मेरठ अमित कश्यप हत्याकांड में आज आ ही गया फैसला, पत्नी रविता और अमरदीप पर हत्या का आरोप हुआ तय – आगे पढ़िए
रिपोर्ट – मनीष पाराशर
मेरठ: बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में हुए अमित कश्यप हत्याकांड में बुधवार को अदालत अपना फैसला सुनाएगी। अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 के न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर की अदालत में मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है। इस मुकदमे में अमित की पत्नी रविता और उसके कथित प्रेमी अमरदीप पर हत्या का आरोप है। अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों की गवाही और दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। अब सभी की निगाहें अदालत के निर्णय पर टिकी हैं।
पुलिस के आरोप पत्र के अनुसार, अमित कश्यप की हत्या को कथित तौर पर सांप के काटने से हुई मौत का रूप देने का प्रयास किया गया था। जांच में आरोप सामने आया कि हत्या के दौरान रविता ने अमित के हाथ पकड़े थे, जबकि अमरदीप ने कथित तौर पर उसका गला दबाया था। इसके बाद शव के पास सांप रखकर घटना को सामान्य मौत जैसा दिखाने की कोशिश की गई। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद मामला हत्या का सामने आया।
चारपाई पर मिला था अमित का शव
घटना 13 अप्रैल की सुबह सामने आई थी। अमित का पांच वर्षीय बेटा अनिकेत अपने पिता को जगाने के लिए पहुंचा था। जब काफी प्रयास के बाद भी अमित की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो बच्चे ने शोर मचाया। आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उस समय अमित का शव चारपाई पर था और उसकी कमर के नीचे सांप दबा हुआ मिला।
परिजनों ने सांप को पकड़कर एक डिब्बे में बंद कर दिया था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। शुरुआती तौर पर मामला सांप के काटने से मौत का लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर परिस्थितियां बदलती गईं। पुलिस ने घटनास्थल और शव से जुड़े साक्ष्यों की जांच की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई।
चाय-नाश्ता रखकर मौत को सामान्य दिखाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद अमित के शव के पास चाय और नाश्ता भी रखा गया था। आरोप है कि इसका उद्देश्य घर में सब कुछ सामान्य होने का आभास कराना था। हालांकि, पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों में सामने आई परिस्थितियों से पुलिस को शक गहराता गया।
पोस्टमार्टम के दौरान अमित के चेहरे, गर्दन और नाक पर चोट के सात निशान मिलने की बात सामने आई। इन परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने हत्या की आशंका को मजबूत माना। इसके बाद जांच का दायरा अमित की पत्नी रविता और अमरदीप तक पहुंचा। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
सपेरे की गवाही को माना गया अहम
मुकदमे की सुनवाई के दौरान सपेरे कीर्तन की गवाही भी महत्वपूर्ण रही। अभियोजन के अनुसार, कीर्तन ने अदालत में अमरदीप की पहचान की। उसने बताया कि माता के जागरण में पूजा के लिए अमरदीप ने उससे एक हजार रुपये में सांप खरीदा था।
इस गवाही को अभियोजन पक्ष ने अपनी कहानी के समर्थन में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया। इसके अलावा अमित के भाई मोनू और उसकी मां मुनेश ने भी अदालत में गवाही दी। उनके अनुसार, उन्होंने हत्या वाली रात अमरदीप को घर में प्रवेश करते हुए देखा था।
इस तरह अभियोजन पक्ष ने घटनाक्रम से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को अदालत के सामने रखा। वहीं, बचाव पक्ष ने भी अपने स्तर से आरोपों का विरोध किया।
अभियोजन पक्ष ने पेश किए 12 गवाह
अधिवक्ता बलराज सिंह के मुताबिक, इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाह अदालत के सामने पेश किए गए। इन गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से मामले पर बहस भी पूरी हो चुकी है।
वहीं, रविता की ओर से कोई गवाह पेश नहीं किया गया। दूसरी ओर, अमरदीप के चाचा ने उसके पक्ष में गवाही दी। उन्होंने अदालत में दावा किया कि हत्या वाले दिन अमरदीप अपने मामा के घर मौजूद था। बचाव पक्ष की ओर से इस गवाही को अमरदीप के पक्ष में महत्वपूर्ण बताया गया।
अब अदालत के सामने अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से रखे गए साक्ष्यों, गवाहों के बयानों तथा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लिया जाना है।
अदालत के फैसले पर टिकी नजर
इस मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने निर्णय के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने रविता को दोषी करार देने के बाद सजा पर फैसला सुरक्षित रखा है। वहीं, सरकारी वकील और अमित की मां की ओर से रविता के लिए मृत्युदंड की मांग किए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, अंतिम सजा और अन्य कानूनी पहलुओं पर निर्णय अदालत द्वारा ही किया जाएगा। ऐसे में बुधवार को आने वाला फैसला इस बहुचर्चित मामले की आगे की कानूनी स्थिति तय करेगा।
अमित कश्यप हत्याकांड में पुलिस जांच से लेकर अदालत में हुई गवाही तक कई ऐसे बिंदु सामने आए, जिन पर मुकदमे की सुनवाई केंद्रित रही। खास तौर पर सांप के जरिए मौत को अलग रूप देने के आरोप, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सपेरे की गवाही और घटना वाली रात अमरदीप की कथित मौजूदगी से जुड़े बयान मामले के प्रमुख पहलू रहे हैं। अब अदालत के निर्णय के बाद यह स्पष्ट होगा कि न्यायालय इन साक्ष्यों और गवाहियों को किस रूप में स्वीकार करता है।

