कानपुर में नवरात्रि-दशहरा को लेकर पुलिस अलर्ट, पंडालों के लिए PWD प्रमाण पत्र और CCTV अनिवार्य
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह
कानपुर: आगामी नवरात्रि, डांडिया और दशहरा पर्व को देखते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर में त्योहारों के दौरान होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने आयोजकों के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खास तौर पर पूजा पंडाल, मंच, अग्नि सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और यातायात व्यवस्था को लेकर आयोजकों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पूजा पंडाल और मंच की मजबूती का लोक निर्माण विभाग (PWD) से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा आयोजन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी करनी होगी। पुलिस का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी भी संभावित समस्या को रोकना और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।
पंडाल और मंच की मजबूती का प्रमाण पत्र जरूरी
त्योहारों के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में बड़ी संख्या में पूजा पंडाल और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में पंडालों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष ध्यान दिया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजकों को पंडाल और मंच की मजबूती से संबंधित PWD प्रमाण पत्र लेना होगा।
इस व्यवस्था के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि आयोजन स्थल पर लगाए गए पंडाल और मंच निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों। आयोजकों को कार्यक्रम शुरू होने से पहले आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
गैर-ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल अनिवार्य
पुलिस ने पंडाल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आयोजन स्थलों पर पंडाल तैयार करते समय केवल गैर-ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
इसके साथ ही, आयोजन स्थल पर पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध रखना जरूरी होगा। पुलिस और अग्निशमन विभाग की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण भी किया जा सकता है। इसलिए आयोजकों को कार्यक्रम से पहले सभी आवश्यक इंतजाम पूरे करने की सलाह दी गई है।
इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में जुटने वाली भीड़ के बीच आग से संबंधित किसी भी जोखिम को कम करना है। साथ ही, आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा।
हर कोने पर CCTV से होगी निगरानी
त्योहारों के दौरान भीड़ वाले आयोजन स्थलों पर निगरानी बढ़ाने के लिए CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। पुलिस के अनुसार, कैमरों की मदद से आयोजन स्थल और उसके आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पंडाल और कार्यक्रम स्थल के महत्वपूर्ण हिस्से कैमरों की निगरानी में रहें। इससे सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ किसी भी घटना की स्थिति में जांच में भी सहायता मिल सकती है।
पुलिस ने आयोजकों से सुरक्षा व्यवस्था को केवल औपचारिकता के तौर पर न लेने और कार्यक्रम शुरू होने से पहले सभी इंतजामों की जांच करने की अपील की है।
मादक पदार्थों के इस्तेमाल पर रोक
त्योहारों के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए पुलिस ने आयोजन स्थलों पर किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। आयोजकों को कार्यक्रम स्थल पर ऐसे किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं देने को कहा गया है।
इसके अलावा, भीड़ को नियंत्रित करने और कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। आयोजन समितियों को भी पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम, केस्को और अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय
त्योहारों के दौरान केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि कई विभाग मिलकर व्यवस्थाओं को संभालेंगे। भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर नगर निगम, केस्को और अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय किया जाएगा।
आयोजन स्थलों पर बिजली व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, यातायात और साफ-सफाई से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ बढ़ने की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
करीब 25 आयोजनों को मिल चुकी अनुमति
जेसीपी विपिन ताड़ा ने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट की ओर से पारंपरिक आयोजनों को प्राथमिकता के आधार पर अनुमति दी जा रही है। अब तक शहर में करीब 25 आयोजनों को अनुमति दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि आयोजकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों और पुलिस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इसके लिए आयोजन समितियों को पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन का फोकस इस बार त्योहारों के दौरान सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर है। इसके लिए आयोजन समितियों के साथ समन्वय भी किया जा रहा है।
नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
जेसीपी विपिन ताड़ा ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित गाइडलाइंस का पालन करना सभी आयोजन समितियों की जिम्मेदारी है।
दरअसल, त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग पूजा पंडालों, डांडिया कार्यक्रमों और दशहरा आयोजनों में पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि सभी कार्यक्रम सुरक्षित वातावरण में संपन्न हों। इसके लिए आयोजकों को पंडाल की मजबूती, अग्निशमन व्यवस्था, CCTV निगरानी और अन्य सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, आगामी नवरात्रि, डांडिया और दशहरा को लेकर कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस की ओर से आयोजकों से नियमों का पालन करने और विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की गई है। वहीं, नियमों की अनदेखी करने वाले आयोजकों के खिलाफ निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

