। इसके अलावा नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामान भी बरामद किया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में नकली नोटों के कथित कारोबार को लेकर चर्चा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी लंबे समय से नकली नोट तैयार कर उन्हें धीरे-धीरे बाजार में चलाने में लगे थे। हालांकि, इस मामले में आरोपियों से पूछताछ और पुलिस की आगे की जांच के आधार पर ही पूरे नेटवर्क से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
भसराला गांव में छापेमारी कर दो आरोपियों को पकड़ा
पुलिस के अनुसार, यह मामला बदायूं जिले के आलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भसराला से जुड़ा है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की और कथित रूप से नकली नोट तैयार करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान यावर अली और नूरुल हसन के रूप में हुई है। दोनों भसराला गांव के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने के बाद आरोपियों तक पहुंचने के लिए कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में 500 रुपये के जाली नोट मिले। इसके साथ ही कुछ अर्धनिर्मित नोट और नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बरामद हुई। इस बरामदगी के बाद पुलिस मामले की अन्य कड़ियों की जांच कर रही है।
500 रुपये के 315 जाली नोट बरामद
इस कार्रवाई में बरामदगी का सबसे प्रमुख हिस्सा 500 रुपये के 315 कथित जाली नोट हैं। पुलिस के मुताबिक, इन नोटों का कुल मूल्य 1 लाख 57 हजार 500 रुपये है। इसके अतिरिक्त 500 रुपये के छह अर्धनिर्मित जाली नोट भी मिले हैं। पुलिस इन नोटों और अन्य सामान को मामले में अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है।
बरामद सामग्री में टेप का एक बंडल, ग्लू स्टिक, मोबाइल फोन, दो कटर ब्लेड और सफेद कागज का एक बंडल शामिल है। पुलिस के अनुसार, ये सामान कथित तौर पर नकली नोट तैयार करने की प्रक्रिया से संबंधित हो सकते हैं। बरामद उपकरणों और सामग्री की भूमिका की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नोट किस तरह तैयार किए जाते थे और इस गतिविधि में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।
असली नोटों के साथ मिलाकर बाजार में चलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों पर नकली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में खपाने का आरोप है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि कथित तौर पर असली नोटों के आगे-पीछे जाली नोट लगाकर उन्हें धीरे-धीरे बाजार में चलाया जाता था। इस तरीके के जरिए नकली नोटों को सामान्य लेनदेन में इस्तेमाल करने की कोशिश किए जाने की बात कही गई है।
हालांकि, नकली नोट कहां-कहां चलाए गए, कितने समय से यह गतिविधि जारी थी और इससे कितने लोग प्रभावित हुए, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। पुलिस की ओर से बरामद नोटों और अन्य सामग्री की पड़ताल के साथ आरोपियों से पूछताछ किए जाने की जानकारी दी गई है। इस जांच से कथित कारोबार के तरीके और उसके दायरे के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।
यावर अली पर आठ मुकदमे दर्ज होने की जानकारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी यावर अली के खिलाफ बदायूं जिले के अलावा अन्य जिलों में भी करीब आठ मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। इन मामलों का विवरण और उनकी मौजूदा कानूनी स्थिति संबंधित अभिलेखों के आधार पर स्पष्ट होगी। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल, इस मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका, बरामद सामग्री के स्रोत और नकली नोटों को बाजार तक पहुंचाने के कथित तरीके की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है। हालांकि, अभी किसी बड़े नेटवर्क की पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।
एसएसपी के निर्देशन में पुलिस टीम की कार्रवाई
इस कार्रवाई को एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देशन में चलाए गए अभियान का हिस्सा बताया गया है। पुलिस के अनुसार, एएसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह और सीओ दातागंज अशेष नाथ के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। अभियान में आलापुर थानाध्यक्ष सनी चौधरी, चौकी इंचार्ज राजू राणा, चौकी इंचार्ज अंकुश कुमार सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक कुमार सिंह ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई से संबंधित जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में जाली नोट और उन्हें तैयार करने से संबंधित सामान बरामद हुआ है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरे मामले की तस्वीर
बदायूं के भसराला गांव में हुई इस कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य उद्देश्य बरामद नोटों की पुष्टि, आरोपियों की कथित भूमिका और नकली नोटों के बाजार में इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना है। इसके साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था और क्या इस गतिविधि में अन्य लोग भी शामिल थे।
नकली नोटों का चलन आर्थिक लेनदेन में परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए ऐसे मामलों में बरामद सामग्री की जांच और आरोपों की पुष्टि महत्वपूर्ण होती है। फिलहाल, पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर दो आरोपियों की गिरफ्तारी और जाली नोटों की बरामदगी इस मामले के प्रमुख तथ्य हैं। आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरे प्रकरण की विस्तृत तस्वीर सामने आएगी।

