कानपुर में जनगणना-2027 के लिए फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, DM ने दिए जरूरी निर्देश

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: जनगणना-2027 के द्वितीय चरण ‘जनसंख्या गणना’ को व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संपन्न कराने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कानपुर नगर में फील्ड ट्रेनरों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे फील्ड ट्रेनरों को संबोधित करते हुए जनगणना कार्य की जिम्मेदारियों और प्रशिक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

जनगणना-2027 के दूसरे चरण के तहत होने वाली जनसंख्या गणना के लिए कानपुर नगर में कुल 186 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए 6 मास्टर ट्रेनरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्ट्रेट और कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) में आयोजित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रशिक्षण का उद्देश्य फील्ड ट्रेनरों को जनसंख्या गणना से जुड़ी प्रक्रियाओं, प्रपत्रों और दिशा-निर्देशों की बेहतर जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि आगे फील्ड स्तर पर कार्य को निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जा सके।

7 से 9 अक्टूबर तक पहला प्रशिक्षण चरण

प्रशिक्षण कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक कलेक्ट्रेट और केडीए में फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद आगामी चरण में 12, 13 और 14 अक्टूबर 2026 को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

प्रशिक्षण के प्रत्येक बैच में लगभग 40 फील्ड ट्रेनरों को शामिल किया जा रहा है। इस तरह सभी चयनित फील्ड ट्रेनरों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण में जनसंख्या गणना से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं और फील्ड में आने वाली संभावित परिस्थितियों को समझाने पर जोर दिया जा रहा है।

DM ने प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने की अपील की

प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सभी फील्ड ट्रेनरों से प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता और ध्यानपूर्वक प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रशिक्षणार्थियों को फील्ड में जाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान विषय की पूरी समझ विकसित करना आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण जितना बेहतर और विस्तृत होगा, फील्ड में कार्य की गुणवत्ता भी उतनी ही बेहतर होगी। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक विषय को ध्यानपूर्वक समझें और किसी भी बिंदु को लेकर असमंजस की स्थिति होने पर तत्काल मास्टर ट्रेनरों से जानकारी प्राप्त करें।

फील्ड में लोगों के सवालों का जवाब देना होगा

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना कार्य के दौरान फील्ड ट्रेनरों को लोगों से संवाद करना होगा। ऐसे में उन्हें जनसंख्या गणना से संबंधित प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों की स्पष्ट जानकारी होना जरूरी है। इससे वे फील्ड में लोगों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं का सही तरीके से जवाब दे सकेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी आगे फील्ड में काम करते समय काफी उपयोगी होगी। इसलिए सभी प्रशिक्षणार्थी यहां से अधिक से अधिक जानकारी लेकर जाएं। साथ ही, वास्तविक कार्य के दौरान आने वाली परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी समझ को और मजबूत करें।

प्रशिक्षण को इंटरैक्टिव रखने पर जोर

जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अधिक से अधिक इंटरैक्टिव रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान किसी भी विषय को लेकर प्रश्न या शंका हो तो प्रशिक्षणार्थी बिना किसी संकोच के मास्टर ट्रेनरों से सवाल करें। इसके माध्यम से उनकी शंकाओं का समय रहते समाधान किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान छोटी-छोटी शंकाओं का समाधान कर लेना फील्ड में काम करते समय आने वाली समस्याओं को कम करने में सहायक होगा। इसलिए सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के प्रत्येक सत्र में सक्रिय सहभागिता करनी चाहिए।

प्रक्रियाओं और प्रपत्रों की जानकारी जरूरी

फील्ड ट्रेनरों को जनसंख्या गणना से संबंधित सभी प्रक्रियाओं, प्रपत्रों और आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि फील्ड ट्रेनर इन सभी बिंदुओं को अच्छी तरह समझें, ताकि आगे अपने दायित्वों का प्रभावी तरीके से निर्वहन कर सकें।

इसके अलावा, फील्ड स्तर पर कार्य करते समय निर्धारित प्रक्रिया और मानकों का पालन करना भी जरूरी होगा। इससे जनगणना से संबंधित कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी फील्ड ट्रेनरों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।

प्रशिक्षित मानव संसाधन की महत्वपूर्ण भूमिका

जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि जनगणना-2027 के सफल संचालन में फील्ड स्तर पर प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनसंख्या गणना जैसे व्यापक कार्य में बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों की सहभागिता होती है। ऐसे में प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी को सही तरीके से समझना आवश्यक है।

इसी उद्देश्य से फील्ड ट्रेनरों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले चरण में 7 से 9 अक्टूबर और आगामी चरण में 12 से 14 अक्टूबर तक प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। कलेक्ट्रेट और केडीए में चल रहे इन प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से 186 फील्ड ट्रेनरों को आवश्यक जानकारी और दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, कानपुर नगर में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के तहत फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। प्रशिक्षण के बाद फील्ड स्तर पर इन प्रशिक्षित कर्मियों की भूमिका जनसंख्या गणना के कार्य को निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित कराने में अहम होगी।

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