संतकबीरनगर में डायल-112 को मिली मजबूती, दो दोपहिया पीआरवी वाहनों को एसपी ने दिखाई हरी झंडी
रिपोर्ट – शैलेंद्र मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर: जनपद में आपातकालीन पुलिस सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने डायल-112 सेवा के दो दोपहिया पीआरवी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर पुलिस कार्यालय से रवाना किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के उन क्षेत्रों में पुलिस की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करना है, जहां संकरी गलियों, भीड़भाड़ या अन्य कारणों से चारपहिया वाहनों को पहुंचने में कठिनाई होती है।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा भी मौजूद रहे। अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों वाहनों को आपातकालीन पुलिस सेवा के लिए रवाना किया गया। पुलिस विभाग को उम्मीद है कि इन दोपहिया पीआरवी वाहनों की मदद से जरूरत के समय नागरिकों तक पुलिस सहायता अधिक तेजी से पहुंच सकेगी।
संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मिलेगी मदद
डायल-112 का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को समय पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। हालांकि, शहरों और कस्बों के कुछ इलाकों में संकरी सड़कें, गलियां, अधिक भीड़ और यातायात संबंधी समस्याएं पुलिस वाहनों की आवाजाही को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे स्थानों पर दोपहिया पीआरवी वाहन उपयोगी साबित हो सकते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए संतकबीरनगर पुलिस ने दो नए दोपहिया पीआरवी वाहनों को सेवा में शामिल किया है। इन वाहनों के माध्यम से पुलिसकर्मी उन स्थानों तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जहां चारपहिया वाहन पहुंचाने में अपेक्षाकृत अधिक समय लग सकता है।
इसके अलावा, भीड़भाड़ वाले बाजारों, संकरे रास्तों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों से आवाजाही करना सुविधाजनक हो सकता है। इससे आपातकालीन सूचना मिलने के बाद मौके तक पहुंचने में मदद मिलेगी। हालांकि, वास्तविक प्रतिक्रिया समय संबंधित स्थान, यातायात और उपलब्ध संसाधनों पर भी निर्भर करेगा।
आपातकालीन पुलिस सेवा को अधिक प्रभावी बनाने की पहल
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने डायल-112 के दोनों दोपहिया पीआरवी वाहनों को रवाना कर जिले में आपातकालीन पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। पुलिस की प्राथमिकता है कि संकट या आपात स्थिति में सूचना मिलने पर जरूरतमंद व्यक्ति तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।
दरअसल, किसी भी आपातकालीन सेवा की प्रभावशीलता केवल संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सही समय पर उनका उपयोग भी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में दोपहिया पीआरवी वाहनों की तैनाती से पुलिस को उन स्थानों पर पहुंचने में सुविधा मिल सकती है, जहां बड़े वाहनों की आवाजाही सीमित रहती है।
इसके साथ ही, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पुलिस संसाधनों का उपयोग करने से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों को भी सहयोग मिल सकता है। जरूरत के अनुसार इन वाहनों की तैनाती से पुलिस की क्षेत्रीय पहुंच बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।
कानून-व्यवस्था और जनसहायता पर रहेगा जोर
संतकबीरनगर पुलिस की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य आमजन को आपातकालीन परिस्थितियों में शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है। किसी घटना, विवाद या अन्य पुलिस सहायता की आवश्यकता के दौरान समय पर मौके पर पहुंचना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में दोपहिया पीआरवी वाहन पुलिसकर्मियों को अधिक सुगम आवाजाही का विकल्प उपलब्ध कराते हैं।
वहीं, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में इन वाहनों का उपयोग पुलिस की पहुंच को सुविधाजनक बना सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराने और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों में सहयोग मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, किसी भी आपातकालीन सेवा की सफलता के लिए प्रशिक्षित कर्मियों, संसाधनों के उचित प्रबंधन और सूचना पर त्वरित कार्रवाई की भी अहम भूमिका होती है। इसलिए दोपहिया पीआरवी वाहनों की उपयोगिता उनके प्रभावी संचालन और आवश्यकता के अनुसार तैनाती से और बढ़ सकती है।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की रही मौजूदगी
दोपहिया पीआरवी वाहनों को रवाना किए जाने के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा और प्रभारी डायल-112 सतीश सिंह मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के जनसंपर्क अधिकारी पी.के. गुप्ता सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
पुलिस कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किए गए दोनों वाहनों से जिले की आपातकालीन पुलिस सेवा को अतिरिक्त सहयोग मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से उन स्थानों पर, जहां चारपहिया वाहनों की पहुंच चुनौतीपूर्ण होती है, दोपहिया पीआरवी पुलिसकर्मियों के लिए उपयोगी साधन बन सकती है।
कुल मिलाकर, संतकबीरनगर पुलिस की यह पहल आपातकालीन सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाने की दिशा में एक प्रयास है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद नागरिकों तक समय पर पुलिस सहायता पहुंचाना और जिले में कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में सहयोग करना है। आने वाले समय में इन वाहनों का संचालन और उनकी तैनाती किस प्रकार की जाती है, इससे उनकी उपयोगिता का आकलन किया जा सकेगा।

