औरैया ATM में ‘पत्ती का खेल’, ग्राहक के जाते ही रुपये गायब; शातिर आरोपी गिरफ्तार – पढ़िए कौन?

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रिपोर्ट – अंजुमन तिवारी 

औरैया: अगर एटीएम से पैसे निकालते समय कैश स्लॉट से रुपये बाहर न निकलें और आपको लगे कि मशीन में तकनीकी समस्या है, तो तुरंत वहां से चले जाना नुकसानदायक हो सकता है। औरैया में पुलिस ने एटीएम के कैश डिस्पेंस स्लॉट में धातु की पत्ती लगाकर ग्राहकों के रुपये फंसाने और बाद में उन्हें निकालने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले एटीएम में छेड़छाड़ करता था और इसके बाद दूसरे ग्राहकों के रुपये मशीन में फंस जाते थे। ग्राहक के वहां से चले जाने के बाद वह कथित तौर पर फंसी रकम निकालकर फरार हो जाता था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से नकदी, कई एटीएम कार्ड और मशीन से छेड़छाड़ में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद करने का दावा किया है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से कितनी अन्य घटनाओं को अंजाम दिया गया।

फफूंद थाना क्षेत्र में सामने आया मामला

पूरा मामला औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, मोहल्ला चमनगंज निवासी सिराजुद्दीन इंडिया वन एटीएम का संचालन करते हैं। 21 सितंबर को एक युवक एटीएम में पहुंचा था। बताया गया कि उसने शुरुआत में 500 रुपये निकाले।

पुलिस का आरोप है कि इसके बाद युवक ने एटीएम के कैश डिस्पेंस स्लॉट में सफेद धातु की एक पत्ती लगा दी। इसके बाद जब दूसरे ग्राहक एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे तो कैश स्लॉट में रुपये फंसने की स्थिति सामने आई।

ग्राहकों को लगा कि एटीएम में तकनीकी समस्या है। काफी देर इंतजार करने के बाद जब रुपये बाहर नहीं आए तो वे वहां से चले गए। पुलिस के मुताबिक, ग्राहकों के जाने के बाद आरोपी वापस एटीएम के पास पहुंचता और मशीन में फंसे रुपये निकाल लेता था।

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

एटीएम से जुड़ी इस शिकायत के बाद फफूंद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने एटीएम से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों की भी पड़ताल की।

जांच के दौरान फफूंद थाना पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया। संयुक्त टीम ने उपलब्ध जानकारी और तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।

इसी दौरान पुलिस को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने बडुआ बंबा के पास घेराबंदी कर एक युवक को गिरफ्तार किया।

आकाश कुशवाहा की हुई गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाश कुशवाहा के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 26 वर्ष बताई गई है और वह कानपुर देहात का रहने वाला है।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान एटीएम से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। इसके आधार पर अब पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 27 हजार रुपये नकद और सात एटीएम कार्ड बरामद करने की बात कही है। इसके अलावा एटीएम मशीन से छेड़छाड़ के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण भी बरामद किए गए हैं।

एटीएम से छेड़छाड़ का सामान बरामद

पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से सफेद धातु की पत्तियां, टेस्टर, पेंचकस, स्क्रूड्राइवर, कैंची, प्लास, रेंती, ईंची टेप और फेवीक्विक समेत कई सामान मिले हैं।

पुलिस का कहना है कि इन सामानों का इस्तेमाल एटीएम मशीन के कैश डिस्पेंस हिस्से में छेड़छाड़ करने के लिए किया जाता था। धातु की पत्ती लगाने के बाद कैश स्लॉट में रुपये फंस जाते थे और ग्राहक को लगता था कि मशीन से पैसे नहीं निकल रहे हैं।

इसके बाद ग्राहक के एटीएम से चले जाने पर आरोपी कथित तौर पर वहां लौटता और फंसे हुए रुपये निकाल लेता था। पुलिस इसी तरीके को ‘पत्ती’ के जरिए की जाने वाली ठगी के तौर पर जांच रही है।

करीब एक साल से वारदात करने का पुलिस का दावा

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने अलग-अलग एटीएम में इसी तरह की घटनाएं करने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि आरोपी करीब एक वर्ष से इस तरीके का इस्तेमाल कर रहा था।

हालांकि, किन-किन एटीएम में इस तरह की घटनाएं हुईं और कुल कितनी रकम निकाली गई, इसका पूरा विवरण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर संभावित अन्य घटनाओं की जानकारी जुटा रही है।

पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा

पुलिस के अनुसार, जांच में आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस का दावा है कि वर्ष 2022 में भी आरोपी के खिलाफ इसी तरह का एक मुकदमा दर्ज हुआ था।

अब पुलिस पुराने मामले की जानकारी के साथ-साथ अन्य जिलों में दर्ज संभावित मामलों से भी आरोपी के संबंध की जांच कर रही है। इसके लिए पुलिस संबंधित रिकॉर्ड और उपलब्ध जानकारी को खंगाल रही है।

एसपी ने बताया कैसे करता था ठगी

पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के अनुसार, आरोपी पहले खुद एटीएम से रुपये निकालता था। इसके बाद वह कैश निकलने वाली जगह पर सफेद धातु की पत्ती लगा देता था।

इसका परिणाम यह होता था कि अगले ग्राहक के लिए मशीन से निकलने वाली रकम कैश स्लॉट में ही अटक जाती थी। ग्राहक कुछ समय इंतजार करने के बाद अक्सर यह मान लेता था कि एटीएम में तकनीकी खराबी है और वह वहां से चला जाता था।

पुलिस के मुताबिक, ग्राहक के जाते ही आरोपी वहां पहुंचकर फंसी हुई रकम निकाल लेता था। इस तरीके की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

दूसरे एटीएम और जिलों की भी जांच

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि उसने और कितने एटीएम को निशाना बनाया। इसके साथ ही कितनी रकम निकाली गई और उसके साथ इस तरह की गतिविधियों में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। वहीं, जांच एजेंसियां उसके पुराने मामलों और दूसरे जिलों में संभावित घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

औरैया में सामने आए इस मामले से एटीएम इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए भी सतर्क रहने की जरूरत सामने आती है। यदि एटीएम से रकम निकलने में कोई समस्या हो और कैश स्लॉट में पैसे फंसने की आशंका हो, तो ग्राहक को तुरंत संबंधित बैंक या एटीएम संचालक को सूचना देनी चाहिए और संभव हो तो घटना का समय व स्थान दर्ज रखना चाहिए। इससे शिकायत की जांच में मदद मिल सकती है।

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