कानपुर में रिंग रोड और रेलवे लाइन को लेकर किसानों का धरना, भाकियू किसान ने दिया समर्थन

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: कानपुर में रिंग रोड और रेलवे लाइन से प्रभावित किसानों की आवाज अब किसान संगठन तक पहुंच गई है। क्षेत्र के भूल गांव में रिंग रोड के पास किसान अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि रिंग रोड और रेलवे लाइन के निर्माण के कारण उनके खेतों तक पहुंचने के रास्ते प्रभावित हुए हैं। ऐसे में उन्हें खेती के लिए अपने खेतों तक आने-जाने के लिए उचित मार्ग उपलब्ध कराया जाए।

इसी मांग को लेकर चल रहे धरने में भारतीय किसान यूनियन (किसान) के प्रदेश महासचिव अनूप सिंह सहित संगठन के पदाधिकारियों ने पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया। संगठन की ओर से अधिकारियों से किसानों की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की गई।

किसानों के धरने में पहुंचे भाकियू किसान पदाधिकारी

भाकियू किसान के पदाधिकारियों ने भूल गांव पहुंचकर धरने पर बैठे किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। संगठन के प्रदेश महासचिव अनूप सिंह ने कहा कि किसानों की मांग खेतों तक आने-जाने के लिए रास्ता उपलब्ध कराने से जुड़ी है।

उनके अनुसार, किसानों ने बताया कि रिंग रोड और रेलवे लाइन के निर्माण के बाद खेतों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। इसके चलते खेती से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं। किसानों की ओर से लगातार रास्ते की मांग की जा रही है।

संगठन का कहना है कि किसानों की समस्या को मौके पर जाकर समझने के बाद उन्होंने धरने को अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है।

रिंग रोड और रेलवे लाइन के बीच रास्ते की मांग

धरने पर मौजूद किसानों और हिमांशु सिंह सेंगर की ओर से बताया गया कि रिंग रोड और रेलवे लाइन के कारण उनके खेतों तक पहुंचने वाले रास्ते प्रभावित हुए हैं। किसानों का कहना है कि निर्माण कार्यों के कारण खेतों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है।

किसानों की मुख्य मांग है कि उन्हें खेतों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक और सुगम रास्ता उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि खेती के लिए खेतों तक नियमित आवागमन जरूरी है। इसलिए रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

किसानों के अनुसार, यदि खेतों तक पहुंचने का उचित मार्ग नहीं होगा तो खेती से जुड़े दैनिक कार्यों में परेशानी बनी रहेगी। इसी वजह से उन्होंने अपनी मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है।

संगठन ने अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग की

भाकियू किसान के प्रदेश महासचिव अनूप सिंह ने अधिकारियों से किसानों की समस्या का जल्द समाधान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसानों की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और मौके की स्थिति का निरीक्षण कर उचित रास्ते की व्यवस्था करनी चाहिए।

संगठन की ओर से यह भी कहा गया कि किसानों की समस्या को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए। यदि किसी निर्माण परियोजना के कारण किसानों के आवागमन का रास्ता प्रभावित हुआ है, तो संबंधित विभागों को स्थिति का आकलन कर आवश्यक व्यवस्था करनी चाहिए।

इससे एक ओर जहां किसानों को राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित लोगों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जा सकेगा।

धरने में कई पदाधिकारी रहे मौजूद

किसानों के धरना प्रदर्शन में समर्थन देने पहुंचे भाकियू किसान के पदाधिकारियों में मंडल प्रभारी भूपेंद्र सिंह, कानपुर नगर जिला अध्यक्ष हरिओम सिंह, जिला संगठन मंत्री शैलेंद्र सिंह उर्फ बीनू भदौरिया, तहसील अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद यादव और रामू यादव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों की बात सुनी और उनकी मांग को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिया। वहीं, धरने पर बैठे किसानों ने भी अपनी समस्या के समाधान की मांग दोहराई।

किसान संगठन ने स्पष्ट किया कि वह किसानों की मांग के समर्थन में खड़ा है और प्रशासन से जल्द समाधान की अपेक्षा करता है।

विकास परियोजनाओं के साथ किसानों की सुविधा पर जोर

रिंग रोड और रेलवे लाइन जैसी परियोजनाएं यातायात और परिवहन व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण होती हैं। हालांकि, ऐसी परियोजनाओं के निर्माण के दौरान स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के आवागमन से जुड़े मुद्दे भी सामने आ सकते हैं।

ऐसे में जरूरी है कि परियोजनाओं के निर्माण और संचालन के साथ स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाए। किसानों के खेतों तक पहुंचने के रास्ते को लेकर उठी मांग भी इसी तरह के स्थानीय मुद्दे से जुड़ी है।

यदि प्रशासन संबंधित विभागों के साथ मिलकर मौके का निरीक्षण करता है और किसानों की वास्तविक समस्या सामने आती है, तो उसके आधार पर उचित समाधान निकाला जा सकता है। इससे धरना प्रदर्शन को लेकर बनी स्थिति को भी बातचीत के जरिए समाप्त करने में मदद मिल सकती है।

किसानों को समाधान का इंतजार

फिलहाल भूल गांव में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। किसान चाहते हैं कि उनके खेतों तक आने-जाने के लिए रास्ते की व्यवस्था की जाए। वहीं, भाकियू किसान ने किसानों की मांग का समर्थन करते हुए अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग किसानों की मांग पर क्या कदम उठाते हैं। यदि मौके की जांच के बाद किसानों की समस्या का समाधान किया जाता है, तो इससे लंबे समय से चल रहे विवाद को समाप्त करने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल किसानों ने अपनी मांग को लेकर धरना जारी रखने की बात कही है। वहीं, किसान संगठन की ओर से भी प्रशासन से संवाद स्थापित कर समस्या का समाधान कराने की अपील की गई है।

जय जवान, जय किसान के नारे के साथ भाकियू किसान ने किसानों के हित में अपनी आवाज उठाने की बात कही है। अब इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई और किसानों के साथ होने वाली बातचीत पर सभी की नजर बनी हुई है।

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