फतेहपुर में डीएपी खाद की किल्लत, धान खरीद शुरू न होने पर भाकियू ने दी आंदोलन की चेतावनी
रिपोर्ट – राम चंद्र सैनी
फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में डीएपी खाद की उपलब्धता और धान खरीद केंद्रों के संचालन को लेकर किसानों की समस्याएं सामने आई हैं। इन मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) ने मंडा सराय बगिया में धरना पंचायत आयोजित की। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे हुई इस पंचायत की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष राहुल तोमर ने की, जबकि युवा जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह मंडासरायं ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
पंचायत में किसानों ने खाद वितरण और सरकारी धान खरीद व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों पर चर्चा की। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि साधन सहकारी समितियों पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, धान की फसल तैयार होने के बावजूद सरकारी क्रय केंद्र शुरू नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है।
डीएपी खाद की उपलब्धता का मुद्दा उठा
पंचायत को संबोधित करते हुए युवा जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह मंडासरायं ने कहा कि किसान धान की कटाई के बाद अगली फसल की तैयारी में जुटे हैं। खासकर आलू की बुआई के लिए खेत तैयार करने और जरूरी कृषि संसाधन जुटाने का समय है। ऐसे में डीएपी खाद की उपलब्धता किसानों के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले की साधन सहकारी समितियों पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों के खाद लेने पहुंचने पर उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि अभी खाद की जरूरत नहीं है या सरकार की ओर से खाद नहीं भेजी जा रही है। संगठन का कहना है कि इस स्थिति के कारण किसानों को अपनी खेती की योजना बनाने में कठिनाई हो रही है।
हालांकि, खाद की वास्तविक उपलब्धता, समितियों को हुई आपूर्ति और वितरण की स्थिति के बारे में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष इस पंचायत के विवरण में सामने नहीं आया है। ऐसे में किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा।
धान खरीद केंद्र शुरू नहीं होने से किसान परेशान
पंचायत में दूसरा प्रमुख मुद्दा सरकारी धान खरीद केंद्रों के संचालन का रहा। कल्लू सिंह मंडासरायं ने कहा कि किसानों की धान की फसल तैयार हो रही है और कटाई का काम जारी है, लेकिन जिले में अब तक सरकारी क्रय केंद्र चालू नहीं किए गए हैं।
उनके मुताबिक, सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों को खुले बाजार में अपनी उपज बेचनी पड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ किसान मोटा धान लगभग 1,600 से 1,700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचने को मजबूर हैं। संगठन का कहना है कि किसान अगली फसल की तैयारी और अन्य कृषि जरूरतों के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से कम कीमत पर उपज बेच रहे हैं।
धान की बिक्री से मिलने वाली रकम किसानों के लिए अगली फसल की बुआई, खाद, बीज और दूसरे कृषि खर्चों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए सरकारी खरीद व्यवस्था समय पर शुरू होना और किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी उपज बेचने का अवसर मिलना महत्वपूर्ण है।
हालांकि, खुले बाजार में बताई गई कीमतों और सरकारी क्रय केंद्रों की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। संबंधित विभागों की ओर से खरीद केंद्रों की शुरुआत और खरीद संबंधी जानकारी स्पष्ट होने पर किसानों को स्थिति समझने में मदद मिल सकती है।
एक सप्ताह में समाधान की मांग
भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) ने खाद की कमी और धान खरीद से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह का समय देने की बात कही है। संगठन ने डिप्टी आरएमओ और सहकारिता विभाग के एआर से समस्याओं पर ध्यान देने तथा किसानों को राहत दिलाने की मांग की।
यूनियन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो संगठन संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन शुरू करेगा। पंचायत में यह भी कहा गया कि आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी।
इस चेतावनी के बाद अब किसानों की निगाहें संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि खाद की उपलब्धता और सरकारी धान खरीद व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होती है तथा शिकायतों पर समय रहते कदम उठाए जाते हैं, तो किसानों को अपनी कृषि गतिविधियां आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
पंचायत में बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
मंडा सराय बगिया में आयोजित इस पंचायत में भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के कई पदाधिकारी और क्षेत्रीय किसान शामिल हुए। कार्यक्रम में युवा उपाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पाण्डेय, मीडिया प्रभारी बुद्धराज सिंह, हंसवा ब्लॉक महासचिव अबरार अहमद, मुनीम और जिला संरक्षक राजू सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
पंचायत के दौरान किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर संगठन की ओर से संबंधित अधिकारियों तक मांगें पहुंचाने और समाधान के लिए दबाव बनाने की बात कही गई। संगठन ने खाद वितरण और धान खरीद से जुड़ी परेशानियों को किसानों की आजीविका से जुड़ा विषय बताया।
कुल मिलाकर, फतेहपुर में डीएपी खाद की उपलब्धता और धान खरीद केंद्रों के संचालन को लेकर भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग किसानों की शिकायतों की जांच कर क्या कदम उठाते हैं और एक सप्ताह की समयसीमा के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में कितनी प्रगति होती है।

