मेरठ में अवैध हथियार तस्करी का खुलासा, मुठभेड़ के बाद चार गिरफ्तार
रिपोर्ट – मनीष पराशर
मेरठ। थाना भावनपुर पुलिस ने अवैध हथियारों और कारतूसों की खरीद-फरोख्त से जुड़े एक गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से एक अवैध .32 बोर पिस्टल, एक .315 बोर तमंचा और 46 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें आरोपी राशिद उर्फ मंत्री पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसे पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई की शुरुआत 5 अक्टूबर 2026 को हुई एक लूट की घटना की जांच से हुई। भावनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ज्ञानपुर के जंगल के पास बाइक सवार एक व्यक्ति को रोककर कथित तौर पर उससे 50 हजार रुपये छीन लिए गए थे। घटना के संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने फैजान नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
मोबाइल जांच से मिले अवैध हथियारों के कारोबार के सुराग
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी फैजान के मोबाइल फोन की जांच की तो मामले में नए तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार, मोबाइल में मिले संपर्क और अन्य जानकारी से अवैध हथियारों तथा कारतूसों की खरीद-फरोख्त से जुड़े सुराग मिले। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ के निर्देश पर पुलिस टीमों का गठन किया गया और मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश शुरू की गई।
इसी क्रम में 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल, कार्तिक, अर्जुन और राशिद उर्फ मंत्री के रूप में बताई गई है। इसके बाद पुलिस आरोपियों की निशानदेही पर अवैध हथियार और कारतूस बरामद करने के लिए ग्राम किनानगर के जंगल क्षेत्र में पहुंची।
बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग का आरोप
पुलिस के अनुसार, किनानगर के जंगल में बरामदगी की कार्रवाई के दौरान आरोपी राशिद उर्फ मंत्री ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान राशिद के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
वहीं, पुलिस ने मौके से अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सामान में एक .32 बोर की अवैध पिस्टल, एक .315 बोर का तमंचा और .32 बोर के कुल 46 जिंदा कारतूस शामिल हैं। बरामदगी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सहारनपुर से कारतूस खरीदने की बात सामने आई
सीओ मवाना पंकज लवानिया के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि बरामद कारतूस करीब एक वर्ष पहले सहारनपुर से खरीदे गए थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कारतूस किस माध्यम से खरीदे गए और इस नेटवर्क से अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले का दायरा बढ़ सकता है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ हथियार और कारतूस की आपूर्ति से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही है।
लूट के मामले से जुड़कर सामने आया हथियारों का नेटवर्क
इस पूरे मामले में खास बात यह है कि अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े सुराग एक अन्य आपराधिक घटना की जांच के दौरान सामने आए। 5 अक्टूबर को हुई 50 हजार रुपये की लूट के मामले में गिरफ्तार फैजान के मोबाइल की जांच पुलिस के लिए अहम साबित हुई। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और अन्य आरोपियों तक पुलिस पहुंची।
पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। साथ ही, बरामद हथियारों और कारतूसों के स्रोत तथा उनके संभावित इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में केवल स्थानीय स्तर के लोग शामिल हैं या इसके तार अन्य जिलों से भी जुड़े हुए हैं।
पुलिस ने शुरू की आगे की कानूनी कार्रवाई
मेरठ पुलिस के अनुसार, मामले में बरामद अवैध हथियारों और कारतूसों को कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। घायल आरोपी का उपचार कराया जा रहा है, जबकि अन्य गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस की ओर से अवैध शस्त्रों के कारोबार पर निगरानी और सख्त किए जाने की बात कही गई है। फिलहाल, भावनपुर पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी है।
रिपोर्ट: मनीष पराशर, मेरठ

